ममता बनर्जी ने बीजेपी को माओवादियों से ज़्यादा ख़तरनाक बताया

पुरुलिया में एक सभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने यह कहा. पढ़िए दिनभर की सभी बड़ी और ज़रूरी ख़बरें बीबीसी हिंदी के इस लाइव पन्ने पर.

लाइव कवरेज

  1. ब्रेकिंग न्यूज़, गुजरात: फुटपाथ पर सो रहे मज़दूरों के ऊपर से गुज़रा ट्रक, 13 की मौत

    गुजरात के सूरत में कोसाम्बा के पास रात को सड़क के नज़दीक सो रहे मज़दूरों के ऊपर से ट्रक गुज़र गया जिससे 13 मज़दूरों की मौत हो गई है.

    पुलिस का कहना है कि सभी मज़दूर राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ के रहने वाले थे.

    सूतर के कामराज डिविज़न के डिप्टी सुपरिटेन्डेंट सीएम जडेजा ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि, “ट्रक गन्ने से लदे एक ट्रैक्टर से टकरा गया जिसके बाद ट्रक बेकाबू हो कर फुटपाथ पर चढ़ गया जहां मज़दूर सो रहे थे.”

    हादसे के वक्त फुटपाथ पर 18 लोग सो रहे थे. घटनास्थल पर ही 12 लोगों की मौत हो गई.

    हादसे में छह लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं. इन्हें नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की मौत पर दुख जताया है और मृतकों के परिवार को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है.

    साथ ही उन्होंने कहा है कि घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी.

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    गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने भी मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है.

    वहीं राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बांसवाड़ा के कई मज़दूरों के सूरत में ट्रक हादसे में जान गंवाने पर दुख जताया और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की.

    उन्होंने सीएम राहत कोष से मृतकों के परिवार को राजस्थान सरकार 2 लाख रुपये की और घायलों को 50,000 की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की.

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  2. व्हाट्सएप की पॉलिसी से एतराज़ है तो ऐप डिलीट कर दें- दिल्ली हाईकोर्ट

    व्हाट्सएप

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    व्हाट्सएप की नई प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर एक याचिका की सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि ऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी पर सहमति देना यूज़र्स का अपना फ़ैसला है, अगर कोई इससे सहमत नहीं है तो ऐप का इस्तेमाल ना करने का फ़ैसला उसके पास है.

    दिल्ली हाईकोर्ट एक याचिका पर सुनावई कर रहा था जिसमें अपील की गई कि सरकार को वॉट्सऐप की नई पॉलिसी को लेकर कार्रवाई करनी चाहिए. इस याचिका में नई वॉट्सऐप की पॉलिसी को निजता का उल्लंघन बताया गया था.

    सुनवाई के दौरान जस्टिस संजीव सचदेव ने कहा कि "अगर हर ऐप की शर्तों को पढ़ा जाए तो आप हैरान रह जाएंगे कि इन ऐप के साथ यूज़र्स क्या-क्या जानकारी साझा कर बैठते हैं. यहां तक की गूगल मैप आपके हर डेटा को स्टोर कर लेता है."

    कोर्ट ने साफ़ कहा कि "व्हाट्सएप एक प्राइवेट एप है और अगर किसी को इसके बनाए गए नियम सही नहीं लगते तो वह इस प्लेटफॉर्म को छोड़ सकता है."

    व्हाट्सएप ने जनवरी महीने में अपनी प्राइवेसी पॉलिसी अपडेट की है और अगर यूज़र ऐप पर बने रहना चाहते हैं तो उन्हें इन शर्तों पर सहमति देनी होगी.

    नई पॉलिसी को फ़रवरी से लागू होने वाली थी लेकिन इसे लेकर जारी विवाद को देखते हुए व्हाट्सएप ने मई महीने में इसे लागू करने का फ़ैसला लिया है.

  3. ग़रीब देश पीछे छूटे तो ख़त्म नहीं होगी महामारी – WHO

    टेड्रॉस एडहॉनम गीब्रिएसुस

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    विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख टेड्रॉस एडहॉनम गीब्रिएसुस ने कहा है कि कोरोना वायरस की वैक्सीन आने से इसे पाने के लिए होड़ मची है लेकिन इस होड़ में दुनिया के ग़रीब देशों के पिछड़ने का डर है.

    सोवमार देर शाम जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि एक तरफ जब कोरोना वैक्सीन हमारे लिए उम्मीद ले कर आई है वहीं दूसरी तरफ इसके कारण पैदा होने वाला असल ख़तरा भी सामने आ रहा है. दुनिया के अमीर देशों और ग़रीब देशों के बीच असामनता की दीवार है जो इसके वितरण में बड़ी रुकावट साबित हो सकती है.

    उन्होंने कहा, “ये अच्छी बात है कि सरकारें अपने स्वास्थ्यकर्मियों और बूढ़ों को पहले वैक्सीन देना चाहती है. लेकिन ये सही नहीं है कि अमीर देशों के युवाओं और स्वस्थ वयस्कों को वैक्सीन की खुराक ग़रीब मुल्कों में रहने वाले स्वास्थ्यकर्मियों और बूढ़ों से पहले मिले.”

    उन्होंने कहा कि मौजूदा वक्त में कम से कम 49 अमीर मुल्कों में जहां लोगों को वैक्सीन की 3.9 करोड़ खुराक दी गई है, वहीं ग़रीब मुल्कों में इसकी केवल 25 खुराक ही लोगों को मिली है.

    उन्होंने कहा कि ये आंकड़ा बताता है कि विश्व एक भयावह नैतिक विफलता के कगार पर है और इसकी क़ीमत दुनिया के सबसे गरीब देशों के लोगों को चुकानी पड़ेगी.

    उन्होंने कहा कि वैक्सीन के वितरण में समानता लाना न केवल देशों की नैतिक जिम्मेदारी है बल्कि ये रणनीतिक और आर्थिक स्तर पर भी महत्वपूर्ण होगा.

    उन्होंने कहा कि वैक्सीन पाने की होड़ के कारण दुनिया के ग़रीब ख़तरे में होंगे और इससे महामारी पूरी तरह से ख़त्म नहीं हो सकेगी. उन्होंने सभी मुल्कों से अपील की की साल के पहले सौ दिनों के भीतर दुनिया के सभी स्वास्थ्यकर्मियों और बूढ़ों को कोरोना की वैक्सीन दी जानी चाहिए.

    उन्होंने कहा कि बीते कई महीनों से संगठन सभी मुल्कों में समान रूप से वैक्सीन पहुंचाने की जद्दोजहद में लगा हुआ है. संगठन ने पांच उत्पादकों से वैक्सीन की 2 अरब खुराक सुरक्षित कर ली है और उसे वैक्सीन की और एक अरब खुराक भी मिलने वाली है. संगठन फरवरी में लोगों को वैक्सीन देना शुरू करेगा.

  4. किसान आंदोलनः सरकार के साथ बैठक से हल निकलने की उम्मीद नहीं- टिकैत

    राकेश टिकैट

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    केंद्र सरकार और किसानों के बीच 10वें दौर की बातचीत अब 19 जनवरी के बजाय 20 जनवरी को होगी.

    सोमवार देर रात किसान संगठनों ने सोशल मीडिया पहर ये जानकारी दी है कि किसान संगठनों के प्रतिनिधियों और सरकार की ओर से मंत्री समूह की बैठक 20 जनवरी 2021 को दोपहर 2 बजे दिल्ली के विज्ञान भवन में होगी.

    किसान एकता मंच

    10वें दौर की इस वार्ता से ठीक पहले ही भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा है कि उन्हें कोई उम्मीद नहीं है कि सरकार के साथ होने वाली इस बैठक से कोई हल निकलेगा.

    समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए टिकैट ने कहा, "कल हमारी बात सरकार से होने वाली है, लेकिन इससे कोई निष्कर्ष निकलेगा इसकी हमें उम्मीद नहीं है."

    उन्होंने कहा, "26 जनवरी को हमारी होने वाली ट्रैक्टर रैली राज़धानी के आउटर रिंग रोड पर होगी और हम वहां नहीं जाएंगे जहां गणतंत्र दिवस की परेड होगी."

    वहीं सोमवार को किसानों की ट्रैक्टर रैली के मामले पर चल रही सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि दिल्ली में प्रवेश का मामला सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा है और किसे किन शर्तों पर इसकी दिल्ली में प्रवेश की इजाज़त दी जानी चाहिए ये पुलिस तय कर सकती है.

    सुनवाई कर रही तीन जजों बेंच की अध्यक्षता कर रहे चीफ़ जस्टिस एसए बोबड़े ने कहा, "हमने पिछली बार कहा था कि दिल्ली में किसे प्रवेश की इजाज़त दी जानी चाहिए, इसका फ़ैसला लेना दिल्ली पुलिस के दायरे में आता है. किसानों को इजाज़त दी जानी चाहिए या नहीं ये क़ानून व्यवस्था से जुड़ा मुद्दा है और इस मामले में फ़ैसला कोर्ट नहीं ले सकती."

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