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ये है नक़ाब वाली इमोजी
जर्मनी में रहने वाली सऊदी मूल की एक लड़की ने नक़ाब वाली इमोजीज़ (इलेक्ट्रोनिक उपकरणों के भावपूर्ण संकेत) बनाई है. 15 साल की रऊफ़ अल्हुमेदी ने इन इमोजीज़ को स्वीकृति के लिए यूनीको़ड कंसोर्टियम को भेजा है.
ऑनलाइन डिस्कशन फोरम रेडिट के सह संस्थापक एलेक्सिस ओहेनियन को ये काफ़ी पसंद आईं. अगर इन इमोजीज़ को मंज़ूरी मिल जाती है तो 2017 से ये इस्तेमाल में आ जाएंगी.
नक़ाब वाली इमोजीज़ का प्रस्ताव ऐसे वक़्त आया है जब यूरोप में हिजाब और नक़ाब बहस का मुद्दा बना हुआ है.
नक़ाब को लेकर यूरोप में धार्मिक स्वतंत्रता, महिलाओं की समानता, धर्मनिरपेक्ष परंपरा और आतंकवाद का डर जैसे मुद्दों पर बहस चल रही है.
ऐसे में रऊफ़ अल्हुमेदी ने इमोजीज़ पर एक लेख पढ़ने के बाद यूनीकोड को अपनी बनाई नक़ाब वाली इमोजी को लेकर मेल लिखा.
अपने पहले ड्राफ्ट में अल्हुमेदी ने लिखा '' डिजिटलाईज़ेशन के युग में तस्वीरें संचार का अहम हिस्सा हैं. दुनिया में कई करह के मतभेद होने के बावजूद हमें प्रतिनिधित्व करना चाहिए.हम यहां नक़ाब को जोड़े जाने पर चर्चा कर रहे हैं.''
मंगलवार को इस मुद्दे पर ऑनलाइन रेडिट लाइव भी किया जिसमें यूज़र्स ने अल्हुमेदी से इमोजीज़ के आइडिये को लेकर सवाल पूछे.
कुछ ने इसमें शामिल होने की बात कही तो कुछ लोगों ने हिजाब के वजूद पर सवाल उठाते हुए इस महिलाओं को अंधेरे में रखने वाला बताया.