कर्नाटक में मैसूर गैंगरेप मामले के अभियुक्त अब भी फ़रार, पुलिस की कई टीमें गठित

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    • Author, इमरान क़ुरैशी
    • पदनाम, बेंगलुरु से, बीबीसी हिंदी के लिए
  • प्रकाशित
  • पढ़ने का समय: 3 मिनट

कर्नाटक की मैसूर पुलिस ने चामुंडी पहाड़ियों के पास 23 साल की एक एमबीए छात्रा के साथ हुए कथित सामूहिक बलात्कार के पाँच अभियुक्तों को पकड़ने के लिए कई टीमें तैनात की हैं.

आरोप है कि छात्रा और उनके ही कॉलेज में साथ पढ़ने वाले उनके साथी को अभियुक्तों ने घेर लिया था. आरोप है कि अभियुक्तों ने उनके पुरुष साथी पर शराब की बोतलें फेंककर हमला किया और फिर पीड़िता का यौन उत्पीड़न किया.

मैसुरु बलात्कार

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साथी की शिकायत पर मामला हुआ दर्ज

यह घटना मंगलवार शाम क़रीब साढ़े सात बजे हुई थी. बताया जा रहा है कि उस वक़्त छात्रा अपने मित्र के साथ ललिताद्रिपुरा से मैसुरु लौट रही थीं. पीड़िता कर्नाटक से बाहर की रहने वाली हैं.

घटना के तुरंत बाद, पीड़िता को वहाँ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. पुलिस को अस्पताल के ज़रिए घटना के बारे में पता चला. उसके बाद उनके साथी की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की.

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पुलिस ज़्यादा बताने को तैयार नहीं

मैसूर के पुलिस आयुक्त डॉ. चंद्रगुप्त ने बीबीसी हिंदी को बताया कि पीड़िता ख़तरे से बाहर हैं.

उन्होंने कहा, "अभियुक्तों की गिरफ़्तारी के लिए कई टीमों का गठन किया गया है. यह मामला काफ़ी संवेदनशील है, लिहाजा इस बाबत और जानकारी नहीं दी जा सकती."

बताया जा रहा है कि यौन उत्पीड़न या बलात्कार के मामलों में पुलिस को जानकारी सार्वजनिक करने से बचने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को देखते हुए पुलिस असामान्य रूप से चुप्पी साधे हुए है.

कई टीमें गठित

मैसुरु रेप कांड

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सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस मदन बी. लोकुर की पीठ ने ऐसे मामलों को लेकर पुलिस को सख़्त हिदायत दी थी.

उधर, कर्नाटक के गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (क़ानून व्यवस्था) प्रताप रेड्डी को मामले की निगरानी के लिए मैसूर जाने का आदेश दिया है.

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बासवराज बोम्मई ने कहा है कि ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और दोषी जल्द ही पकड़े जाएँगे

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पुलिस सूत्रों के अनुसार, अभियुक्तों ने शुरू में उन्हें लूटने की कोशिश की. लेकिन बाद में अभियुक्तों ने उनके साथी की पिटाई की और फिर पीड़िता के साथ बलात्कार किया.

मैसुरु रेप कांड

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घटनास्थल के बारे में बताया गया है कि वह एक जंगली और निर्जन इलाक़ा है, जहाँ प्रेमी युगल अक्सर घूमने के लिए आते हैं.

बताया गया है कि घटनास्थल से पुलिस को शराब की बोतलें और ''कुछ अन्य सबूत'' मिले हैं.

गृह मंत्री के बयान पर विवाद

इस बीच गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र की यह कहने पर आलोचना की जा रही है कि "पीड़िता और उनके पुरुष मित्र को शाम 7.30 बजे वहां नहीं जाना चाहिए था."

मैसूर में बलात्कार की इस घटना के साथ बीते कुछ हफ़्तों के दौरान वहां हिंसा की कई घटनाओं को लेकर कांग्रेस की ओर से आलोचना और उनके इस्तीफे की मांग के बाद उनका बयान आया.

ज्ञानेंद्र ने कहा, "वहां जो हुआ, वो रेप है. कांग्रेस मेरा रेप करने की कोशिश कर रही है. पहली बात तो यह कि उन्हें (पीड़िता और उनके पुरुष मित्र को) 7.30 बजे शाम में वहां नहीं जाना चाहिए था. ऐसी घटनाएं सभी सरकारों के दौरान हुई हैं."

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बासवराज बोम्मई

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गृह मंत्री के बयान पर मुख्यमंत्री ने क्या कहा?

इधर नई दिल्ली में कर्नाटक के मुख्यमंत्री बासवराज बोम्मई ने अपने गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र की उस टिप्पणी का खंडन किया जिसमें उन्होंने कहा कि पीड़ित लड़की और उसके पुरुष मित्र को सुनसान जगह पर नहीं जाना चाहिए था.

उन्होंने कहा, "मैं अपने गृह मंत्री के सामूहिक बलात्कार की घटना के बारे में की गई टिप्पणी से सहमत नहीं हूं. मैंने उन्हें स्पष्टीकरण देने की सलाह दी है."

साथ ही सीएम बासवराज बोम्मई ने कहा कि उनकी सरकार मैसूर रेप के मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम बनाएगी, अपराधियों का जल्द ही पकड़ लिया जाएगा और उन्हें न्याय के दायरे में लाया जाएगा.

नई दिल्ली के दो दिवसीय दौरे पर आए मुख्यमंत्री बासवराज बोम्मई ने गुरुवार को न्यूज़ एजेंसी पीटीआई से कहा, "मैं और डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) बेंगलुरु पहुंचने के साथ ही विशेष टीम का गठन करेंगे. हम जांच को लेकर कोई समझौता नहीं करेंगे."

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