बदरुद्दीन अजमल बोले, कांग्रेस के सीएम उम्मीदवार का करेंगे समर्थन - प्रेस रिव्यू

बदरुद्दीन अजमल

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टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी एक ख़बर के अनुसार एआईयूडीएफ़ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने स्पष्ट कर दिया है कि चुनावों के बाद वो कांग्रेस को अपना समर्थन देंगे.

बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि "पहले चरण की वोटिंग के बाद ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस के नेतृत्व वाले 'महाजोट' ने अच्छी बढ़त ली है. दो मई को मतगणना ख़त्म होगी और हम कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को अपना समर्थन देंगे."

अख़बार के अनुसार माना जा रहा था कि नए मुख्यमंत्री के चुनाव में बदरुद्दीन अजमल की पार्टी की भूमिका बड़ी हो सकती है और इससे प्रदेश की राजनीति में प्रवासी मुसलमानों की पकड़ बढ़ सकती है.

चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी नेता हिमन्त बिस्व सरमा बदरुद्दीन अजमल पर प्रदेश में कांग्रेस को नियंत्रित करने का आरोप लगा चुके हैं.

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अब बदरुद्दीन अजमल ने स्पष्ट कर दिया है कि मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को लेकर वो कोई चर्चा नहीं करेंगे बल्कि कांग्रेस के उम्मीदवार का पूरा समर्थन करेंगे. उनके इस बयान से उन कयासों पर रोक लग गई है कि मुख्यमंत्री पद के दावेदार के नाम के चयन में वो बड़ी भूमिका निभा सकते हैं.

प्रदेश में कांग्रेस के नेतृत्व में हुए गठबंधन 'महाजोट' में कांग्रेस सबसे बड़ी है जिसके बाद एआईयूडीएफ़ की अहम भूमिका है.

महाराष्ट्र के नांदेड़ में धार्मिक जुलूस को लेकर हिंसा

दैनिक भास्कर में छपी एक ख़बर के अनुसार महाराष्ट्र के नांदेड़ में एक धार्मिक जुलूस निकालने से रोकने पर जुटी भीड़ ने पुलिसवालों पर हमला कर कइयों को घायल कर दिया.

ख़बर के अनुसार नांदेड़ के निशान साहिब गुरुद्वारे में सिखों का त्योहार होला मोहल्ला मनाने के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए थे. प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों की वजह से धार्मिक कार्यक्रमों पर रोक लगाई गई है. ऐसे में पुलिस ने भीड़ को रोका जिसके बाद यहां भीड़ आक्रामक हो गई.

इसके बाद जमा हुई भीड़ ने बैरिकेडिंग तोड़ दी, सड़क पर खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ की और पुलिसवालों पर हमला किया. हिंसा में चार पुलिसकर्मी घायल हो गए.

नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक के अनुसार, कोरोना के मद्देनज़र लगाई गई पाबंदियों की वजह से होला मोहल्ला का जुलूस मनाने की अनुमति नहीं दी गई थी और इसके बारे में गुरुद्वारा कमेटी को जानकारी दे दी गई थी.

महाराष्ट्र कोविड-19

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एक और लॉकडाउन का जोखिम नहीं ले सकता महाराष्ट्र

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी नेता नवाब मलिक ने सोमवार को कहा है कि राज्य एक और लॉकडाउन का जोखिम नहीं ले सकता. उन्होंने कहा कि अगर लोग दिशानिर्देशों का पालन करें तो कोरोना के बढ़ते मामलों पर लगाम लगाई जा सकती है.

हिंदुस्तान टाइम्स ने अपनी वेबसाइट पर ख़बर दी है कि नवाब मलिक ने कहा है कि "हमने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से गुज़ारिश की है कि वो लॉकडाउन की बजाय अन्य विकल्पों पर भी विचार करें. कोरोना संक्रमण के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं और उन्होंने प्रशासन को लॉकडाउन की तेयारी के आदेश दिए हैं. लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि लॉकडाउन को टाला नहीं जा सकता. अगर लोग नियमों का पालन करने के लिए तैयार हैं तो इससे बचा जा सकता है."

रविवार को मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रदेश में "एक और लॉकडाउन" लगाने की तैयारी के आदेश दिए थे. रविवार से यहां रात का कर्फ्यू लगा दिया गया है. महाराष्ट्र फिलहाल कोरोना महामारी की दूसरी लहर से जूझ रहा है और देश में कोरोना संक्रमण के कुल मामलों में से 60 फीसदी यहां से हैं.

इससे पहले सोमवार को बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा था कि "कोविड-19 के मामले बढ़ने के कारण लॉकडाउन लगाना कोई हल नहीं. अगर लॉकडाउन लगाया भी गया तो प्रदेश सरकार कोई राहत पैकेज नहीं देगी."

उन्होंने मुख्यमंत्री पर तंज़ कसते हुए कहा, "मातोश्री घर के भीतर बैठकर आप नहीं समझ सकते बीते एक साल में लोगों ने किस तरह ज़िंदगी गुज़ारी है." मातोश्री मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का आवास है.

29 मार्च 2021 तक के महाराष्ट्र सरकार के जारी किए आंकड़ों के मुताबिक़ महाराष्ट्र में कोरोना के अब तक कुल 2,713,875 मामले दर्ज किए गए हैं. यहां फिलहाल कोरोना के 325,901 एक्टिव मामले हैं और अब तक 54,181 लोगों की मौत इस वायरस से हो चुकी है.

डॉ एस जयशंकर

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भारत-पाकिस्तान के विदेश मंत्री होंगे आमने सामने

अफ़ग़ानिस्तान को लेकर होने वाली एक अहम बैठक में आज भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों की मुलाक़ात होने वाली है. ये बैठक ताजिकिस्तान की राजधानी दुशान्बे में होने वाली है.

इस बैठक में भारत और पाकिस्तान से अलावा तीस और देश शामिल होंगे और कई क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठन भी हिस्सा लेंगे.

इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित एक और ख़बर में सूत्रों के हवाले से लिखा है कि भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनके पाकिस्तानी समकक्ष शाह महमूद क़ुरैशी दोनों कार्यक्रम में शामिल होंगे ज़रूर लेकिन दोनों के बीच कोई द्विपक्षीय वार्ता तय नहीं की गई है.

हालांकि सूत्रों का कहना है कि बीते महीने दोनों देशों मे 2003 में हुए युद्धविराम का पालन करने का फ़ैसला किया था. ये फैसला लिए जाने के बाद ये पहली बार है जब दोनों पड़ोसी मुल्कों के विदेश मंत्री एक दूसरे के आमने सामने होंगे. ऐसे में दोनों के बीच किसी बैठक से इनकार भी नहीं किया जा सकता.

इससे पहले रविवार को शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा था कि फिलहाल भारत की तरफ से औपचारिक तौर पर किसी बैठक के बारे में बात नहीं छेड़ी गई है. वहीं दिल्ली में आयोजित इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव में 26 मार्च को को एस जयशंकर ने कहा था कि जहां तक उनकी जानकारी है अब तक दोनों के बीच कोई बैठक तय नहीं की गई है.

केरल चुनाव

केरल हाई कोर्ट ने कहा, चुनाव में फ़र्ज़ी वोटिंग न होने दें

केरल हाई कोर्ट की एक डिविज़न बेंच ने सोमवार को चुनाव आयोग को आदेश दिया है कि वो सुनिश्चित करें कि मतदान के दौरान डबल वोटिंग न हो और एक व्यक्ति एक ही मत डाले.

द हिंदू की वेबसाइट में छपी एक ख़बर के अनुसार चीफ़ जस्टिस एस मणिकुमार और जस्टिस शाजी पी चाली की बेंच ने आदेश दिया कि इसके लिए सभी मतदान केंद्रों पर उचित संख्या में सुरक्षाबल तैनात किए जाएं.

इससे पहले विपक्ष के नेता रमेश चेन्नीथला ने कोर्ट से गुज़ारिश की थी कि विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र हाल में प्रकाशित वोटर लिस्ट में फ़र्ज़ी नाम और मल्टिपल एंट्री को तुरंत फ्रीज़ करने के लिए चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव अधिकारी को आदेश दिए जाएं.

द हिंदू के अनुसार, कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि "ऐसा लगता है कि चुनाव आयोग ने जो फाइनल वोटर लिस्ट प्रकाशित की है उसमें गड़बड़ी है."

कोर्ट ने कहा कि वोटर लिस्ट में एक व्यक्ति का नाम दो बार होने से उसे दो बार मतदान करने का मौक़ा मिल सकता है जो क़ानूनन ग़लत है.

चुनाव आयोग की तरफ से पेश हुए वकील ने कोर्ट में कहा कि वोटर लिस्ट में इस तरह की मल्टिपल एंट्री खोज कर उसे दुरुस्त करने का काम चल रहा है.

उन्होंने कहा कि कई बार वोटर अपना घर बदलते हैं लेकिन और ऐसे में उसका नाम दो बार रजिस्टर होने की संभावना होती है. इस तरह की गड़बड़ी को सुधारने का काम जारी है.

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