ट्रंप ने पुराने सलाहकारों रोजर स्टोन और पॉल मैनाफ़ोर्ट को किया माफ़

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अपने पूर्व कैंपेन मैनेजर पॉल मैनाफ़ोर्ट, पूर्व सलाहकार रोजर स्टोन औरअपने दामाद के पिता को माफ़ी दे दी है.
पॉल मैनाफ़ोर्ट को 2018 में अमेरिका के 2016 में हुए राष्ट्रपति चुनाव में कथित रूसी दख़ल मामले में दोषी ठहराया गया था.
इससे पहले ट्रंप ने रोजर स्टोन की सज़ा को कम कर दिया था. उन्हें अमेरिकी कांग्रेस से झूठ बोलने का दोषी पाया गया था.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अगले महीने कुर्सी से हटने से पहले 29 लोगों को माफ़ी दी है जिनमें ये तीन लोग भी शामिल हैं.
इनमें से 26 लोगों को पूरी तरह से माफ़ी दे दी गई है जबकि तीन लोगों की सज़ाएँ कम कर दी गई हैं.
राष्ट्रपति अक्सर अपने कार्यकाल के आख़िरी दिनों में लोगों को माफ़ी देते हैं, ट्रंप ने इस अधिकार का इस्तेमाल जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश के अलावा आधुनिक इतिहास में किसी भी अन्य अमेरिकी राष्ट्रपति से कम ही किया है.

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पॉल मैनाफ़ोर्ट ने क्या प्रतिक्रिया दी?
ट्रंप की माफ़ी के बाद उनके पूर्व चुनाव अभियान प्रमुख मैनाफ़ोर्ट साढ़े सात साल की जेल की सज़ा पूरी करने से बच गए हैं. उन्हें वित्तीय धोखाधड़ी और अपनी जांच में बाधा डालने की साज़िश रचने के लिए ये सज़ा मिली थी.
जब कोरोना वायरस का ख़तरा बढ़ा तो मई में उन्हें संघीय जेल से रिहा कर उनके घर भेज दिया गया था. तभी से वो आगे की सज़ा अपने घर में कैद होकर काट रहे थे. लेकिन अब वो आज़ाद हैं.
मैनाफ़ोर्ट ने ट्वीट कर ट्रंप का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने लिखा, "राष्ट्रपति, मेरा परिवार और मैं आपकी ओर से मिली क्षमा के लिए बहुत शुक्रगुज़ार हैं. आपका आभार व्यक्त करने के लिए मेरे शब्द कम पड़ जाएंगे."

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रोजर स्टोन ने क्या कहा?
स्टोन को हाउस इंटेलिजेंस कमेटी से झूठ बोलने का दोषी पाया गया था. कहा गया कि उन्होंने विकीलीक्स के साथ संपर्क करने की अपने कोशिशों को छुपाया.
विकीलीक्स वही वेबसाइट है जिसने 2016 के चुनाव में ट्रंप की डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंदी हिलेरी क्लिंटन के बारे में ईमेल रिलीज़ किए थे. माना जाता है कि इन ईमेल की वजह से हिलेरी को चुनाव में नुक़सान हुआ था.
जब ट्रंप ने उनकी सज़ा को पहले कम करने के बाद फिर पूरी तरह माफ़ कर दिया तो ट्रंप के लंबे वक़्त तक दोस्त और सलाहकार रहे रोजर ने बुधवार रात इस फ़ैसले का स्वागत किया.
पोलिटिको की रिपोर्ट के मुताबिक़, उन्होंने कहा कि वो "राजनीति से प्रेरित सोवियत-शैली के ट्रायल" के पीड़ित हैं.
स्टोन ने ट्रंप से अपील की कि वो व्हाइट हाउस से निकलकर से पहले विकीलीक्स के सह-संस्थापक जूलियन असांज और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी से जुड़ा लीक करने वाले एडवर्ड स्नोडेन को भी माफ़ कर दें.

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चार्ल्स कुशनर ने क्या कहा?
माफ़ी हासिल करने वालों में एक रियल एस्टेट पूंजीपति चार्ल्स कुशनर भी हैं जो इवांका ट्रंप के पति और व्हाइट हाउस के सलाहकार जेरेड कुशनर के पिता हैं.
कुशनर के परिवार के पास न्यू यॉर्क से लेकर वर्जीनिया तक 20,000 संपत्तियों का पोर्टफोलियो है. उन्हें 2004 में कर चोरी, अभियान के फंड से जुड़े अपराध और गवाहों से छेड़छाड़ करने का दोषी पाते हुए दो साल की सज़ा सुनाई गई थी.
गवाहों से छेड़छाड़ का मामला जेरेड कुशनर के जीजा से जुड़ा है, जो उनके ख़िलाफ़ प्रशासन का साथ दे रहे थे. कुशनर ने अपने जीजा को बहकाने के लिए एक सेक्स वर्कर को पैसे दिए. फिर एक छुपे हुए कैमरे की मदद से दोनों की मुलाक़ात को रिकॉर्ड किया और रिकॉर्डिंग अपनी ही बहन को भेज दी.
कुशनर को जेल पंहुचाने वाले न्यू जर्सी के अभियोजक और ट्रंप के पूर्व सलाहकार रहे क्रिस क्रिस्टी ने सीएनएन से कहा था कि ये "सबसे घृणित अपराधों में से एक अपराध" था.

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ट्रंप और किसको माफ़ कर रहे हैं?
राष्ट्रपति दूसरी बार कई लोगों को क्षमा करने के आदेश जारी कर रहे हैं. मंगलवार रात उन्होंने 15 लोगों को माफ़ कर दिया था और पांच अन्य की सज़ा को कम कर दिया था.
इनमें से दो वो लोग थे जिन्हें चुनाव में कथित रूसी हस्तक्षेप से जुड़ी एक जांच में दोषी पाया गया था और संसद के दो पूर्व रिपब्लिकन सदस्य थे और चार ब्लैकवॉटर मिलिट्री कॉन्ट्रेक्टर थे जो इराक़ में 2007 के नरसंहार के मामले में शामिल थे.
नवंबर में ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल फ्लिन को भी माफ़ी दे दी थी. माइकल को रूसी हस्तक्षेप से जुड़ी एक विशेष जांच में ही दोषी ठहराया गया था.
फ्लिन ने माना था कि उन्होंने एफ़बीआई से झूठ बोला था.
राष्ट्रपति ट्रंप अब पांच ऐसे लोगों को माफ़ी दे चुके हैं, जिन्हें रूसी हस्तक्षेप से जुड़ी विशेष जांच में दोषी ठहराया गया था. ट्रंप हमेशा से इस जांच को जान-बूझकर परेशान करने के लिए की गई कार्रवाई बताते थे. रॉबर्ट मुलर के नेतृत्व में 22 महीने चली जांच पिछले साल मई में ख़त्म हुई थी.

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किन लोगों को ट्रंप से माफ़ी नहीं मिली?
क्रिसमस के मौक़े पर जिन लोगों को माफ़ी मिली उनमें मुलर की जांच में दोषी पाए गए दो प्रमुख नाम ग़ायब दिखे. इनमें से एक नाम मैनाफ़ोर्ट के डिप्टी रिक गेट्स और दूसरा नाम ट्रंप के पूर्व वकील माइकल कोहेन का है.
दोनों ने ही अभियोजकों का बहुत सहयोग किया था.
कोरोना वायरस से जुड़ी चिंताओं की वजह से मई में रिहा किए गए कोहेन ने ट्रंप की माफ़ियों को लेकर ट्विटर पर भड़ास निकाली.
उन्होंने ट्वीट किया, "आज जो कुछ भी हुआ वो दिखाता है कि पूरा क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम धराशायी हो गया है."
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