पोर्न स्टार को रिश्वत देने का मामलाः अभियोजन ने कहा- पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने सबूत मिटाए
पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने मुक़दमे की सुनवाई शुरू होने से पहले इस अदालती कार्रवाई को ‘चुनावी प्रक्रिया में दख़ल’ बताया है.
सारांश
सूरत में कांग्रेस के प्रत्याशी का पर्चा रद्द होने के बाद बीजेपी उम्मीदवार निर्विरोध विजेता घोषित.
इसराइल के मिलिट्री इंटेलिजेंस प्रमुख ने हमास हमले में सुरक्षा चूक की ज़िम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ा.
ग़ज़ा के ख़ान यूनिस में अस्पताल में मिली सामूहिक क़ब्र से 200 शव बरामद.
भारत के 17 साल के ग्रैंड मास्टर डी गुकेश विश्व चैंपियनशिप के सबसे युवा दावेदार बन गए हैं.
ओवैसी ने कहा, 'पीएम मोदी की बस एक ही गारंटी है, भारत के मुसलमानों को गालियां दो'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा है कि कांग्रेस मां-बहनों का सोना लेकर 'घुसपैठियों को बांटना' चाहती है.
आईपीएल 17 के 36वें मुकाबले में केकेआर ने आरसीबी को एक रन से हराया.
रूस ने दावा किया है कि उसकी सेना यूक्रेन के अहम शहर के करीब पहुंच गई है.
लाइव कवरेज
प्रवीण
17 साल के भारतीय ग्रैंड मास्टर डी गुकेश ने रचा इतिहास
इमेज स्रोत, International Chess Federation
इमेज कैप्शन, डी गुकेश
भारत के 17 साल के ग्रैंड मास्टर डी गुकेश विश्व चैंपियनशिप के सबसे युवा दावेदार बन गए हैं.
डी गुकेश ने पहले चेन्नई में हुए क्वालिफाइंग इवेंट 'द कैंडिडेट' टूर्नामेंट में जीत हासिल की.
इसके बाद टोरंटो में डी गुकेश अमेरिका के नाकामुरा के साथ फाइनल राउंड को ड्रॉ खेलने में कामयाब रहे.
हालांकि फाइनल नतीजे के लिए डी गुकेश को अमेरिका के कारूआना और रूस के नेपोमनियाच्ची के बीच खेले गए गेम के नतीजे का इंतजार करना पड़ा.
इन दोनों का मुकाबला ड्रॉ रहने के बाद गुकेश विश्व शतरंज चैंपियनशिप के सबसे युवा दावेदार बन गए.
ओवैसी ने कहा, 'पीएम मोदी की बस एक ही गारंटी है, भारत के मुसलमानों को गालियां दो'
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, ओवैसी
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पीएम मोदी की रविवार को मुसलमानों पर की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी है.
ओवैसी का कहना है, ''पीएम मोदी की बस एक ही गारंटी है और वो ये कि भारत के मुसलमानों को गालियां दो और वोट बटोरो.''
ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''आज मुसलमानों को घुसपैठिए बुलाया और कहा कि उनके ज़्यादा बच्चे होते हैं. 2002 से लेकर अब तक, मोदी की बस एक ही गारंटी रही है- भारत के मुसलमानों को गालियां दो और वोट बटोरो.''
ओवैसी बोले, ''अगर बात मुल्क की संपत्ति की हो रही है तो मोदी सरकार में देश के धन पर पहला हक़ उनके अरबपति दोस्तों का रहा है. भारत के 1% लोग आज देश का 40% धन खा गए. आम हिन्दुओं को मुसलमानों का डर दिखाया जा रहा है, पर सच तो यही है कि आपके पैसों से कोई और अमीर हो रहा है.''
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
रविवार को राजस्थान में एक रैली के दौरान पीएम मोदी ने कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा था, "पहले जब उनकी सरकार थी तब उन्होंने कहा था कि देश की संपत्ति पर पहला अधिकार मुसलमानों का है, इसका मतलब ये संपत्ति इकट्ठा करके किसको बाँटेंगे- जिनके ज़्यादा बच्चे हैं उनको बाँटेंगे, घुसपैठियों को बाँटेंगे. क्या आपकी मेहनत का पैसा घुसपैठियों को दिया जाएगा? आपको मंज़ूर है ये?"
विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस भाषण की आलोचना की है और कहा है कि प्रधानमंत्री नफ़रत के बीज बो रहे हैं.
कांग्रेस का कहना है कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और देश का संविधान यहां सभी धर्म और जाति के नागरिकों को बराबरी का अधिकार देता है.
पीएम मोदी ने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के जिस बयान का ज़िक्र किया, वो मनमोहन सिंह ने साल 2006 में राष्ट्रीय विकास परिषद (एनडीसी) की बैठक में भाषण दिया था.
मनमोहन सिंह ने कहा था, "मेरा मानना है कि हमारी सामूहिक प्राथमिकताएं स्पष्ट हैं- कृषि, सिंचाई-जल संसाधन, स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण निवेश और सामान्य बुनियादी ढांचे के लिए आवश्यक सार्वजनिक निवेश की ज़रूरतें. साथ ही अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्गों के उत्थान के लिए कार्यक्रम, अल्पसंख्यक और महिलाएं और बच्चों के लिए कार्यक्रम."
उन्होंने कहा था, "अनुसूचित जातियों और जनजातियों को पुनर्जीवित करने की ज़रूरत है. हमें नई योजनाएं लाकर ये सुनिश्चित करना होगा कि अल्पसंख्यकों का और ख़ासकर मुसलमानों का भी उत्थान हो सके, विकास का फायदा मिल सके. इन सभी का संसाधनों पर पहला दावा होना चाहिए. केंद्र के पास बहुत सारी ज़िम्मेदारियां हैं और ओवर-ऑल संसाधनों की उपलब्धता में सबकी ज़रूरतों का समावेश करना होगा."
ध्यान देने वाली बात यह है कि मनमोहन सिंह ने यह भाषण अंग्रेजी में दिया था और उन्होंने अधिकार या हक शब्द का इस्तेमाल नहीं किया था, जबकि उन्होंने अंग्रेजी में 'क्लेम' शब्द का इस्तेमाल किया था.