अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने पहचान छिपाकर उठाया था फिलीपींस के एक बच्चे का ख़र्च

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एक चैरिटी ने अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश और फिलीपींस में एक बच्चे के बीच हुए गुप्त पत्राचार को सार्वजनिक किया है. इसके मुताबिक बुश ने उस बच्चे को 10 साल तक वित्तीय मदद मुहैया कराई थी.
जब यह बच्चा सात साल का था, जॉर्ज बुश तब से उसे एक छद्म नाम से प्रायोजित करना शुरू किया. बच्चे को यह पता नहीं था कि उसे स्पॉन्सर करने वाला व्यक्ति कौन है.
बुश, जॉर्ज वॉकर के नाम से उस बच्चे की शिक्षा और भोजन के पैसे भेजा करते थे.
चैरिटी 'कम्पैशन इंटरनेशनल' ने बताया कि टिमोथी नाम के इस बच्चे को अपने इस अभिभावक की पहचान तब पता चली जब वो 17 साल का हुआ और बुश ने उसे स्पॉन्सर करना बंद किया. उनकी पहचान जानकर टिमोथी बेहद हैरान हुआ.

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टिमोथी के नाम बुश की पहली चिट्ठी
चैरिटी ने इन चिट्ठियों को पहले कोलोराडो स्प्रिंग्स गज़ट को मुहैया कराया और बाद में सीएनएन के साथ एक इंटरव्यू में भी इसकी जानकारी दी.
अमरीका के 41वें राष्ट्रपति जॉर्ज बुश का नवंबर 2018 में 94 साल की उम्र में निधन हो गया था.
बुश ने छद्म नाम से 2002 में टिमोथी को पहली चिट्ठी लिखी थी.
उन्होंने लिखा, "डियर टिमोथी, मैं आपका नया पेन पाल (पेनफ़्रेंड) बनना चाहता हूं."
उन्होंने लिखा, "मैं एक 77 साल का बुज़ुर्ग हूं, लेकिन मैं बच्चों को बहुत प्यार करता हूं. हालांकि हम नहीं मिले हैं मैं पहले से ही आपसे प्यार करता हूं."
"मैं टेक्सस में रहता हूं. मैं आपको समय समय पर लिखता रहूंगा- गुड लक."

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'क्या आपने व्हाइट हाउस के बारे में सुना है?'
कम्पैशन इंटरनेशनल एक क्रिश्चियन मानवतावादी चैरिटी संस्था है जो ग़रीबी में रह रहे बच्चों की मदद करती है.
पूर्व राष्ट्रपति को 2001 में वाशिंगटन के एक क्रिसमस कंसर्ट के दौरान इस चैरिटी की चाइल्ड स्पॉन्सरशिप योजना की जानकारी मिली.
समझा जाता है कि पूर्व राष्ट्रपति ने अपनी पहचान इसलिए छिपाई क्योंकि अगर यह सामने आ जाता कि बुश और टिमोथी के बीच चिट्ठी के ज़रिए बातचीत चल रही है तो वह ग़लत लोगों के निशाने पर आ जाता.
बुश और टिमोथी के बीच लिखी गई सभी चिट्ठियों को सामने लाने वाले चैरिटी के पूर्व प्रमुख वेस स्टैफ़र्ड के मुताबिक, "हालांकि, इसकी वजह से बुश अपनी चिट्ठियों में संकेत देने से नहीं रुके."
स्टैफ़र्ड ने बीबीसी को बताया, "वो शरारती होने के लिए जाने जाते थे."
एक चिट्ठी में उन्होंने लिखा, "टिमोथी, क्या आपने कभी व्हाइट हाउस के विषय में सुना है?"

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उन्होंने लिखा, "ये वो जगह है जहां अमरीका के राष्ट्रपति रहते हैं. मुझे क्रिसमस में वहां जाने का मौक़ा मिला. यह छोटी सी पुस्तक मुझे वाशिंगटन के व्हाइट हाउस में मिली है."
स्टैफ़र्ड कहते हैं, "कई वर्षों तक बुश की चिट्ठियों के बारे में उनके परिवार तक को जानकारी नहीं थी."
उन्होंने बुश के राष्ट्रपति बेटे जॉर्ज से 2008 में एक मुलाक़ात की और उन्हें इस स्पॉन्सरशिप की जानकारी दी.
"लॉरा के आंसू छलक पड़े," स्टैफ़र्ड ने जॉर्ज की पत्नी लॉरा बुश के बारे में बताया.
"जॉर्ज (डब्ल्यू बुश) कुछ देर के लिए ख़ामोश रहे फिर उन्होंने कहा, 'हां, ये मेरे पिता के काम जैसा लग रहा है'."

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अपनी चिट्ठियों के साथ ही "बुश 41" टिमोथी को उपहार भी भेजा करते थे. बुश को टिमोथी से उन उपहारों के लिए धन्यवाद मैसेज भी मिला करता था.
एक चिट्ठी में टिमोथी ने लिखा, "मुझे न भूलने के लिए आपका धन्यवाद. आप बहुत अच्छे और प्यारे हैं."

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जब टिमोथी को पता चला कि उन्हें कौन स्पॉन्सर कर रहा था तो उन्होंने कहा कि यह ज़िंदग़ी बदलने वाला अहसास था, हालांकि चैरिटी उसके बाद से टिमोथी के साथ संपर्क में नहीं है.
स्टैफ़र्ड ने कहा, "मुझे यह बहुत अच्छा लगा कि दुनिया का सबसे ताक़तवर इंसान बिना किसी प्रचार के दुनिया के एक बेहद ग़रीब बच्चे तक पहुंचता है."
"मुझे लगता है कि उन्होंने कई ऐसे अच्छे काम किए हैं जिसकी जानकारी हमें नहीं है और कई ऐसी चीज़ें जो हमें कभी पता नहीं चलेंगी."
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