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वो कोड जिनके ज़रिए 50 लाख लोगों को ब्राज़ील की संसद पर हमले के लिए बुलाया गया
- Author, हेन्ना गेलबर्ट और जुलियाना ग्रेग्रानी
- पदनाम, ग्लोबल डिसइनफॉरमेशन टीम, बीबीसी
- प्रकाशित
रविवार को दुनिया ने देखा कि कैसे ब्राज़ील के पूर्व राष्ट्रपति बोलसोनारो के हजारों समर्थकों ने संसद भवन, सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रपति भवन पर हमला बोला. यह देखकर सब स्तब्ध थे.
ऐसी ही तस्वीरें दुनिया ने दो साल पहले अमेरिका में देखी थी, जब डोनाल्ड ट्रंप के समर्थक कैपिटल हिल पर चढ़ गए थे. उसी तरह बोलसोनारो के समर्थकों ने चुनावों में धांधली का आरोप लगाते हुए राजधानी ब्रासीलिया में सरकारी इमारतों में तोड़फोड़ की.
समर्थकों का कहना था कि बोलसोनारो ही असल विजेता हैं और उन्हें ब्राज़ील का राष्ट्रपति होना चाहिए.
लेकिन ऐसा हिंसक विरोध प्रदर्शन, सुरक्षा एजेंसियों और सोशल मीडिया मॉडरेटर्स के होते हुए कैसे आयोजित किया गया?
बीबीसी ने इसे समझने की कोशिश की है
पार्टी का निमंत्रण
हाल के महीनों में बोलसोनारो के समर्थक, इस विचार को आगे बढ़ाने के लिए कि बोलसोनारो चुनाव के असल विजेता हैं, सोशल मीडिया पर कॉन्सपिरेसी थ्योरी फैला रहे हैं.
ब्राज़ील की संसद पर हमले से पहले के दिनों में ऐसी बयानबाजी तेज हो गई थी और इसमें उन छोटे रूपकों का सहारा लिया गया था जो बोलसोनारो के समर्थकों के विचार को मजबूत कर रहे थे. ब्राज़ील के लोगों से 'सेल्मा पार्टी' में शामिल होने के लिए कहा गया.
सेल्मा, सेल्वा शब्द पर बना एक नाटक है, जिसका पुर्तगाली में अर्थ जंगल है. इसका इस्तेमाल ब्राज़ील की सेना अभिवादन और युद्ध में हौसला बढ़ाने के लिए दहाड़ की तरह करती है.
राजधानी ब्रासीलिया में दंगों से चार दिन पहले सोशल मीडिया ऐप टेलीग्राम पर 'सेल्मा पार्टी' के बारे में एक वीडियो वायरल हुआ था.
इस वीडियो में एक व्यक्ति पार्टी के लिए क्या क्या चाहिए उसकी जानकारी दे रहा था. इसमें ब्राजीलियन चीनी का एक ब्रांड यूनियन, पांच मकई के भूट्टे शामिल थे. मकई शब्द वर्डप्ले की तरह इस्तेमाल किया गया.
'मिल्हो' का अर्थ है मक्का और 'मिल्हाओ' का अर्थ है मिलियन यानी दस लाख. इससे विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के लिए पचास लाख लोगों को न्यौता दिया गया था.
सोशल मीडिया पर मॉडरेटर से बचने का तरीका
ज्यादातर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म हिंसा पर रोक लगाते हैं और हिंसक प्रदर्शनों में शामिल होने के निमंत्रण को हटाने का काम करते हैं.
सेल्मा पार्टी, मक्का, मिल्हो, मिल्हाओ जैसे शब्दों का इस्तेमाल इसलिए किया गया ताकि ऐसे पोस्ट सोशल मीडिया मॉडरेटर्स की नजर में ना आ पाएं.
एक टिकटॉक वीडियो में एक महिला साफ तौर से कहती है कि वह अब टिकटॉक पर राजनीति के बारे में बात नहीं करती, क्योंकि वह नहीं चाहती कि उसके अकाउंट पर रोक लग जाए.
इसके बाद वह 'सेल्मा पार्टी' की बात करने लगती है. हालांकि बाद में इस वीडियो को हटा दिया गया.
अन्य जगहों पर लोग दूसरी पार्टियों के बारे में पोस्ट कर रहे हैं, जिनमें साओ पाउलो शहर का जिक्र करते हुए 'सेल्मा' की चचेरी बहन 'टेल्मा' और रियो डी जनेरियो में उनकी बहन 'वेल्मा' की बात की जा रही है. अभी के लिए इन घटनाओं ने बहुत लोगों का ध्यान अपनी और नहीं खींचा है.
जांच के दायरे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर है. जहां वीकेंड पर #festadaselma नाम का हैशटैग वायरल था. इस हैशटैग का इस्तेमाल लोगों को संसद, राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट के बाहर जमा करने के लिए किया गया था.
मॉडरेटर्स की कमी
जब से एलन मस्क ने ट्विटर का अधिग्रहण किया है उन्होंने बड़ी संख्या में कर्मचारियों को हटाया है. इन कर्मचारियों में ब्राज़ील के वे लोग भी शामिल हैं, जिनके ऊपर ब्राज़ील चुनाव में गलत जानकारियों से निपटने की जिम्मेदारी थी.
ये लोग एक तरह से कंटेट को प्लेटफार्म पर मॉडरेट करने का काम करते थे.
ट्विटर और मस्क ने बार बार कहा कि वे साइट पर सबसे नुकसान पहुंचाने वाले कंटेट को हटाने के काम में लगे हैं.
यह पहली बार नहीं है जब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर गलत सूचनाओं के जरिए लोगों ने घरों से बाहर निकलकर लोकतंत्र पर हमला किया हो.
ट्विटर के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी जैक डोर्सी ने 2021 में अमेरिका कैपिटल हिल घटना की सुनवाई के दौरान माना कि सोशल मीडिया पर गलत जानकारियों ने हिंसा भड़काने में भूमिका निभाई थी.
संपादन- रेबका स्किपेज
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