पोर्न स्टार को रिश्वत देने का मामलाः अभियोजन ने कहा- पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने सबूत मिटाए
पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने मुक़दमे की सुनवाई शुरू होने से पहले इस अदालती कार्रवाई को ‘चुनावी प्रक्रिया में दख़ल’ बताया है.
सारांश
सूरत में कांग्रेस के प्रत्याशी का पर्चा रद्द होने के बाद बीजेपी उम्मीदवार निर्विरोध विजेता घोषित.
इसराइल के मिलिट्री इंटेलिजेंस प्रमुख ने हमास हमले में सुरक्षा चूक की ज़िम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ा.
ग़ज़ा के ख़ान यूनिस में अस्पताल में मिली सामूहिक क़ब्र से 200 शव बरामद.
भारत के 17 साल के ग्रैंड मास्टर डी गुकेश विश्व चैंपियनशिप के सबसे युवा दावेदार बन गए हैं.
ओवैसी ने कहा, 'पीएम मोदी की बस एक ही गारंटी है, भारत के मुसलमानों को गालियां दो'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा है कि कांग्रेस मां-बहनों का सोना लेकर 'घुसपैठियों को बांटना' चाहती है.
आईपीएल 17 के 36वें मुकाबले में केकेआर ने आरसीबी को एक रन से हराया.
रूस ने दावा किया है कि उसकी सेना यूक्रेन के अहम शहर के करीब पहुंच गई है.
लाइव कवरेज
प्रवीण
पोर्न स्टार को रिश्वत देने का मामलाः अभियोजन ने कहा- पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने सबूत मिटाए
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अमेरिका के न्यूयॉर्क की अदालत में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ख़िलाफ़ चल रहे अभूतपूर्व आपराधिक मुक़दमे की सुनवाई के दौरान अभियोजकों ने कहा है कि ट्रंप ने साज़िश रची और सबूत मिटाने की कोशिश की.
अभियोजकों ने कहा है कि व्यवहारिक ज्ञान से ही जूरी को लग जाएगा कि वो दोषी हैं.
ट्रंप पर रिश्वत देने के लिए कारोबारी रिकॉर्ड में हेरफेर के आरोप हैं जिन्हें उन्होंने खारिज किया है.
आरोप है कि ट्रंप ने साल 2016 के राष्ट्रपति चुनावों से पहले पोर्न अभिनेत्री को जुबान बंद रखने के लिए जो पैसे दिए थे उन्हें रिकॉर्ड में हेरफेर करके दर्शाया गया था.
ट्रंप ने साल 2016 का राष्ट्रपति चुनाव जीत लिया था.
मुक़दमे की सुनवाई के दौरान न्यूयॉर्क की अदालत खचाखच भरी थी.
ट्रंप के वकीलों ने कहा है कि वो मासूम हैं.
पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने मुक़दमे की सुनवाई शुरू होने से पहले इस अदालती कार्रवाई को ‘चुनावी प्रक्रिया में दख़ल’ बताया है.
अमेरिका में नवंबर 2024 में राष्ट्रपति चुनाव होने हैं और ट्रंप इनमें दावेदारी कर रहे हैं.
उनका कहना है कि ये मुक़दमा उनके चुनावी अभियान को प्रभावित करने के मक़सद से किया गया है.
पोर्न अभिनेत्री स्टॉर्मी डेनियल्स ने आरोप लगाये थे कि ट्रंप ने उनके साथ सेक्स किया था. हालांकि ट्रंप इन आरोपों को ख़ारिज करते रहे हैं.
ट्रंप की तरफ़ से स्टॉर्मी डेनियल्स को मुंह बंद रखने के लिए एक लाख तीस हज़ार डॉलर दिलवाये गए थे.
इस मामले में अभियोजन के मुख्य गवाह माइकल कोहेन हैं. दावा है कि कोहेन ने ही स्टॉर्मी डेनियल्स को पैसा दिया था.
कांग्रेस ने 7 और उम्मीदवार घोषित किए, अब तक 301 लोगों को दिए टिकट
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इमेज कैप्शन, कांग्रेस नेता राहुल गांधी
लोकसभा चुनाव 2024 के लिए कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को बिहार और पंजाब के लिए सात और उम्मीदवारों की सूची जारी की है.
पार्टी ने बिहार में पश्चिम चंपारण से मदन मोहन तिवारी, मुज़फ़्फ़रपुर से अजय निषाद, महाराजगंज से आकाश प्रसाद सिंह को उम्मीदवार बनाया है.
बिहार की अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित सीट समस्तीपुर से सन्नी हज़ारी, सासाराम से मनोज कुमार को मैदान में उतारा है.
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वहीं पंजाब की अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित सीटों होशियारपुर से यामिनी गोमर और फ़रीदकोट से अमरजीत कौर साहोके को उम्मीदवार बनाया है.
कांग्रेस पार्टी अभी तक अपने 301 उम्मीदवारों के नाम घोषित कर चुकी है.
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अब हिमंता बिस्वा सरमा बोले- पाकिस्तान के लोगों के लिए है कांग्रेस का घोषणा पत्र
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इमेज कैप्शन, असम के मुख्यमंंत्री हिमंता बिस्वा सरमा
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा है कि कांग्रेस ने अपना घोषणा पत्र पाकिस्तान के लोगों को ध्यान में रखकर बनाया है.
एक बयान में हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा है, “कांग्रेस पार्टी का घोषणा पत्र इस तरीक़े से बनाया गया है कि वो पाकिस्तान में चुनाव जीते, ये घोषणा पत्र पाकिस्तान के लोगों के लिए अधिक और भारत के लोगों के लिए कम है.”
उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी ने ऐसा घोषणा पत्र जारी किया है जो आम लोगों के संसाधन लूटेगा और कांग्रेस देश की अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर देगी. हमने कांग्रेस के घोषणा पत्र को सबसे सटीक तरीके से समझा है.”
हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस को उसके घोषणा पत्र पर सार्वजनिक चर्चा करने की चुनौती भी दी है.
सरमा ने कहा, “मैं कांग्रेस को चुनौती देता हूं कि वो अपने घोषणा पत्र पर सार्वजनिक चर्चा करे और साबित करे कि ये तुष्टिकरण नहीं है.”
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि उन्होंने कांग्रेस का घोषणा पत्र पढ़ा है और ये निष्कर्ष निकाला है कि ये पाकिस्तान के लोगों के लिए हैं.
सरमा ने राजस्थान के बांसवाड़ा में दिए गए प्रधानमंत्री मोदी के बयान का भी समर्थन किया और कहा कि देश के संसाधनों पर सभी का हक़ है.
बांसवाड़ा में पीएम मोदी ने कहा था कि कांग्रेस देश के लोगों की संपत्तियां लेकर उन लोगों में बांट देगी जिनके अधिक बच्चे हैं और जो घुसपैठियों हैं.
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में मुसलमानों का भी ज़िक्र किया था और कहा था कि कांग्रेस मानती हैं कि देश के संसाधनों पर पहला हक़ मुसलमानों का है.
कांग्रेस ने बीजेपी नेताओें के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री और बीजेपी देश में नफ़रत के बीज बो रहे हैं.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री के बयान के बाद सोमवार को पार्टी के घोषणा पत्र पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री से वक़्त मांगा था.
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पीएम मोदी के बयान के ख़िलाफ़ चुनाव आयोग पहुंची कांग्रेस, अब तक 17 शिकायतें दीं
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कांग्रेस ने बताया कि अब तक पार्टी की तरफ़ से चुनाव आयोग को 17 शिकायतें दी जा चुकी हैं.
कांग्रेस ने रविवार को राजस्थान के बांसवाड़ा में मुसलमानों को निशाना बनाकर दिए गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान के ख़िलाफ़ भी चुनाव आयोग से शिकायत की है.
कांग्रेस ने एक बयान जारी कर कहा है, “देश के प्रधानमंत्री ने राजस्थान में जिस तरह एक समुदाय के लिए भद्दा वक्तव्य दिया, वह चुनाव आयोग का उल्लंघन है. चुनाव आयोग को इस पर सख्त कार्यवाही करनी चाहिए. इस बयान से देश के संविधान, प्रधानमंत्री पद, चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा हो गया है.”
कांग्रेस ने गुजरात समेत कई जगहों पर सरकार की तरफ़ से लगाई गईं तस्वीरों को लेकर भी शिकायत दी है.
कांग्रेस का आरोप है कि सरकार की तरफ़ से लगाई गईं ये तस्वीरें सिर्फ़ धर्म की बातें करती हैं.
कांग्रेस की तरफ़ से सूरत में बीजेपी के उम्मीदवार को निर्विरोध चुने जाने को लेकर भी चुनाव आयोग को शिकायत दी गई है.
सूरत में कांग्रेस के उम्मीदवार का पर्चा निरस्त कर दिया गया है. आरोप है कि उम्मीदवार ने प्रस्तावकों के फर्जी हस्ताक्षर किए थे. इसके बाद बाक़ी उम्मीदवारों ने अपने पर्चे वापस ले लिए. ज़िला प्रशासन ने सोमवार को बीजेपी उम्मीदवार को विजेता घोषित कर दिया.
कांग्रेस ने कहा है, “सबसे बड़ी बात- जितने भी बीजेपी के विपक्ष के नेता हैं, सब नामांकन वापस ले लेते हैं. ऐसे में सूरत के चुनाव को स्थगित करना चाहिए.”
कांग्रेस ने एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम के ख़िलाफ़ भी चुनाव आयोग को शिकायत दी है.
कांग्रेस ने कहा है, “न्यूज़ 18 चैनल के अमिश देवगन का एक प्रोग्राम भद्दा होने के साथ ही आपसी वैमनस्य, गैरक़ानूनी और धर्म-पंथ निरपेक्षता के विरुद्ध है, जिस पर प्रतिबंध लगाना आवश्यक है.”
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चीन के लिए जासूसी के आरोप के बाद जर्मनी से लेकर ब्रिटेन तक गिरफ्तारियां, क्या है मामला
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चीन के लिए जासूसी के आरोप में ब्रिटेन में दो लोगों पर आरोप तय किए गए हैं वहीं जर्मनी में तीन संदिग्धों को गिरफ़्तार किया गया है.
ब्रिटेन में संसद में एक शोधकर्ता और एक अन्य व्यक्ति पर चीन के लिए जासूसी करने के आरोप तय किए गए हैं.
29 वर्षीय शोधकर्ता क्रिस्टोफ़र कैश और 32 वर्षीय क्रिस्टोफ़र बैरी पर अधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है.
ब्रिटेन की चरमपंथ विरोधी पुलिस का कहना है कि ये आरोप बेहद गंभीर प्रवृत्ति के हैं.
इन दोनों अभियुक्तों को पिछले साल मार्च में एक जांच के दौरान गिरफ़्तार किया गया था.
जानकारी के मुताबिक़ क्रिस्टोफ़र कैश संसद में शोधकर्ता थे और उनके पास कई कंज़रवेटिव सांसदों से जुड़ी गुप्त जानकारियां थीं.
वहीं जर्मनी की पुलिस का कहना है कि उसने चीन के लिए जासूसी करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ़्तार किया है.
मुख्य संदिग्ध थॉमस आर पर आरोप है कि वो चीन के आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय के लिए काम कर रहे थे.
अभियोजकों का कहना है थॉमस एक फ्रंट कंपनी संचालित कर रहे थे जो जर्मनी की शोध संस्थाओं के साथ मिलकर काम कर रही थी.
आरोप है कि उन्होंने संवेदनशील जानकारियां इकट्ठा की. इनमें युद्धक जहाज़ों में काम आ सकने वाले एक इंजन के डिज़ाइन भी शामिल हैं. थॉमस ने इन जानकारियों को चीन के साथ साझा किया.
जर्मनी के अभियोजकों का आरोप है कि थॉमस और उनके सहयोगियों ने ऐसी जानकारियां जुटाई जिनका सैन्य इस्तेमाल किया जा सकता है.
उच्च-गुणवत्ता वाले मरीन इंजनों के संबंध में ये लोग अपना काम पूरा कर चुके थे.
ब्रिटेन जल्द ही प्रवासियों को रवांडा भेजेगा: ऋषि सुनक
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ब्रितानी प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने कहा है कि ब्रिटेन जल्द ही प्रवासियों को रवांडा भेजने के लिए इकतरफ़ा उड़ाने शुरू करेगा.
सुनक ने अवैध प्रवासियों को ब्रिटेन आने से रोकने के लिए प्रतिबद्धता ज़ाहिर की है.
उन्होंने कहा है कि वो आश्वस्त हैं कि इस संबंध में लाये जा रहे अहम क़ानून को संसद से पारित करा लिया जाएगा.
उन्होंने कहा, “निसंदेह ऐसा होगा.”
ब्रिटेन की प्रवासियों को रोकने की इस योजना का मक़सद अवैध प्रवासियों को फ़्रांस के रास्ते छोटी नावों से ब्रिटेन में दाख़िल होने से हतोत्साहित करना है.
हालांकि इस क़ानून के सामने कई क़ानूनी चुनौतियां भी आ सकती हैं.
सर्वेक्षणों से पता चला है कि अधिकतर लोग प्रवासियों पर ब्रितानी सरकार की इस नई नीति का समर्थन करते हैं लेकिन इसके विरोधियों का कहना है कि ये ना सिर्फ़ नैतिक रूप से ग़लत है बल्कि ये बहुत ख़र्चीली भी साबित होगी.
ये विधेयक पिछले चार महीनों से ब्रितानी संसद में लटका है. विधेयक को बार-बार विरोध और संशोधनों का सामना करना पड़ रहा है.
अखिलेश यादव ने कहा प्रधानमंत्री का बयान दुनिया भर में फैले समुदाय विशेष का अपमान
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अखिलेश यादव ने राजस्थान के बांसवाड़ा में रविवार को कांग्रेस पार्टी और मुसलमानों को निशाना बनाकर दिए गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान की आलोचना करते हुए इस पर जवाब दिया है.
सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखते हुए अखिलेश यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री के बयान एक समुदाय विशेष के बारे में नाम लेकर ग़लत बात कहना पुरी दूनिया में फैले उस समुदाय का अपमान है.
हालांकि अखिलेश यादव ने एक्स पर की गई अपनी पोस्ट में मुसलमान शब्द का इस्तेमाल नहीं किया है.
पीएम मोदी ने क्या कहा था
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांसवाड़ा की रैली में कहा था, "पहले जब उनकी सरकार थी तब उन्होंने कहा था कि देश की संपत्ति पर पहला अधिकार मुसलमानों का है, इसका मतलब ये संपत्ति इकट्ठा करके किसको बांटेंगे- जिनके ज़्यादा बच्चे हैं उनको बांटेंगे, घुसपैठियों को बांटेंगे. क्या आपकी मेहनत का पैसा घुसपैठियों को दिया जाएगा? आपको मंज़ूर है ये?"
मोदी ने कहा, "ये कांग्रेस का मेनिफेस्टो कह रहा है कि वो मां-बहनों के सोने का हिसाब करेंगे, उसकी जानकारी लेंगे और फिर उसे बांट देंगे और उनको बांटेंगे जिनको मनमोहन सिंह की सरकार ने कहा था कि संपत्ति पर पहला अधिकार मुसलमानों का है.”
अखिलेश यादव ने लिखा है, “भाजपा के सर्वोच्च पदों पर बैठे लोग चुनावी रैली में अनर्गल बातें कहकर कांग्रेस के लिए जो झूठ फैला रहे हैं, उससे भाजपा का अपना झूठ बाहर आ रहा है. एक तरफ़ वो दावा कर रहे हैं कि 400 सीट पाकर जीतने वाले हैं; दूसरी तरफ़ वो विपक्ष के जीतने पर क्या होगा कहकर जनता को डरा कर चुनाव में कुछ वोट पाना चाहते हैं.”
अखिलेश ने लिखा, “एक समुदाय विशेष के बारे में नाम लेकर गलत बात कहना पूरी दुनिया में फैले उस समुदाय का अपमान है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इससे देश की सेक्युलर और लोकतांत्रिक पहचान को बहुत ठेस पहुँची है. ये एक बेहद आपत्तिजनक बयान है, जिसकी कोई माफ़ी तक नहीं हो सकती.”
उन्होंने कहा कि प्रथम चरण की वोटिंग के बाद, ये हताशा भरा बयान देश से भाजपा की सरकार जाने का सबसे पहला बयान भी है और रूझान भी है.
अमित शाह बोले, देश के मठ, मंदिर और सबकी संपत्ति पर है कांग्रेस की नज़र
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भारत के गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के कांकेर में चुनावी रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजस्थान के बांसवाड़ा में दिए बयान को दोहराते हुए कहा है कि कांग्रेस पार्टी की नज़र देश के मठों, मंदिरों और सबकी संपत्तियों पर है.
अमित शाह ने कहा, “कांग्रेस पार्टी को मिर्ची लगी, मोदी जी ने उनके घोषणापत्र में से सबकी संपत्ति का सर्वे करने का कहा है.”
अमित शाह ने कहा, “मैं आज कांग्रेस पार्टी से पूछना चाहता हूं कि आपके घोषणा पत्र में सर्वे की बात है या नहीं है.”
अमित शाह ने कहा, “आपके प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि संसाधन पर पहला अधिकार अल्पसंख्यकों का है, आदिवासी और दलितों का नहीं है. आदिवासी दलित का नहीं है. देश भर के मठ मंदिर और सबकी संपत्ति पर जो नज़र है वो पैसा कहां जाने वाला है?"
"मनमोहन सिंह को याद करो, उन्होंने कहा कि पैसे पर, राजस्व पर, संसाधन पर सबसे पहला अधिकार अल्पसंख्यकों का है. हम कहते हैं कि संसाधन पर पहला अधिकार देश के ग़रीब का है, आदिवासी का है, दलित का है, पिछड़ा समाज का है.”
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प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा है?
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को राजस्थान की रैली में पूर्व प्रधानंमत्री मनमोहन सिंह के 2006 में दिए गए एक बयान का संदर्भ लेते हुए कहा था कि, "पहले जब उनकी सरकार थी तब उन्होंने कहा था कि देश की संपत्ति पर पहला अधिकार मुसलमानों का है, इसका मतलब ये संपत्ति इकट्ठा करके किसको बांटेंगे- जिनके ज़्यादा बच्चे हैं उनको बांटेंगे, घुसपैठियों को बांटेंगे. क्या आपकी मेहनत का पैसा घुसपैठियों को दिया जाएगा? आपको मंज़ूर है ये?"
मोदी ने कहा, "ये कांग्रेस का मेनिफेस्टो कह रहा है कि वो मां-बहनों के सोने का हिसाब करेंगे, उसकी जानकारी लेंगे और फिर उसे बांट देंगे और उनको बांटेंगे जिनको मनमोहन सिंह की सरकार ने कहा था कि संपत्ति पर पहला अधिकार मुसलमानों का है.”
कांग्रेस ने कहा नफ़रत के बीज बो रहे हैं प्रधानमंत्री
विपक्षी कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस भाषण की कड़ी आलोचना की है और कहा है कि प्रधानमंत्री नफ़रत के बीज बो रहे हैं.
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने रविवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कहा, "देश के प्रधानमंत्री ने आज फिर झूठ बोला. एक चुनाव जीतने के लिए आप झूठ पर झूठ परोसते चले जाओगे जनता को. चलिए आपकी गारंटियां झूठी, आपके जुमले झूठे, आपके वादे झूठे."
उन्होंने कहा, "आप देश को हिंदू-मुसलमान के नाम पर झूठ परोसकर बांट रहे हैं. मैं चुनौती देता हूं प्रधानमंत्री को कि कांग्रेस के मेनिफेस्टो में कहीं भी मुसलमान और हिंदू शब्द हो तो हमें बताएं और ये चुनौती स्वीकार करें या नहीं तो झूठ बोलना बंद करें."
मनमोहन सिंह ने क्या कहा था?
भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने साल 2006 में राष्ट्रीय विकास परिषद (एनडीसी) की बैठक में भाषण दिया था.
मनमोहन सिंह ने कहा था, "मेरा मानना है कि हमारी सामूहिक प्राथमिकताएं स्पष्ट हैं- कृषि, सिंचाई-जल संसाधन, स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण निवेश और सामान्य बुनियादी ढांचे के लिए आवश्यक सार्वजनिक निवेश की ज़रूरतें. साथ ही अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्गों के उत्थान के लिए कार्यक्रम, अल्पसंख्यक और महिलाएं और बच्चों के लिए कार्यक्रम."
उन्होंने कहा था, "अनुसूचित जातियों और जनजातियों को पुनर्जीवित करने की ज़रूरत है. हमें नई योजनाएं लाकर ये सुनिश्चित करना होगा कि अल्पसंख्यकों का और ख़ासकर मुसलमानों का भी उत्थान हो सके, विकास का फायदा मिल सके. इन सभी का संसाधनों पर पहला दावा होना चाहिए. केंद्र के पास बहुत सारी ज़िम्मेदारियां हैं और ओवर-ऑल संसाधनों की उपलब्धता में सबकी ज़रूरतों का समावेश करना होगा."
ध्यान देने वाली बात यह है कि मनमोहन सिंह ने यह भाषण अंग्रेजी में दिया था और उन्होंने अधिकार या हक शब्द का इस्तेमाल नहीं किया था, जबकि उन्होंने अंग्रेजी में 'क्लेम' शब्द का इस्तेमाल किया था. यह भाषण पीएमओ आर्काइव पर उपलब्ध है.
सूरतः कांग्रेस प्रत्याशी का पर्चा रद्द, बीजेपी उम्मीदवार निर्विरोध विजेता घोषित
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इमेज कैप्शन, अन्य दलों के उम्मीदवारों के पर्चा वापस लेने के बाद बीजेपी ने अपने उम्मीदवार की निर्विरोध जीत का दावा किया है
गुजरात के सूरत में लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार नीलेश कुंभानी का पर्चा रद्द होने के बाद अब नया मोड़ आ गया है.
कांग्रेस उम्मीदवार का पर्चा रद्द होने के बाद बाक़ी सभी निर्दलीय उम्मीदवारों ने पर्चा वापस ले लिया है जिसके बाद बीजेपी उम्मीदवार को निर्विरोध चुन लिया गया है.
बीबीसी गुजराती सेवा के मुताबिक सूरत के कलेक्टर और रिटर्निंग ऑफ़िसर ने बीजेपी प्रत्याशी मुकेश दलाल को निर्विरोध विजेता घोषित कर दिया है.
सूरत में बीबीसी के सहयोगी पत्रकार रूपेश सोनावने के मुताबिक़ कांग्रेस उम्मीदवार का पर्चा रद्द हो जाने के बाद 9 उम्मीदवार मैदान में रह गए थे लेकिन सभी निर्दलीय उम्मीदवारों ने अपने पर्चे वापस ले लिए हैं.
कांग्रेस उम्मीदवार का पर्चा निरस्त होने के बाद बीएसपी उम्मीदवार प्यारेलाल भारती पर सबकी नज़रें थीं लेकिन अब उन्होंने भी अपना पर्चा वापस ले लिया है.
बीजेपी ने कांग्रेस उम्मीदवार के नामांकन पत्र पर आपत्ति जताई थी और अब प्रशासन ने इसे रद्द कर दिया है.
दरअसल, कांग्रेस प्रत्याशी के प्रस्तावक, विवाद के बाद पेश नहीं हुए थे, जिसके बाद उनका पर्चा रद्द हो गया. इसी के साथ कांग्रेस के डमी प्रत्याशी सुरेश पडसाला का पर्चा भी निरस्त हो गया.
बीजेपी ने कांग्रेस के उम्मीदवार के पर्चे पर सवाल उठाये थे. जिसके बाद रविवार को दोनों पक्षों ने रिटर्निंग ऑफ़िसर के समक्ष अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं और आख़िरकार कांग्रेसी उम्मीदवार का पर्चा ही ख़ारिज कर दिया गया.
दावा है कि नीलेश के चार प्रस्तावकों में से तीन ने आरोप लगाया था कि फॉर्म पर उनके फ़र्ज़ी हस्ताक्षरों का इस्तेमाल किया गया.
विवाद बढ़ने के बाद रिटर्निंग ऑफ़िसर ने कांग्रेस प्रत्याशी को रविवार 11 बजे स्पष्टीकरण देने का समय दिया था.
जिन तीन प्रस्तावकों ने अपने हस्ताक्षर फ़र्ज़ी होने का दावा किया है वो तीनों ही कांग्रेस प्रत्याशी नीलेश कुंभानी के बेहद क़रीबी हैं. इसमें एक उनके बहनोई, एक भतीजा और एक उनके कारोबारी पार्टनर हैं.
आरोप है कि इन तीनों ही प्रस्तावकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है.
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि इन प्रस्तावकों का अपहरण किया गया है ताकि पर्चा रद्द कराया जा सके.
कुंभानी ने स्थानीय थाने में अपने प्रस्तावकों के अपहरण का आरोप लगाते हुए शिकायत भी दर्ज कराई है.
ग़ज़ाः ख़ान यूनिस के अस्पताल में सामूहिक क़ब्र से मिले 200 से अधिक शव
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इमेज कैप्शन, ख़ान यूनिस का नासेर अस्पताल
ग़ज़ा की सिविल डिफेंस एजेंसी का कहना है कि ख़ान यूनिस के नासेर अस्पताल से अब तक 200 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं.
ये शव एक सामूहिक क़ब्र में दफ़नाए गए थे.
हमास संचालित इस एजेंसी का कहना है कि ये शव अस्पताल के बरामदे में दफ़नाए गए थे.
इस अस्पताल को इसराइल के सैन्य बलों ने अपने नियंत्रण में ले लिया था.
एजेंसी का कहना है कि इसराइली क़ब्ज़े के दौरान कुछ लोगों का नरसंहार किया गया है जबकि कुछ शवों को पहले से अधिकृत क़ब्रिस्तान से ख़ोदकर बरामदे की सामूहिक क़ब्र में दफ़नाया गया था.
वहीं इसराइल का कहना है कि वो अस्पताल में शवों के मिलने से जुड़ी रिपोर्टों की जांच कर रहा है.
इस मेडिकल कॉम्प्लेक्स के इर्द-गिर्द के इलाक़े में कई सप्ताह चली भीषण लड़ाई के बाद दो सप्ताह पहले इसराइली बल ख़ान यूनिस से पीछे हट गए थे.
अक्तूबर 2023 में इसराइल पर हमास के हमले के बाद से इसराइली सैन्य बल ग़ज़ा में व्यापक सैन्य अभियान चला रहे हैं.
हमास संचालित ग़ज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक इसराइली हमलों में अब तक 35 हज़ार से अधिक फ़लस्तीनी मारे जा चुके हैं जिनमें दो तिहाई के क़रीब महिलाएं और बच्चे हैं.
इसराइली सेना के मिलिट्री इंटेलिजेंस प्रमुख ने दिया इस्तीफ़ा
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इसराइल की मिलिट्री इंटेलिजेंस के प्रमुख अहारून हालीवा ने इस्तीफ़ा दे दिया है.
अक्तूबर 2023 में इसराइल पर हमास के हमले के बाद इस्तीफ़ा देने वाले हालीवा पहले शीर्ष इसराइली अधिकारी हैं.
पिछले साल हालीवा ने सुरक्षा में चूक की ज़िम्मेदारी स्वीकार की थी.
उन्होंने कहा था कि सुरक्षा में चूक होने की वजह से ही हमला हो सका.
7 अक्तूबर को हुए इस हमले में 1200 से अधिक इसराइली मारे गए थे और सैकड़ों इसराइलों को हमास ने अग़वा कर लिया था.
इसराइली सेना की तरफ़ से जारी बयान में कहा गया है कि नया ख़ुफ़िया प्रमुख नियुक्त होने के बाद मेजर जनरल अहारून हालीवा अपना पद छोड़ देंगे.
विश्लेषकों का मानना है कि हालीवा के इस्तीफ़े के बाद इसराइली सेना में और कई शीर्ष अधिकारी इस्तीफा दे सकते हैं.
अब पीएम मोदी बोले- कांग्रेस और सपा जैसी पार्टियों ने मुसलमानों के लिए कुछ नहीं किया
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भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अलीगढ़ में भाजपा की चुनावी रैली में एक बार फिर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी जैसी पार्टियों पर मुसलमानों के तुष्टिकरण का आरोप लगाया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मतदाताओं से बढ़-चढ़कर मतदान में हिस्सा लेने की अपील भी की.
उन्होंने समाजवादी पार्टी की पूर्व सरकार पर दबंगई और गुंडागर्दी को बढ़ावा देने के आरोप लगाये और दावा किया कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार में अपराधियों की हिम्मत नहीं है कि वो नागरिकों का अमन-चैन बिगाड़े.
अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस और सपा जैसी पार्टियों ने मुसलमानों के लिए कभी कुछ नहीं किया है.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “कांग्रेस और सपा जैसी पार्टियों ने हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति की और मुसलमानों के राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक उत्थान के लिए कभी कुछ नहीं किया.”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “जब मैं पसमांदा मुसलमानों की मुसीबत की चर्चा करता हूं, तो इनके बाल खड़े हो जाते हैं. क्योंकि ऊपर के लोगों ने मलाई खाई और पसमांदा मुसलमानों को उनके हालात पर जीने के लिए मजबूर कर दिया गया है.”
रविवार को राजस्थान के बांसवाड़ा में प्रधानमंत्री मोदी के भाषण को लेकर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी.
बांसवाड़ा में मोदी ने कहा था कि कांग्रेस की सरकार आई तो वह लोगों की संपत्तियां लेकर अधिक बच्चे वालों और घुसपैठियों में बांट देगी.
प्रधानमंत्री ने साल 2006 में दिए गए तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बयान का संदर्भ लेते हुए कहा था कि कांग्रेस कहती है कि भारत के संसाधनों पर पहला अधिकार मुसलमानों का है.
रविवार को बांसवाड़ा में मोदी ने कहा था, "पहले जब उनकी सरकार थी तब उन्होंने कहा था कि देश की संपत्ति पर पहला अधिकार मुसलमानों का है, इसका मतलब ये संपत्ति इकट्ठा करके किसको बांटेंगे- जिनके ज़्यादा बच्चे हैं उनको बांटेंगे, घुसपैठियों को बांटेंगे. क्या आपकी मेहनत का पैसा घुसपैठियों को दिया जाएगा? आपको मंज़ूर है ये?"
मोदी ने कहा, "ये कांग्रेस का मेनिफेस्टो कह रहा है कि वो मां-बहनों के सोने का हिसाब करेंगे, उसकी जानकारी लेंगे और फिर उसे बांट देंगे और उनको बांटेंगे जिनको मनमोहन सिंह की सरकार ने कहा था कि संपत्ति पर पहला अधिकार मुसलमानों का है. भाइयों बहनों ये अर्बन नक्सल की सोच, मेरी मां-बहनों ये आपका मंगलसूत्र भी बचने नहीं देंगे, ये यहां तक जाएंगे."
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कांग्रेस ने राजस्थान में दिए गए प्रधानमंत्री मोदी के इस बयान को मुसलमानों के ख़िलाफ़ नफ़रत फैलाने वाला बताया है.
अब अलीगढ़ में अपनी रैली में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि उनकी सरकार मुसलमान महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए काम कर रही है.
अलीगढ़ रैली में मोदी ने कहा, “इसी क्षेत्र में तीन तलाक़ से पीड़ित कितनी ही बेटियों का जीवन तबाह हो गया था. सिर्फ़ बेटियों का ही नहीं तीन तलाक़ के कारण मुसीबत में आई उस बेटी, उसके पिता, भाई परिवार सब परेशान हो जाते थे. मोदी ने तीन तलाक़ के ख़िलाफ़ क़ानून बनाकर उनका जीवन भी सुरक्षित किया है.”
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि उनकी सरकार ने भारत के मुसलमानों के लिए हज का कोटा भी बढ़वाया है.
उन्होंने ने कहा, “पहले हज कोटा कम होने की वजह से कितनी मारामारी होती थी. उसमें भी रिश्वतखोरी चलती थी और ज़्यादातर रसूखदार लोग ही हज जाने का मौक़ा पाते थे. मैंने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस से आग्रह किया था कि हमारे भारत के मुसलमान भाई बहनों के लिए हज का कोटा बढ़ायें, आज ना सिर्फ़ भारत का हज का कोटा बढ़ा है बल्कि वीज़ा नियमों को भी आसान बनाया गया है.”
उन्होंने कहा, “सरकार ने एक बहुत बड़ा अहम फ़ैसला लिया, पहले हमारी मुस्लिम माताएं-बहनें अकेले हज करने नहीं जा सकती थी, सरकार ने महिलाओं को बिना महरम हज जाने की अनुमति भी दी.”
चीन में बाढ़: हज़ारों लोगों को घरों से निकालकर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया
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चीन में लोगों को भीषण बाढ़ का सामना करना पड़ रहा है.
इस बाढ़ के कारण गुआंगदोंग प्रांत में प्रशासन ने क़रीब 60 हज़ार लोगों को उनके घरों से निकालकर सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचा दिया है.
बीते कई दिनों से चीन के इस भारी आबादी वाले प्रांत में तेज़ बारिश हो रही है. इस कारण कई जगहों पर बाढ़ की स्थिति बन गई है.
अब तक 11 लोगों के लापता होने की ख़बर है और अब तक किसी के हताहत होने की ख़बर नहीं है.
ऑनलाइन वीडियोज़ में देखा जा सकता है कि लोगों को घरों से निकालने की कोशिश हो रही है.
कई नदियों का जलस्तर उफान पर है और ये नदियां ख़तरे के निशान से ऊपर बह रही हैं.
प्रशासन की ओर से चेतावनी दी गई है कि गुआंगदोंग प्रांत में नदी का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर को छूने के क़रीब है.
भारत के ग्रैंड मास्टर डी गुकेश इतिहास रचने के बाद क्या बोले?
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भारत के 17 साल के ग्रैंड मास्टर डी गुकेश ने कहा है कि उनका अगला लक्ष्य विश्व चैंपियनशिप को जीतना है.
गुकेश इतिहास रचते हुए विश्व शतरंज चैंपियनशिप के सबसे युवा दावेदार बन गए हैं.
समाचार एजेंसी एएनआई से गुकेश ने कहा, ''मैं अपना बेस्ट करने के लिए प्लान कर रहा हूं. सही चीजें करने की कोशिश करूंगा. शतरंज खेलने के लिए जो आदर्श स्थिति होनी चाहिए, मैं उसमें रहने की कोशिश करूंगा.''
विश्वनाथन आनंद के बारे में गुकेश ने कहा, ''विश्वनाथन आनंद ने मेरी मदद की है. उन्होंने देश के कई युवा खिलाड़ियों की मदद की है. उन्होंने जो मदद की है, उसके लिए मैं शुक्रगुजार हूं.''
''मैंने अभी तक फाइनल के बारे में नहीं सोचा है. मुझे ज्यादा समय नहीं मिला. लेकिन जल्द ही मैं मैच के बारे में सोचना शुरू कर दूंगा.''
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डी गुकेश ने चेन्नई में हुए क्वालिफाइंग इवेंट 'द कैंडिडेट' टूर्नामेंट में जीत हासिल की.
इसके बाद टोरंटो में डी गुकेश अमेरिका के नाकामुरा के साथ फाइनल राउंड को ड्रॉ खेलने में कामयाब रहे.
हालांकि फाइनल नतीजे के लिए डी गुकेश को अमेरिका के कारूआना और रूस के नेपोमनियाच्ची के बीच खेले गए गेम के नतीजे का इंतजार करना पड़ा.
इन दोनों का मुकाबला ड्रॉ रहने के बाद गुकेश विश्व शतरंज चैंपियनशिप के सबसे युवा दावेदार बन गए.
नेतन्याहू बोले- मैं इसके ख़िलाफ़ अपनी पूरी ताकत के साथ लडूंगा
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इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने देश की सेना पर किसी तरह के प्रतिबंध को अस्वीकार करने की बात कही है.
नेतन्याहू ने यह बात ऐसे वक्त में कही है, जब ऐसी खबरें सामने आ रही हैं कि अमेरिका इसराइली सेना की एक यूनिट की मदद में कटौती कर सकता है.
नेतन्याहू ने रविवार को कहा, ''मैं इसके ख़िलाफ़ अपनी पूरी ताकत के साथ लडूंगा.''
एक्सियोस की न्यूज बेवसाइट पर दावा किया गया कि अमेरिका वेस्ट बैंक में कथित मानवाधिकार उल्लंघन के लिए इज़राइल की नेत्जाह येहुदा बटालियन को निशाने पर ले सकता है.
इसका मतलब हुआ कि अमेरिका अगर कोई प्रतिबंध लगाता है तो इस यूनिट को कोई विदेशी सहायता नहीं मिलेगी.
पिछले हफ्ते अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से वेस्ट बैंक में कथित मानवाधिकार उल्लंघन पर सवाल किया गया था.
इस पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा, ''मैंने दृढ़ संकल्प लिया है और उन्हें आप आने वाले कुछ दिनों में देख पाएंगे.''
अमेरिका इसराइल का मुख्य सहयोगी रहा है और उसने कभी भी इसराइल रक्षा बल (आईडीएफ) की यूनिट को कभी सस्पेंड नहीं किया है.
इसराइल की सेना ने नेत्जाह येहुदा पर लगे आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि बटालियन अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक ही ऑपरेट हो रही है.
पीएम मोदी की टिप्पणी पर कपिल सिब्बल बोले- चुनाव आयोग ने तुरंत कार्रवाई क्यों नहीं की?
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पीएम मोदी की मुसलमानों को लेकर की गई टिप्पणी पर राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा है कि अब तक चुनाव आयोग ने कार्रवाई क्यों नहीं की है?
कपिल सिब्बल ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, ''आप भाषण दे रहे हो कि महिलाओं के गहने और संपत्ति कांग्रेस पार्टी घुसपैठियों को देगी. क्या 20 करोड़ लोग इस देश के मायने नहीं रखते?''
''इतनी गिरावट राजनीति में आ जाए... ना तो हुआ है हिंदुस्तान की राजनीति में. ना मैं चाहता हूं ऐसा हो.''
कपिल सिब्बल ने कहा, ''चुनाव आयोग ने तुरंत कदम क्यों नहीं उठाया? ये जो भाषण है इसकी आपको निंदा करनी चाहिए. मोदी को नोटिस भेजना चाहिए. चैनलों को ये आदेश देना चाहिए कि ये दोहराया ना जाए.''
''चुनाव आयोग को ये नहीं भूलना चाहिए कि उसने संविधान की शपथ ली है. भेदभाव के साथ ऐसे भाषण का साथ देंगे?''
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रविवार को राजस्थान में एक रैली के दौरान पीएम मोदी ने कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा था, "पहले जब उनकी सरकार थी तब उन्होंने कहा था कि देश की संपत्ति पर पहला अधिकार मुसलमानों का है, इसका मतलब ये संपत्ति इकट्ठा करके किसको बाँटेंगे- जिनके ज़्यादा बच्चे हैं उनको बाँटेंगे, घुसपैठियों को बाँटेंगे. क्या आपकी मेहनत का पैसा घुसपैठियों को दिया जाएगा? आपको मंज़ूर है ये?"
विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस भाषण की आलोचना की है और कहा है कि प्रधानमंत्री नफ़रत के बीज बो रहे हैं.
कांग्रेस का कहना है कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और देश का संविधान यहां सभी धर्म और जाति के नागरिकों को बराबरी का अधिकार देता है.
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इमेज कैप्शन, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह
पीएम मोदी ने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के जिस बयान का ज़िक्र किया, वो मनमोहन सिंह ने साल 2006 में राष्ट्रीय विकास परिषद (एनडीसी) की बैठक में भाषण दिया था.
मनमोहन सिंह ने कहा था, "मेरा मानना है कि हमारी सामूहिक प्राथमिकताएं स्पष्ट हैं- कृषि, सिंचाई-जल संसाधन, स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण निवेश और सामान्य बुनियादी ढांचे के लिए आवश्यक सार्वजनिक निवेश की ज़रूरतें. साथ ही अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्गों के उत्थान के लिए कार्यक्रम, अल्पसंख्यक और महिलाएं और बच्चों के लिए कार्यक्रम."
उन्होंने कहा था, "अनुसूचित जातियों और जनजातियों को पुनर्जीवित करने की ज़रूरत है. हमें नई योजनाएं लाकर ये सुनिश्चित करना होगा कि अल्पसंख्यकों का और ख़ासकर मुसलमानों का भी उत्थान हो सके, विकास का फायदा मिल सके. इन सभी का संसाधनों पर पहला दावा होना चाहिए. केंद्र के पास बहुत सारी ज़िम्मेदारियां हैं और ओवर-ऑल संसाधनों की उपलब्धता में सबकी ज़रूरतों का समावेश करना होगा."
ध्यान देने वाली बात यह है कि मनमोहन सिंह ने यह भाषण अंग्रेजी में दिया था और उन्होंने अधिकार या हक शब्द का इस्तेमाल नहीं किया था, जबकि उन्होंने अंग्रेजी में 'क्लेम' शब्द का इस्तेमाल किया था.
दिल्ली: 'कूड़े के पहाड़' में आग लगने से स्थानीय लोगों को सांस लेने में दिक़्क़त, आप और बीजेपी आमने सामने
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इमेज कैप्शन, गाजीपुर 'लैंडफिल' साइट
पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर 'लैंडफिल' साइट (कूड़े का पहाड़) में रविवार शाम लगी आग अब तक बुझ नहीं पाई है.
आग लगने की वजह से स्थानीय लोगों को सांस लेने में समस्या का सामना करना पड़ रहा है.
समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए एक स्थानीय नागरिक आकाश ने कहा, ''यहां पर आग लगी है. आग लगने की वजह से आने-जाने में दिक्कत हो रही है. सबसे ज्यादा समस्या सांस लेने में हो रही है.''
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आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा है कि एमसीडी के अधिकारी आग बुझाने की कोशिश में लगे हुए हैं.
एएनआई से बात करते हुए संजय सिंह ने कहा, ''एमसीडी के अधिकारी काम पर लगे हुए हैं. जल्दी ही हालात पर काबू पा लिया जाएगा. बीजेपी को छोड़ दीजिए. बीजेपी देश की सबसे भ्रष्ट पार्टी है.''
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एमसीडी में विपक्षी पार्टी बीजेपी के नेता सरदार राजा इकबाल सिंह ने गाजीपुर लैंडफिल साइट में आग लगने के लिए आम आदमी पार्टी को जिम्मेदार ठहराया.
उन्होंने कहा, ''ये दिल्ली नगर निगम में आम आदमी पार्टी का निकम्मापन दिखाता है. कल से आग लगी हुई है, धुआं इतना ज्यादा है लोगों को परेशानी हो रही है. कूड़ा बढ़ गया है.''
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2022 के दिल्ली एमसीडी चुनाव में आम आदमी पार्टी ने गाजीपुर 'लैंडफिल' को खत्म करने का वादा किया था.
ज़ेलेंस्की बोले- इस कदम से अब बचाई जा सकेंगी हज़ारों लोगों की ज़िंदगी
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इमेज कैप्शन, वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की
अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में यूक्रेन की मदद के लिए 61 अरब डॉलर का राहत पैकेज पास होने पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने प्रतिक्रिया दी है.
ज़ेलेंस्की ने इस मदद के लिए अमेरिका का शुक्रिया अदा किया है. ज़ेलेंस्की ने कहा है कि वो अब हजारों जिंदगियां बचाने में कामयाब हो पाएंगे.
अमेरिकी कांग्रेस में यूक्रेन की मदद से जुड़े प्रस्ताव के पक्ष में 311 वोट वोट पड़े. हालांकि 112 वोट इस प्रस्ताव के खिलाफ भी पड़े.
अब यह प्रस्ताव पास होने के लिए अमेरिकी सीनेट में जाएगा. अगले कुछ दिन में सीनेट में इसके पास होने की उम्मीद है.
हालांकि यूक्रेन बीते 6 महीने से इस राहत पैकेज का इंतजार कर रहा है.
हाल ही में यूक्रेन के प्रधानमंत्री डेनिस शमिहाल ने आशंका जताई थी कि अगर रूस अगर यूक्रेन को हरा देता है तो दुनिया को तीसरे विश्वयुद्ध का सामना करना पड़ सकता है.
श्रीलंका: रेसिंग इवेंट में कार के बेकाबू होने से हुआ हादसा, सात लोगों की मौत
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श्रीलंका में रविवार को रेसिंग इवेंट के दौरान एक कार के बेकाबू होने की वजह से हुए हादसे में सात लोगों की मौत हो गई. इस घटना में 18 लोग घायल भी हुए हैं.
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हादसा श्रीलंका के सेंट्रल हिल्स इलाके में हुआ.
सेना की ओर से बताया गया कि मरने वालों में रेस का आयोजन करवाने वाले अधिकारी, दर्शक और 8 साल की एक लड़की शामिल है.
रेस का आयोजन श्रीलंका की सेना ने दियातलावा में करवाया और यह श्रीलंका सेना का 28वां इवेंट था.
रेसिंग इवेंट को देखने के लिए करीब एक लाख दर्शक पहुंचे थे. हालांकि इस हादसे के बाद इवेंट को बीच में ही रद्द कर दिया गया.
पुलिस हादसे की जांच कर रही है.
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ू की पार्टी ने संसद में बहुमत हासिल किया
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इमेज कैप्शन, मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ू
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ू की पीपुल्स नेशनल कांग्रेस (पीएनसी) पार्टी ने संसद में बहुमत हासिल कर लिया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई और एएफपी के मुताबिक मुइज़्ज़ू की पार्टी 93 में से 60 से ज़्यादा सीटें जीतने में कामयाब रही है.
मालदीव के चुनाव आयोग ने बयान जारी कर कहा कि रविवार को स्थानीय समय के अनुसार शाम 5 बजे तक क़रीब दो लाख लोगों ने बैलेट पेपर के जरिए वोट देने के अधिकार का इस्तेमाल किया.
चुनाव आयोग ने 93 सीटों पर 72.96 फीसदी मतदान होने का दावा किया.
वोट देने वालों में 104,826 पुरुष और 102,867 महिलाएं रहीं.
93 सीटों पर 368 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें 130 निर्दलीय भी शामिल थे.
मुइज़्ज़ू पिछले साल सितंबर में मोहम्मद सोलिह को हराकर राष्ट्रपति बने थे.
हालांकि अभी तक संसद में मोहम्मद सोलिह की पार्टी मालदिवियन डेमोक्रेटिक पार्टी का बहुमत था.