BBC Hindi: बीते हफ़्ते की वो ख़बरें, जो शायद आप मिस कर गए

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नमस्ते. उम्मीद है कि आप अच्छे होंगे, खुश होंगे और सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहे होंगे.

हम जानते हैं कि रोज़मर्रा की आपा-धापी के बीच आपके लिए देश-दुनिया की हर ख़बर पर नज़र रखना मुश्किल रहता होगा.

ऐसे में हम लाए हैं बीते सप्ताह की कुछ दिलचस्प और अहम ख़बरें, जिन पर शायद आपकी नज़र ना गई हो.

ये पाँच ख़बरें आपने पढ़ लीं तो ये समझिए कि आप पूरी तरह से अपडेटेड हो गए.

गौतम अदानी को एफ़पीओ क्यों रद्द करना पड़ा?

भारतीय शेयर बाज़ार में इन दिनों अभूतपूर्व दांव चल रहे हैं और वो भी गौतम अदानी के नेतृत्व वाले अदानी समूह के इर्द-गिर्द.

पिछले हफ़्ते अमेरिकी रिसर्च एजेंसी हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आने के बाद से ही अदानी समूह के शेयरों की दुर्गति हो रही है.

बुधवार को देर शाम गौतम अदानी ने अचानक घोषणा की कि अदानी इंटरप्राइज़ेज़ का 20 हज़ार करोड़ रुपए का एफ़पीओ (भारत का अब तक का सबसे बड़ा एफ़पीओ) रद्द किया जा रहा है और जिन्होंने भी इसमें निवेश किया है, उन्हें उनकी रकम वापस लौटा दी जाएगी.

ये घोषणा चौंकाने वाली इसलिए थी कि मंगलवार को अदानी इंटरप्राइज़ेज़ का एफ़पीओ पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था.

ये अलग बात है कि इसमें रिटेल यानी आम निवेशकों ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई और रिटेल निवेशकों का हिस्सा सिर्फ़ 12 फ़ीसदी ही सब्सक्राइब हो सका.

यहाँ तक कि अदानी समूह के कर्मचारियों के लिए सुरक्षित रखे गए शेयर भी नहीं बिक सके और ये हिस्सा भी 53 फ़ीसदी के आस-पास ही सब्सक्राइब हो सका.

गौतम अदानी और उनके समूह की साख दांव पर थी और बाद में जिस तरह की ख़बरें मीडिया में आईं, उससे पता लगा कि कुछ बड़े संस्थागत निवेशकों और बड़े निवेशकों के बूते ही इस एफ़पीओ का बेड़ा पार लगाया गया है. पूरी कहानी यहां पढ़ें.

मां को लोग कहते थे डायन, क्रिकेटर बेटी ने इतिहास रच दिया

उत्तर प्रदेश के उन्नाव का रतईपुरवा गांव. दक्षिण अफ्रीका में भारतीय महिला क्रिकेट टीम के अंडर19 वर्ल्ड कप जीतते ही इस गांव के नज़ारे बदले हुए हैं.

इन बदले नज़ारों में भी गांव की हक़ीक़त बदली नहीं है. गांव तक जाने के लिए न कोई पक्का रास्ता है और न ही यहां पहुँचने के लिए आसानी से कोई साधन मिलता है.

लेकिन इस गांव से ही निकलकर स्पिनर अर्चना देवी ने महिला अंडर 19 टीम में जगह बनाई और फिर दक्षिण अफ्रीका जाकर भारतीय टीम के साथ-साथ गांव और परिवार का नाम रोशन किया.

अर्चना का पूरा परिवार एक कमरे में रहता है. कमरे में गृहस्थी के नाम पर एक गैस सिलेंडर, एक खाट और एक दिन पहले मिला नया इनवर्टर है.

कमरे की खूंटी पर अर्चना को यूपी क्रिकेट एसोसिएशन की तरफ से मिला बैग टंगा हुआ था. पास में अर्चना की तस्वीर और कुछ किताबें रखी हैं.

वर्ल्डकप जिताने में अहम भूमिका निभाने वाली अर्चना की मां सावित्री देवी ख़ुश हैं मगर ख़राब तबीयत के कारण कुछ परेशान भी हैं.

सावित्री देवी ने कहा, "सुबह नाश्ते में हमने दलिया बनाई थी. बेटे को खिला दी थी जैसे ही खुद खाने जा रहे थे तो लोग बधाई देने आ गए. उनसे मिलने लगे तो दलिया एक कुत्ता खा गया."

सुर्खियों में आने और सफ़लता मिलने के बाद भी अर्चना के परिवार के पास दो वक़्त के खाने का इंतज़ाम नहीं है.

शाहरुख ख़ान की फ़िल्म 'पठान' पर बायकॉट का क्या असर हुआ?

फ़िल्म 'पठान' के साथ शाहरुख़ ख़ान ने पर्दे पर चार साल बाद वापसी की. फ़िल्म ने पांच दिन में पूरी दुनिया में जब 523 करोड़ रुपये कमाए तो इसकी ख़ुशी शाहरुख़ ख़ान के चेहरे और प्रतिक्रियाओं में साफ़ दिख रही थी.

इसी ख़ुशी को साझा करने शाहरुख़ ख़ान लंबे वक़्त बाद 30 जनवरी की शाम सार्वजनिक तौर आमने-सामने सवालों से मुखातिब हुए. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में शाहरुख़ अपने पुराने अंदाज़ में नज़र आए. हँसी-मज़ाक, सवालों के चुटीले जवाब और उसी बीच कहीं कोई संजीदगी भरी बात.

शाहरुख़ ख़ान ने कहा, ''हम सबकी ज़िंदगी की ही तरह कुछ अच्छे हिस्से रहे और कुछ बुरे हिस्से रहे. मेरे लिए भी ऐसा ही रहा.''

शाहरुख़ ने कहा, ''मेरी दिल से तमन्ना रहती है कि मैं लोगों में ख़ुशी बाँट सकूं. जब मैं इसमें फ़ेल होता हूं तो किसी को इतना दुख नहीं होता, जितना मुझे होता है. ऐसे में बहुत ख़ुश हूं कि मैं ख़ुशी बाँट सका.''

शाहरुख़ ने जिस ख़ुशी की बात की, वो 'पठान' फ़िल्म की कामयाबी से जुड़ी हुई है. शाहरुख़ की ये ख़ुशी फ़ैंस के बीच तो दिख ही रही है पर कमाई के मामले में बॉक्स ऑफ़िस को भी गुलज़ार कर रही है.

ऐसे में सवाल ये कि फ़िल्म 'पठान' की कामयाबी का राज़ क्या है? पूरी कहानी यहां पढ़ें.

ChatGPT क्या है और ये कैसे काम करता है?

30 नवंबर को जब दुनिया क़तर में हो रहे फ़ुटबॉल वर्ल्ड कप का आनंद ले रही थी, तब दुनिया में ChatGPT नाम के एक आर्टिफ़िशियल टूल ने डेब्यू किया.

ये नया सिस्टम ऐसा कॉन्टेट लिख सकता है जो बहुत ही सटीक होता है और इंसानों के लिखे जैसा ही प्रतीत होता है. ये नया टूल गूगल के लिए ख़तरा बनकर उभरा है और आलम ये है कि जीमेल के फाउंडर पॉल तक ने कुछ वक़्त पहले कहा था कि दो साल में ये टूल गूगल को बर्बाद कर सकता है.

फ़िलहाल इस प्रोग्राम में कुछ कमियां देखी जा सकती हैं लेकिन वक़्त के साथ ये टूल और स्मार्ट होता जाएगा. इसे पसंद करने वाले इसकी तारीफ़ों के पुल बांध रहे हैं लेकिन कुछ लोगों के मन में इस नए टूल को लेकर डर भी है.

अगर आप इंटरनेट पर ChatGPT के रिव्यू पढ़ेंगे तो बार-बार 'ख़तरा' शब्द का ज़िक्र मिलेगा. कई लोगों का मानना है कि ये प्रोग्राम मानव मस्तिष्क को तेज़ी से कॉपी कर रहा है. पूरी कहानी यहां पढ़ें.

वागनर ग्रुप: रूस के अपराधियों की टोली की पूरी कहानी

कई वर्षों तक बिज़नेसमैन येवगिनी प्रिगोझिन की पर्सनल आर्मी 'वागनर ग्रुप' लाइमलाइट से दूर रही. रूस का शीर्ष नेतृत्व इसके अस्तित्व से इनकार करता रहा.

लेकिन यूक्रेन पर रूसी हमले के दौरान, इसने जंग में लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभाना शुरू कर दिया.

जेल की सज़ा काट चुके इसके कुछ लड़ाकों को रूस के शीर्ष मेडल से सम्मानित किया गया है.

साल 2022 के अंतिम दिन रूस के राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन ने यूक्रेन में जंग लड़ चुके सिपाहियों और अधिकारियों को देश के शीर्ष मेडल से सम्मानित करने के लिए देश के दक्षिणी हिस्से का दौरा किया था.

सम्मानित होने वाले इन्हीं सैनिकों में जंग से थका दिखता दाढ़ी वाला वो नौजवान भी था जो बाकियों से बिल्कुल अलग वर्दी में था. ये वागनर ग्रुप का लड़ाका था. पूरी कहानी यहां पढ़ें.

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