डिजिटल पेमेंट्स और वित्तीय सेवाएं देने वाले प्लेटफॉर्म पेटीएम के सीईओ विजय शेखर शर्मा ने शुक्रवार को कहा है कि पेटीएम ऐप काम कर रहा है और 29 फरवरी के बाद भी पहले की तरह काम करता रहेगा.
पेटीएम पर स्वामित्व रखने वाली कंपनी 'वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड' (ओसीएल) के फाउंडर विजय शेखर शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है कि उनकी कंपनी देश की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है.
उन्होंने कहा, "पेटीएम इस्तेमाल करने वाले हरेक व्यक्ति के लिए... आपका फेवरिट ऐप काम कर रहा है, ये 29 फरवरी के बाद भी पहले की तरह काम करता रहेगा."
रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड पर 29 फरवरी, 2024 के बाद से प्रीपेड इंस्ट्रूमेंट्स, वैलेट्स और फास्टैग्स जैसी सेवाओं के लिए डिपोज़िट लेने, ग्राहकों के खातों में लेन-देन पर रोक लगा दी है.
पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड में ओसीएल की 49 फीसदी की हिस्सेदारी है. ओसीएल पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड को अपनी एसोशिएट कंपना बताता है न कि सब्सिडरी कंपनी.
विजय शेखर शर्मा ने कहा, "पूरी पेटीएम टीम के साथ मैं आपके निरंतर समर्थन को सलाम करता हूं. हर चुनौती का समाधान होता है और हम क़ानूनों का पूरी तरह पालन करते हुए अपने राष्ट्र की सेवा करने के लिए गंभीरतापूर्वक प्रतिबद्ध हैं. पेमेंट इन्नोवेशन और वित्तीय सेवाओं के समावेशन में भारत दुनिया का भरोसा जीतता रहेगा और 'पेटीएम करो' इसका बड़ा चैंपियन है."
पेटीएम के शीर्ष प्रबंधन ने गुरुवार को कहा था कि वो पीपीबीए, वॉलेट, फ़ास्टैग आदि यूज़र्स के माइग्रेशन के लिए अन्य बैंकों से बात कर रहा है.
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी को आशंका है कि आरबीआई के आदेश के बाद इसके सालाना संचालन मुनाफ़े में 300 से 500 करोड़ रुपये का असर पड़ सकता है क्योंकि ग्राहक पेटीएम वॉलेट में पैसा नहीं जमा कर पाएंगे.
इसके अलावा कंपनी ने सूचना दी है कि इसके बैंक को लेकर दिए गए आरबीआई के आदेश से उसके ऑफ़लाइन मर्चेंट नेटवर्क और पेटीएम साउंड बॉक्स, ईडीसी, क्यूआर आदि प्रभावित नहीं होंगे.
कंपनी अपने प्लेटफ़ॉर्म पर कारोबारियों को जोड़ना जारी रखेगी. कंपनी ने एक बयान में कहा है, "पेटीएम पेमेंट गेटवे बिज़नेस अपने मौजूदा ग्राहकों को भुगतान से संबंधित सेवाएं देना जारी रखेगा. कर्ज देना, बीमा वितरण और इक्विटी ब्रोकिंग जैसे इसकी अन्य वित्तीय सेवाएं भी अप्रभावित रहेंगी."
पेटीएम ने ये भी कहा है कि आरबीआई आदेश से, यूज़र द्वारा सेविंग अकाउंट, वॉलेट्स, फ़ास्टैग्स और नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड खातों में जमा रकम प्रभावित नहीं होगी और वे अपने मौजूदा बैलेंस को इस्तेमाल करना जारी रख सकते हैं.
आरबीआई ने पीपीबीएल को आदेश दिया है कि 15 मार्च 2024 तक वो पाइपलाइन ट्रांज़ैक्शन और नोडल अकाउंट्स को बंद करे और इसके बाद कोई भी लेनदेन की अनुमति नहीं होगी.
शर्मा ने कहा कि आरबीआई का आदेश एक बड़ा अवरोध है और वो नहीं समझ पा रहे हैं कि इस आदेश के पीछे क्या वजह है और उन्हें नहीं पता कि इस आदेश के पीछे ठीक ठीक क्या कारण है.
उन्होंने कहा है, "पेटीएम की ओर से मैं इतना कह सकता हूं कि यह एक बड़ा झटका है लेकिन मेरा मानना है कि अन्य बैंकों के साथ साझेदारी और अभी तक विकसित की गई क्षमताओं के माध्यम से हम इसे पूरा कर लेंगे."