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ख़ान शेख़ौनः पांच साल बाद सीरियाई विद्रोहियों को बाहर निकाला गया
सीरिया के प्रमुख शहर ख़ान शेख़ौन को विद्रोहियों और जिहादी गुटों से मुक्त करा लिया गया है.
क़ब्ज़े के पांच साल बाद रूस समर्थित सरकारी बलों ने ऐसा करने में सफलता पाई है.
विद्रोहियों ने बीबीसी को बताया कि लड़ाकों को मंगलवार को शहर से बाहर निकाल दिया गया. लेकिन इदलिब शहर के प्रमुख जिहादी समूह हयात तहरीर अल-शम यानी एचटीएस ने इसे लड़ाकों की "पुनः तैनाती" बताया है.
ब्रिटेन स्थित निगरानी समूह सीरियन ऑब्जर्वेट्री फॉर ह्यूमन राइट्स के मुताबिक़ इन्होंने सरकारी बलों के आगे घुटने टेक दिए हैं.
लेकिन इसके बाद एचटीएस ने एक बयान जारी कर बताया कि ज़ोरदार बमबारी के बाद इसने अपने लड़ाकों को फिर से शहर में तैनात कर दिया है.
ख़ान शेख़ौन लंबे वक़्त से सीरियाई गृह युद्ध का संघर्ष का केंद्र रहा है. यहां साल 2017 में रसायनिक हमले किए गए थे. संयुक्त राष्ट्र ने इसके लिए सीरियाई सरकार को जिम्मेदार ठहराया था. ख़ान शेख़ौन इदलिब प्रांत में है.
क्यों है इदलिब इतना ख़ास
ये प्रांत सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद को सत्ता से हटाने की कोशिश कर रहे विद्रोहियों और जिहादी गुटों का आख़िरी गढ़ है.
संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इदलिब में 29 लाख लोग रहते हैं जिनमें से क़रीब 10 लाख बच्चे हैं. इस शहर के अधिकतर बाशिंदे विद्रोहियों के क़ब्ज़े वाले अन्य इलाक़ों से भागकर आए हैं.
जैसे-जैसे सरकार विद्रोहियों के ठिकाने पर जीत हासिल करती गई, वहां के लोग भागकर इदलिब आ गए.
अगर इदलिब में विद्रोही हारे तो उनके पास सीरिया के भीतर बहुत कम इलाके बचेंगे. इदलिब में हार उनका अंत साबित हो सकता है.
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