You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
जॉर्जिया चुनाव: जो बाइडन की डेमोक्रेटिक पार्टी सीनेट पर नियंत्रण की राह में
अमेरिकी राज्य जॉर्जिया में सीनेट की दो सीटों के लिए हुए चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार राफ़ेल वॉरनोक ने पहली सीट जीत ली है. इसके साथ ही नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन की डेमोक्रेटिक पार्टी बुधवार को सीनेट पर नियंत्रण हासिल करने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ गई है.
इन नतीज़ों के कुछ घंटे बाद कांग्रेस में जो बाइडन के निर्वाचन को मंज़ूरी देने की प्रक्रिया शुरू होनी है. राफ़ेल वॉरनोक की जीत का अनुमान कई अमेरिकी न्यूज़ नेटवर्क्स ने लगाया था. जॉर्जिया की दूसरी सीट के नतीजे से वाशिंगटन में सत्ता के संतुलन पर जो असर पड़ने वाला है, उसे देखते हुए इस सीट की अहमियत बढ़ गई है.
राफ़ेल वॉरनोक ने अपने समर्थकों से कहा, "आज रात मैं आपसे वादा करता हूं. मैं जॉर्जिया के लिए काम करने सीनेट जाऊंगा."
अगर रिपबल्किन पार्टी सीनेट की दूसरी सीट का चुनाव हार गई तो ये पार्टी के लिए ट्रंप की हार के बाद बहुत बड़ा झटका होगा. इस जीत के साथ ही राफ़ेल वॉरनोक अमेरिकी इतिहास में देश के दक्षिणी इलाके से चुनाव जीतने वाले तीसरे अफ्रीकी मूल के नेता है.
उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी की नेता कैली लोएफ़लर को इस चुनाव में हराया है. 50 वर्षीय कैली लोएफ़लर पेशे से कारोबारी हैं. सीनेट की दूसरी सीट के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता जॉन ओसॉफ़ के कैम्पेन मैनेजर ने एक बयान में कहा कि जैसे ही सभी वोटों की गिनती पूरी हो जाएगी, उम्मीद है कि ओसॉफ़ अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी को हरा देंगे.
इससे पहले अमेरिकी राज्य जॉर्जिया का चुनाव, जिससे सीनेट पर नियंत्रण तय होना है, उसमें डेमोक्रेट और रिपब्लिकन पार्टी के बीच काँटे की टक्कर की स्थिति चल रही थी.
जॉर्जिया में मतगणना फ़िलहाल जारी है और रिपब्लिकन पार्टी की कैली लोएफ़लर और डेविड पेरड्यू की डेमोक्रेट नेता राफ़ेल वॉरनोक और जॉन ओसॉफ़ के बीच बराबरी का मुक़ाबला देखने को मिल रहा था.
बुधवार सुबह, डेमोक्रेट नेता वॉरनोक ने रिपब्लिकन लोएफ़लर पर अपनी जीत की घोषणा कर दी.
अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन की डेमोक्रेटिक पार्टी को संसद पर पूर्ण नियंत्रण हासिल करने के लिए जॉर्जिया की दोनों सीटें जीतनी होंगी.
वहीं, रिपब्लिकन पार्टी को सीनेट में बने रहने के लिए दो में से सिर्फ़ एक सीट की ज़रूरत है.
98 प्रतिशत वोटों की गिनती होने तक, वॉरनोक की लोएफ़लर पर मामूली बढ़त थी, जबकि जोन ओसॉफ़ और पेरड्यू लगभग बराबरी पर थे.
हज़ारों वोटों की गिनती अभी होनी है, पर चुनाव अधिकारियों को उम्मीद है कि बुधवार शाम से पहले इस चुनाव के नतीजे सब के सामने होंगे.
30 लाख से ज़्यादा अमेरिकी मतदाताओं ने मंगलवार से पहले इस चुनाव में मतदान किया था जो राज्य के पंजीकृत मतदाताओं का क़रीब 40 फ़ीसद है. नवंबर में हुए राष्ट्रपति चुनाव में भी शुरुआती मतदान का डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बाइडन को फ़ायदा मिला था.
शनिवार को, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक फ़ोन कॉल की काफ़ी निंदा हुई थी जिसमें वे जॉर्जिया के शीर्ष चुनाव अधिकारी ब्रैड रैफ़ेंसपर्गर को अपनी जीत के लिए वोट का जुगाड़ करने के लिए कहते सुने गए थे.
ट्रंप के इस फ़ोन कॉल की काफ़ी निंदा हुई और लोगों ने कहा कि यह अवैध रूप से वोटों से छेड़छाड़ की कोशिश है.
इस घटना के बाद, रिपब्लिकन पार्टी में यह डर था कि जॉर्जिया की सीनेट की दो सीटों की दौड़ में कहीं वो पीछे ना रह जायें.
अगर रिपब्लिकन जॉर्जिया की दोनों सीनेट की सीट जीत जाते हैं तो वह ऊपरी सदन में नियंत्रण बरक़रार रखेंगे लेकिन अगर उनके उम्मीदवार हारते हैं तो डेमोक्रेट्स का क़ब्ज़ा सीनेट, हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव्स और व्हाइट हाउस तीनों पर हो जाएगा.
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अगर दोनों सीटें डेमोक्रेट जीतते हैं, तो इन पर हार का ठीकरा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सिर फोड़ा जायेगा. अक्सर यह देखा गया है कि अमेरिका में जो पार्टी राष्ट्रपति चुनाव हारती है, वो अन्य चुनावों में ख़राब नहीं, बल्कि बेहतर प्रदर्शन करती है. फिर जॉर्जिया, जो बाइडन की जीत के बावजूद, परंपरागत तौर पर एक रिपब्लिकन राज्य रहा है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)