हाफ़िज़ सईद पर आज फ़ैसला सुनाएगी पाकिस्तान की आतंकवाद निरोधक अदालत

हाफ़िज़ सईद

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    • Author, इबाद उल हक़
    • पदनाम, लाहौर से, बीबीसी हिंदी के लिए
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पाकिस्तान में प्रतिबंधित संगठन जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफ़िज़ सईद के ख़िलाफ़ आतंकवाद के लिए ग़ैरक़ानूनी फ़ंडिंग के आरोप में दो अलग-अलग मुक़दमों में अदालत शनिवार को फ़ैसला सुनाएगी.

हाफ़िज़ मोहम्मद सईद इस समय गिरफ़्तार हैं और न्यायिक रिमांड पर जेल में हैं. उन्हें फ़ैसला सुनाए जाने के समय आतंकवाद निरोधक अदालत में पेश किया जाएगा.

प्रतिबंधित संगठन जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफ़िज़ मोहम्मद सईद और उनके साथी ज़फ़र इक़बाल पर 'आतंकवाद के लिए माली मदद' यानी ग़ैरकानूनी फ़ंडिंग करने का आरोप है.

यह पहली बार है जब हाफ़िज़ मोहम्मद सईद और उनके साथियों के ख़िलाफ़ मुक़दमों पर अदालती कार्रवाई हुई है और उन्हें अभियुक्त के तौर पर गंभीर क़िस्म के आरोपों की सुनवाई करने वाली अदालत में पेश किया जा रहा है.

इससे पहले हाफ़िज़ मोहम्मद सईद को कई महीनों तक अलग-अलग समय में नज़रबंद किया गया था.

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एक साल पहले हुई थी गिरफ़्तारी

पाकिस्तानी पंजाब की राजधानी लाहौर में स्थित आतंकवाद निरोधक अदालत ने प्रतिबंधित संगठन जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफ़िज़ सईद के ख़िलाफ़ ग़ैरक़ानूनी फ़ंडिंग के आरोप में दो अलग-अलग मुक़दमों पर अदालती कार्रवाई पूरी होने पर छह फ़रवरी को फ़ैसला सुरक्षित रख लिया था.

पंजाब पुलिस के एक उप विभाग 'काउंटर टेररिज़्म डिपार्टमेंट' ने पिछले साल 17 जुलाई को हाफ़िज़ मोहम्मद सईद और उनके संगठन के नेता ज़फ़र इक़बाल को पंजाब के शहर गुजरांवाला से गिरफ़्तार किया था.

मुक़दमों पर प्रारंभिक सुनवाई गुजरांवाला की विशेष आतंकवाद निरोधक अदालत में हुई. लेकिन लाहौर हाईकोर्ट ने हाफ़िज़ मोहम्मद सईद की अर्ज़ी पर उनके ख़िलाफ़ मुक़दमों को लाहौर की विशेष आतंकवाद निरोधक'अदालत में स्थानांतरित कर दिया.

आतंकवाद निरोधक अदालत 1997 में स्थापित की गई थी और इस अदालत का मक़सद आतंकवाद से सम्बंधित मुक़दमों पर सुनवाई करना है.

19 अक्टूबर 2017 की तस्वीर, लाहौर में कोर्ट से रवाना हो रहे थे हाफ़िज़.

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इमेज कैप्शन, 19 अक्टूबर 2017 की तस्वीर, लाहौर में कोर्ट से रवाना हो रहे थे हाफ़िज़.

दो दर्जन मुक़दमे

हाफ़िज़ मोहम्मद सईद को आतंकवाद निरोधक अदालत में पेश किया जाता रहा. पिछले साल 11 दिसंबर को अदालत ने उनपर आरोप तय किए, जिसके बाद नियमित सुनवाई शुरू हुई.

हाफ़िज़ सईद और उनके गिरफ़्तार साथियों ने अपने ख़िलाफ़ लगे आरोपों को ग़लत बताया और दावा किया कि उनपर वैश्विक दबाव की वजह से ऐसे आरोप लगाए गए हैं.

स्पेशल प्रॉसिक्यूटर जनरल अब्दुर रउफ़ वट्टो ने बीबीसी हिंदी को बताया कि उन्होंने हाफ़िज़ मोहम्मद सईद और उनके साथी के ख़िलाफ़ आरोपों को साबित करने के लिए प्रामाणिक सबूत पेश किए हैं.

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आतंकवाद निरोधक अदालत ने हाफ़िज़ सईद के ख़िलाफ़ अदालती मुक़दमों में गवाहों के बयान रिकॉर्ड किए और कार्रवाई पूरी होने पर फ़ैसला सुरक्षित रख लिया है.

हाफ़िज़ मोहम्मद सईद और उनके प्रतिबंधित संगठन के नेताओं के ख़िलाफ़ पंजाब भर में क़रीब दो दर्जन मुक़दमे दर्ज हैं.

उधर, हाफ़िज़ सईद और उनके प्रतिबंधित संगठन के प्रोफ़ेसर अब्दुल रहमान मक्की समेत पांच अहम नेताओं के ख़िलाफ़ 4 और मुक़दमों पर भी आतंकवाद निरोधक अदालत ने कार्रवाई शुरू कर दी है.

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