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सोनू सूद ने 20 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी की: आयकर विभाग
आयकर विभाग के मुताबिक अभिनेता सोनू सूद ने 20 करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स चोरी की है. आयकर विभाग ने पिछले तीन दिनों में मुंबई में उनके घर की पड़ताल करने के बाद शनिवार को एक बयान जारी कर ये जानकारी दी.
48 साल के सूद ने हाल ही में अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के एक कार्यक्रम के लिए ब्रैंड एंबेस्डर बनाए गए हैं. आयकर विभाग के मुताबिक सूद की नॉन प्रॉफ़िट संस्था ने 2.1 करोड़ रुपये विदेशों से क्राउडफंडिग के माध्यम जुटाये जो कि विदेशी योगदान (विनियमन) अधिनियम का उल्लंघन है.
आयकर विभाग ने अपने बयान में कहा कि सोनू सूद और उनके सहयोगियों से जुड़े ठिकानों पर सर्च के दौरान टैक्स चोरी से संबंधित सबूत मिले हैं. सोनू ने मुख्य तौर पर काम करने का जो तरीका अपनाया वो था अपनी अघोषित आय को फर्जी स्रोतों से लिए गए कर्ज़ के रूप में दिखाना.
"अभी तक की जांच में 20 ऐसी एंट्री मिली हैं जिन्हें देने वालों ने जांच के दौरान ये माना है कि ये फ़र्ज़ी हैं. उन्होंने कबूल किया कि उन्होंने नकद के बदले चेक दिया था. इस बात के सबूत मिले हैं कि कई आधिकारिक रसीद को टैक्स से बचने के लिए अकाउंट में लोन की तरह दिखाया गया है. ये भी पाया गया कि इन फ़र्जी लोन का इस्तेमाल निवेश के लिए और प्रॉपर्टी ख़रीदने के लिए किया गया. अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक 20 करोड़ रुपये से अधिक रकम की टैक्स चोरी हुई है."
बयान के मुतबिक, "21 जुलाई, 2020 को अभिनेता द्वारा स्थापित चैरिटी फाउंडेशन ने 01.04.2021 से अब तक 18.94 करोड़ रुपये का दान एकत्र किया है, जिसमें से इसने लगभग 1.9 करोड़ रुपये विभिन्न राहत कार्यों के लिए ख़र्च किए और 17 करोड़ रुपये खाते में पड़े मिले."
तलाशी के दौरान 1.8 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की गई है और 11 लॉकर पर प्रतिबंध लगाए गए हैं.
इस प्रकरण में सोनू सूद से जुड़ी लखनऊ की एक कंपनी का नाम भी आया है. आरोप है कि फर्जी बिलिंग, फ़र्जी कॉन्ट्रैक्ट और ख़र्चे के हेरफेर में शामिल थी.
बयान के मुताबिक, "फर्जी कॉन्ट्रैक्ट की कीमत 65 करोड़ से अधिक है और टैक्स चोरी की पूरी जानकारी जुटाने के लिए जांच जारी है."
सोनू सूद की ओर से आयकर विभाग के लगाए आरोपों पर कोई टिप्पणी नहीं आई है.
कोरोना के दौरान मदद से आए सुर्खियों में
सोनू सूद कोरोना महामारी के दौरान ज़रूरतमंद लोगों तक सामान पहुँचाने और अलग-अलग जगहों पर फँसे मज़दूरों को उनके घर तक पहुँचाने के लिए चर्चा में रहे हैं. सोशल मीडिया पर उनका नाम अक्सर ट्रेंड करता रहा है. कई बार उन्हें 'मसीहा' और दूसरों के लिए 'प्रेरणा स्रोत' भी बताया गया.
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान उनके कई वीडियो सामने आए जिनमें वे ऑक्सीजन सिलेंडरों की डिलिवरी करते ख़ुद दिखे. इसके अलावा उनकी अपील से कोरोना प्रभावित लोगों की मदद के लिए अच्छी ख़ासी रकम भी जुटाई गई.
ये रिपोर्ट भी आई कि सोनू सूद से प्रेरित होकर आंध्र प्रदेश के विज़ियनगरम ज़िले के सालुरू मंडल के आदिवासी गांव के युवाओं ने अपने गांव में सड़क निर्माण का फ़ैसला लिया और वो भी बिना किसी अधिकारी और सरकारी मदद के.
आम आदमी पार्टी के साथ आए
इस बीच ऐसी अटकलें भी तेज़ हो गईं कि वे राजनीति में आ सकते हैं. उनसे कई बार ऐसे सवाल पूछे गए, लेकिन उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया.
कई बार कयास लगाए गए कि वे सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं, लेकिन अरविंद केजरीवाल के साथ एक मंच पर आकर उन्होंने लोगों को चौंका दिया. सोनू सूद को अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली दिल्ली सरकार ने 'देश के मेंटोर' कार्यक्रम का ब्रैंड एंबेसडर बनाया. इस कार्यक्रम के ज़रिए स्कूली बच्चों को भविष्य के बारे में मार्गदर्शन दिया जाएगा. इसी की घोषणा के दौरान दोनों एक साथ मंच पर दिखे.
सोनू सूद पंजाब के मोगा ज़िले में पैदा हुए थे. माना जा रहा है कि अगर वो आम आदमी पार्टी के साथ आते हैं तो राज्य में अरविंद केजरीवाल की पार्टी की हालत सुधर सकती है. हालांकि, सोनू सूद ने बीते महीने राजनीति में आने की संभावना से इनकार किया था.
सोनू सूद को बॉलीवुड में 'जोधा अकबर' (2008) और 'दबंग' (2010) जैसी फ़िल्मों में काम करने की वजह से प्रसिद्धि मिली.
साल 2010 के बाद से हिंदी फ़िल्मों में उनका करियर बहुत अच्छा नहीं चल रहा था. इस दौरान वो हिंदी की छोटे बजट की फ़िल्मों के अलावा तमिल और तेलुगु फ़िल्मों में लगातार काम कर रहे थे.
सोनू बॉलीवुड के बड़े स्टार सलमान ख़ान की फ़िल्म 'दबंग' में 'छेदी सिंह' की भूमिका में नज़र आए थे. इस किरदार ने उन्हें अच्छी प्रसिद्धि दी थी. उसके बाद वो तमाम फ़िल्मों में काम करते रहे हैं, लेकिन कोई और किरदार उन्हें 'छेदी सिंह' जैसी चर्चा नहीं दिला सका.
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