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पत्रकार डेनियल पर्ल हत्या मामले में उमर शेख़ होंगे रिहा, पहले होनी थी फांसी
पाकिस्तान की एक अदालत ने 2002 में अमेरिकी पत्रकार डेनियल पर्ल की हत्या के अभियुक्त चरमपंथी उमर सईद शेख़ को रिहा करने का फ़ैसला सुनाया है.
उमर को इस साल की शुरुआत में रिहा कर दिया गया था लेकिन इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील की गई थी जिसके बाद वो जेल में ही थे.
कराची में सिंध हाई कोर्ट ने फ़ैसला दिया है कि शेख़ को अस्थाई तौर पर हिरासत में रखना अवैध है.
शेख़ के वकील ने कहा है कि उन्हें अगले 24 घंटों में रिहा किया जा सकता है.
वॉल स्ट्रीट जनरल के पत्रकार पर्ल का कराची के दक्षिणी हिस्से में अपहरण करके उनकी हत्या कर दी गई थी जिसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया था.
शेख़ को पर्ल के अपहरण के कुछ दिनों बाद गिरफ़्तार किया गया था और बाद में आतंक निरोधक अदालत ने उन्हें हत्या का दोषी पाया था. दोषी ठहराए जाने के बाद उनको फांसी दी जानी थी.
लेकिन इस साल अप्रैल में सिंध हाई कोर्ट ने शेख़ की सज़ा को कम करते हुए उन्हें केवल अपहरण का दोषी बताया और उन्हें उन तीन अन्य लोगों के साथ रिहा कर दिया जो इस मामले में दोषी थे.
डेनियल पर्ल के परिवार ने इस फ़ैसले की निंदा की थी जिसके बाद पाकिस्तानी सरकार और उनके परिवार ने इस फ़ैसले को चुनौती दी थी.
अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने फ़ैसले की निंदा की है और कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि अभियुक्त 'इस समय' न रिहा हो.
साथ ही मंत्रालय ने पर्ल परिवार को समर्थन देते हुए कहा है, "हम डेनियल पर्ल की विरासत के लिए निर्भीक पत्रकारों को सम्मानित करना जारी रखेंगे."
डेनियल पर्ल के साथ क्या हुआ था?
वॉल स्ट्रीट जर्नल के दक्षिण एशिया ब्यूरो चीफ़ पर्ल जनवरी 2002 में ग़ायब हो गए थे.
वो कराची में इस्लामी चरमपंथी गतिविधियों और रिचर्ड रीड के बीच संबंध तलाश रहे थे. रीड ने जूतों में बम छिपाकर एक यात्री विमान में विस्फोट की कोशिश की थी.
अभियोजकों ने शेख़ पर आरोप लगाया कि उन्होंने पर्ल को एक मौलवी से मिलवाने का लालच दिया था.
पर्ल और शेख़ के बीच संबंध अपनी-अपनी पत्नियों की चिंताओं को लेकर भी बना क्योंकि उस समय वे दोनों गर्भवती थीं.
इसके बाद पर्ल ग़ायब हो गए और पाकिस्तानी और अमेरिकी समाचार संस्थानों को ईमेल आए जिसमें कई मांगें थीं. इनमें से एक मांग अमेरिकी जेलों में बंद पाकिस्तानी क़ैदियों के साथ बेहतर व्यवहार करने को लेकर भी थी.
एक महीने के बाद कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास को 38 साल के पर्ल की हत्या का वीडियो भेजा गया था.
कौन हैं अहमद उमर सईद शेख़?
1973 में लंदन में पैदा हुए शेख़ ने लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स में पढ़ाई से पहले एक स्वतंत्र स्कूल से पढ़ाई की.
उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी नहीं की और फ़र्स्ट ईयर में उन्होंने बोस्निया के लिए मदद का अभियान चलाया लेकिन वो वहां जाने में नाकाम रहे.
उन्हें 1994 में भारत में गिरफ़्तार किया गया था. उनको चार पर्यटकों के अपहरण से जुड़े मामले में गिरफ़्तार किया गया था जिनमें तीन ब्रिटिश और एक अमेरिकी नागरिक था.
उनको 1999 में तब रिहा किया गया जब चरमपंथियों ने इंडियन एयरलाइंस के आईसी-814 विमान का अपहरण कर लिया था और अपहरणकर्ताओं ने उनको भी रिहा करने की मांग की थी.
सरकारी अधिकारियों के हवाले से अमेरिकी मीडिया ने रिपोर्ट किया था कि शेख़ पर अमेरिका में 11 सितंबर 2001 के हमले के एक चरमपंथी के ख़ाते में पैसे ट्रांसफ़र करने का भी आरोप है.
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