पाकिस्तान: इमरान ने लौटते ही की संयुक्त राष्ट्र से मलीहा लोधी की छुट्टी

इमेज स्रोत, UN
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान ख़ान अमरीका से लौटे और लौटने के एक दिन बाद ही उन्होंने बड़ा बदलाव किया-संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की प्रतिनिधि रहीं मलीहा लोधी की छुट्टी.
मलीहा लोधी की जगह अब मुनीर अकरम संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि होंगे.
मलीहा लोधी को पद से क्यों हटाया गया, अब तक पाकिस्तान की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है. ना ही ये बताया गया है कि मलीहा लोधी को अब क्या ज़िम्मेदारी दी गई है.
हालांकि सोशल मीडिया में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं.
कई लोगों का मानना है कि मलीहा पाकिस्तान के 'मिशन कश्मीर' को कामयाब बनाने में बुरी तरह असफल रहीं, इसलिए ये फ़ैसला लिया गया है.
कुछ लोग मलीहा को हटाए जाने के बाद उनकी उनकी ग़लतियों का ज़िक्र कर रहे हैं जिनकी वजह से पाकिस्तान को सार्वजनिक मंचों पर शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा था.

इमेज स्रोत, PAKUN.ORG
मलीहा लोधी की इन्हीं ग़लतियों में से एक थी: संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर की फ़र्ज़ी तस्वीर दिखाना.
सितंबर, 2017 की बात है. मलीहा लोधी ने संयुक्त राष्ट्र में कहा, "मैं आप सभी और भारतीय विदेश मंत्री को आमंत्रित करती हूं कि आएं और संयुक्त राष्ट्र के नक्शे को देखिए. राज्य पर भारत का सैन्य कब्ज़ा अवैध है."
उन्होंने सबके सामने एक तस्वीर लहराते हुए कहा: मैं आपको कश्मीर में 'भारतीय बर्बरता' का चेहरा देखती हूं. उन्होंने जो तस्वीर लहराई वो एक युवा जख़्मी लड़की की थी. लड़की का पूरा चेहरा जख़्मों से भरा हुआ था.
मलीहा ने दावा किया कि वो कश्मीर में 'भारतीय क्रूरता' का सबूत पेश कर रही थीं और वो पेलेट गन से घायल लड़की की तस्वीर थी.
उन्होंने इस तस्वीर को रिट्वीट भी किया था.

इमेज स्रोत, The Nation
मगर जल्दी ही पता चल गया कि वो तस्वीर कश्मीर नहीं बल्कि गज़ा पट्टी की थी. तस्वीर में दिख रही लड़की भी कश्मीरी नहीं बल्कि 17 साल की फ़लस्तीनी लड़की थी.
उसे चोटें पेलेट गन से नहीं बल्कि बम के गोलों से लगी थी.
इसराइली हमले में घायल होने वाली इस लड़की की तस्वीर अवॉर्ड विनिंग फ़ोटो पत्रकार हाइडी लवीन ने साल 2014 में खींची थी.
संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर की फ़र्जी तस्वीर पेश करने के लिए मलीहा लोधी की दुनिया में ख़ूब किरकिरी हुई थी.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 1
ख़ासकर पाकिस्तान की सोशल मीडिया में इसकी कड़ी आलोचना हुई थी. पाकिस्तानी लोगों ने कहा कि मलीहा लोधी की इस चूक से देश की बदनामी हुई है.
पाकिस्तानी अख़बार द नेशन ने तो इसे 'आपराधिक चूक' तक कह दिया था.
इसके अलावा मलीहा लोधी उस वक़्त भी अपनी चूक की वजह से चर्चा में आई थीं जब उन्होंने अपने एक ट्वीट में ब्रितानी प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को ब्रिटेन का विदेश मंत्री कहकर संबोधित किया था.
लोधी ने ट्वीट किया था, "प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने आज सुबह ब्रिटेन के विदेश मंत्री बोरिस जॉनसन से मुलाक़ात की." उन्होंने ट्वीट के साथ दोनों नेताओं के बीच हुई बैठक की एक तस्वीर भी साझा की थी.
हालांकि लोधी ने करीब एक घंटे बाद उस ट्वीट को हटाते हुए ग़लती के लिए माफ़ी भी मांग ली थी.
अब पद से हटाए जाने के बाद मलीहा लोधी एक बार फिर सुर्खियों और चर्चा में हैं.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 2
वरिष्ठ पाकिस्तानी पत्रकार ने उन्हें 'बवंडर' कहकर संबोधित किया है और ट्वीट किया है, "मलीहा अपमानजनक थीं. वो अपने से बड़ों और छोटों सबका अपमान करती थीं. वो बेहद महत्वाकांक्षी और आत्ममुग्ध थीं. प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने वो फ़ैसला लिया है जो उन्हें लेना चाहिए था. मुनीर अकरम को संयुक्त राष्ट्र में नियुक्त करने का फ़ैसला बहुत अच्छा है. हर सिरफिरे व्यक्ति का आख़िरी दिन आता है."
पूर्व रॉ प्रमुख तिलक देवेशर ने ट्वीट किया है, "मलीहा लोधी को इमरान ख़ान के दौरे के बाद तुंरत संयुक्त राष्ट्र में स्थायी प्रतिनिधि के पद से हटा दिया गया है. इससे पता चलता है कि उनका संयुक्त राष्ट्र में दौरा कैसा रहा."
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 3
इमरान ख़ान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कश्मीर मुद्दे पर भारत की कड़ी आलोचना की थी और कश्मीर में लगी पाबंदियों को 'अमानवीय' बताया था.
इसके जवाब में भारत ने पलटवार करते हुए कहा था कश्मीरियों की इसकी ज़रूरत नहीं है कि कोई दूसरा उनके लिए आवाज़ उठाए, ख़ासकर वो देश जिसने अपने यहां 'आतंक के उद्योग' को पैदा किया है.
ये भी पढ़ें: इमरान ख़ान का भाषण भड़काऊ और हर बात झूठ: भारत
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)
























