हमास के सीनियर अधिकारी ने कहा है कि अब ग़ज़ा में युद्धविराम और बंधकों की रिहाई को लेकर बातचीत करने का कोई फ़ायदा नहीं है.
यह बयान तब आया है जब इसराइल ने ग़ज़ा पर बड़ा सैन्य अभियान चलाने की योजना को मंजूरी दी है.
हमास के अधिकारी बासेम नईम ने बीबीसी से कहा कि जब तक इसराइल भुखमरी वाली जंग जारी रखेगा, तब तक हमास किसी भी नए समझौते पर बातचीत नहीं करेगा.
सोमवार को इसराइली सेना ने बताया कि इस अभियान का मक़सद हमास से बंधकों को छुड़ाना और उसे पूरी तरह हराना है.
इसराइली अधिकारियों ने कहा कि इस अभियान में ग़ज़ा की अधिकतर आबादी को हटाना, ज़रूरी सहायता पर क़ब्ज़ा करना और दो महीने से चल रही नाकेबंदी को आगे बढ़ाना शामिल होगा.
संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इस नाकेबंदी की वजह से ग़ज़ा में खाने की भारी कमी हो गई है.
इसराइल ने यह भी कहा है कि यह अभियान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अगले हफ़्ते क्षेत्रीय दौरे के बाद शुरू किया जाएगा. इससे पहले तक हमास के पास समझौता करने का मौका है.
हालांकि, मंगलवार को बासेम नईम ने साफ़ कहा कि 'हमास अब किसी भी नई बातचीत में शामिल नहीं होगा.'
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चेतावनी दी है कि अगर इसराइल का सैन्य अभियान बढ़ा, तो ग़ज़ा में बड़ी संख्या में आम लोग मारे जाएंगे.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने भी हालात पर चिंता जताई और कहा कि अब शांति प्रक्रिया फिर से शुरू करने की ज़रूरत है.
वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ग़ज़ा के लोगों को खाने-पीने की चीज़ें पहुंचाने में मदद करेगा.