कोरोना: होली पर बरती गई लापरवाही आपको बना सकती है सुपरस्प्रेडर

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- Author, कमलेश
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
- प्रकाशित
- पढ़ने का समय: 5 मिनट
साल 2020 में वो मार्च का ही महीना था जब भारत में कोरोना वायरस के मामलों ने रफ़्तार पकड़नी शुरू कर दी थी.
होली के ठीक बाद स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए थे और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी रोक लग गई थी.
लगभग एक साल गुजर जाने पर इस बार फिर होली आने वाली है और कोरोना का प्रकोप एक बार फिर बढ़ गया है.
पिछले एक साल में कोरोना के मामले नौ हज़ार तक भी पहुंचे और लगने लगा कि जैसे कोरोना का अंत आ गया है.
लेकिन, पिछले एक महीने में कोरोना वायरस के मामलों ने फिर से रफ़्तार पकड़ ली है जिसे भारत में कोरोना की दूसरी लहर कहा जा रहा है.
कई जगहों पर लॉकडाउन
26 मार्च को देशभर में कोरोना वायरस के 59,118 मामले सामने आए हैं और 257 लोगों की मौत हो चुकी है.
अब तक कोरोना के एक करोड़ 18 लाख से ज़्यादा मामले आ चुके हैं और चार लाख 21 हज़ार से ज़्यादा एक्टिव मामले हैं.
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कई जगहों पर लॉकडाउन लगा दिया गया है. टीकाकरण अभियान तेज़ किया जा रहा है और मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों के पालन के लिए जोर दिया जा रहा है.
इसी बीच 29 मार्च को होली है और सरकारें अलर्ट पर आ गई हैं. पहले भी त्योहार के बाद कोरोना वायरस के मामलों में तेज़ी देखने को मिली है.
पिछले साल अक्टूबर और नवंबर में नवरात्रों और दीवाली के दौरान कोरोना वायरस के मामले बढ़ने लगे थे.
कोरोना महामारी की दूसरी लहर और कोविड-19 के नए वैरिएंट्स के बीच होली के दौरान बरती गईं असावधानियां कोरोना से निपटने में चुनौती बन सकती हैं.
डॉक्टरों का कहना है कि हमें पुराने अनुभवों से सीखना चाहिए और समारोहों में जाकर सुपरस्प्रेडर बनने से बचना चाहिए.

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होली पर सुपरस्प्रेडर बन सकते हैं लोग
आकाश हेल्थकेयर में इंटरनल मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉक्टर राकेश पंडित कहते हैं, "अक्सर देखा गया है कि जितने भी बड़े समारोह, त्योहार या सभाएं होती हैं उसके बाद कोविड के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिलती है. उत्तराखंड में हो रहे कुंभ मेले में भी कोरोना वायरस के मामले सामने आ रहे हैं. शादियों के बाद मेहमान और दूल्हा-दुल्हन तक संक्रमित मिले हैं. ऐसे में जब भी कोरोना वायरस से बचने के नियम तोड़े जाते हैं तो वायरस को फैलने का मौका मिल जाता है."
वो कहते हैं, "वहीं, कोरोना वायरस के नए वैरिएंट्स भी सामने आ रहे हैं. हाल ही में डबल म्यूटेडेट वायरस भी मिला है. ये नए वैरिएंट्स ज़्यादा संक्रामक हैं. होली में लोग मिलते-जुलते हैं, इकट्ठा होते हैं और खाना-पीना होता है. ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाने जैसे नियमों का पालन नहीं हो पाता. इस सबके कारण मिलकर कोरोना वायरस की रफ़्तार को तेज़ कर देंगे."
भारत में होली अलग-अलग तरह से बनाई जाती है. कहीं, ये एक दिन का त्योहार है तो कहीं कई दिनों तक चलती रहती है. कई जगहों पर होली मेले भी आयोजित किए जाते हैं जिनमें काफ़ी भीड़ होती है.
कोविड-19 के लिए हरियाणा में नोडल ऑफिसर डॉक्टर ध्रुव चौधरी बताते हैं कि ऐसे समारोहों में अक्सर सुपरस्प्रेडर के मामले देखे गए हैं. यहां भीड़ में मौजूद कोई संक्रमित व्यक्ति कई और लोगों को संक्रमित कर सकता है. वहीं, अगर आपने मास्क भी पहना भी है तो वो पानी से भीग जाएगा और फिर सुरक्षित नहीं रहेगा.
इस दौरान सावधानियों को लेकर डॉक्टर राकेश का कहना है कि आप होली मनाएं लेकिन भीड़-भाड़ वाली जगहों पर ना जाएं. घर में रहकर होली मनाएं तो बेहतर होगा. साथ ही उन राज्यों में भी जाने से बचें जहां बहुत अधिक मामले आ रहे हैं. कोरोना को लेकर लापरवाही आने वाली दिवाली भी खराब कर सकती है.

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राज्यों के अनुसार दिशानिर्देश
होली के दौरान महामारी के बढ़ते खतरे को देखते हुए राज्य सरकारें विशेष तौर पर सर्तक हो गई हैं और होली मनाने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं.
- मुंबई में सभी निजी (घरेलू सोसायटीज के भीतर) और सार्वजनिक स्थानों पर होली सेलिब्रेट करने पर रोक लगा दी है. होलिका दहन और रंग पंचमी घर के अंदर ही खेलनी पड़ेगी.
- हरियाणा सरकार की ओर से सार्वजनिक स्थानों पर त्योहार मनाने और पूजा के लिए भीड़ एकत्रित करने पर पाबंदी लगा दी गई है. इसका उल्लंघन करने पर सख़्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.
- दिल्ली में होली पर किसी तरह के सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जा सकेंगे यानी इकट्ठा होकर होली खेलने की इजाजत नहीं है. कोरोना के ज्यादा मामलों वाले राज्यों से आने वालों का कोविड टेस्ट होगा. रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही दिल्ली में एंट्री मिलेगी.
- चंडीगढ़ प्रशासन ने होली से जुड़े सभी समारोहों पर रोक का आदेश जारी किया है. क्लब, होटल और रेस्तरां में होली पर इकट्ठा नहीं हो पाएंगे. उन्हें अपनी बैठने की क्षमता को 50% पर चलाना होगा.
- यूपी सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों और खतरे वाले समूहों को होली मनाने से बचने को कहा है. बिना प्रशासन की अनुमति के किसी जुलूस या समारोह की इजाजत नहीं होगी. कोरोना के ज़्यादा मामले वाले राज्यों से आने वालों की कोविड टेस्टिंग की जाएगी.
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोगों से घरों के अंदर होली मनाने की अपील की है. होली के मौके पर कोई मेला नहीं होगा. किसी भी आयोजन में 20 से ज्यादा लोग नहीं जुट सकेंगे.
- बिहार सरकार ने होली मिलन समारोहों पर रोक लगा दी है. दूसरे राज्यों से आने वालों की एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन पर जांच की जाएगी.
- गुजरात सरकार ने कहा कि होली परंपरागत रूप से सीमित रिवाजों के साथ मनाई जा सकती है. होली के दिन सार्वजनिक समारोहों और भीड़ वाले कार्यक्रमों की अनुमति नहीं होगी.
दूसरी लहर तेज़ क्यों
कोरोना वायरस की पहली लहर में 50 हज़ार का आंकड़े छूते-छूते चार से पांच महीने लग गए लेकिन दूसरी लहर में एक महीने के अंदर भारत में मामले नौ हज़ार से 50 हज़ार पर पहुंच गए हैं.
डॉक्टर ध्रुव बताते हैं, "पहली लहर में लॉकडाउन लगा था और संक्रमण कम था. अब कोई लॉकडाउन नहीं है. लोग एक-दूसरे से मिल रहे हैं. वहीं, नए-नए वैरिएंट भी सामने आ रहे हैं. पंजाब में जो नया वैरिएंट मिला है उसकी संक्रामक क्षमता 50 से 60 प्रतिशत ज़्यादा है. इसके चलते नई लहर तेज़ी से आगे बढ़ रही है."
"अप्रैल और मई का समय हमारे लिए मुश्किल होने वाला है. दूसरी लहर के पीक के लिए अभी लंबा इंतज़ार करना होगा. ये अलग-अलग राज्यों के हिसाब से आएगा. किसी राज्य में बहुत ज़्यादा मामले हैं तो किसी में बहुत कम, तो उनका पीक उनकी स्थितियों के अनुसार आएगा."
वैक्सीनेशन या लॉकडाउन
आईसीएमआर के डायरेक्टर जनरल ने पिछले हफ़्ते कहा था, "जैसा कि हम देख रहे हैं कि दूसरी लहर जल्दी आ गई है और हम कोरोना वायरस से लड़ाई का एक साल पूरा कर रहे हैं. हमारा फोकस टेस्टिंग, मास्क पहनने और वैक्सीनेशन पर है."
वैक्सीनेशन के बावजूद भी कई राज्यों में कोरोना की रफ़्तार को धीमा करने के लिए लॉकडाउन या कर्फ्यू लगाया जा रहा है. ऐसे में कोविड-19 वायरस को रोकने में कौन-से तरीक़े कारगर हो सकते हैं.
डॉक्टर राकेश बताते हैं कि लॉकडाउन एक अस्थाई विकल्प है. इसे बहुत ज़्यादा समय के लिए नहीं अपनाया जा सकता क्योंकि इससे देश की अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ता है. इसलिए वैक्सीनेशन को बढ़ाना ही सबसे कारगर तरीक़ा है. लेकिन, इसके साथ मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग की आदत को भी बनाए रखना होगा.
फिलहाल सरकार का ज़ोर उन राज्यों में कोरोना को रोकने पर है जहां सबसे ज़्यादा मामले सामने आ रहा है. इन राज्यों में महाराष्ट्र, केरल, पंजाब, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और गुजरात में भी तेज़ी से मामले बढ़ रहे हैं. वहीं, दिल्ली, तमिलनाडु, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी कोरोना का ग्राफ बढ़ रहा है.
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