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पाकिस्तान से लगी सीमा पर सांबा सेक्टर में मिली एक और सुरंग
- Author, मोहित कंधारी
- पदनाम, जम्मू से बीबीसी हिन्दी के लिए
- प्रकाशित
सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ़ के जवानों ने बुधवार सुबह जम्मू-कश्मीर के सांबा सेक्टर में पाकिस्तान से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एक सुरंग का पता लगाया है.
सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान की मदद से दहशतगर्दों ने सीमा पार से घुसपैठ के लिए सांबा सेक्टर के बोबियाँ गाँव में यह सुरंग बना रखी थी.
उनके मुताबिक़ अभी इस बात की पुष्टि करना मुश्किल है कि ये सुरंग कितनी पुरानी है और दहशतगर्दों ने भारत की सीमा में दाख़िल होने के लिए हाल फ़िलहाल में इस सुरंग का इस्तेमाल किया है या नहीं.
बीएसएफ़ के जम्मू रेंज के इंस्पेक्टर जनरल एनएस जामवाल ने सुरंग का दौरा करने के बाद स्थानीय पत्रकारों को बताया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मिली इस सुरंग की लंबाई क़रीब 150 मीटर है और इसकी गहराई लगभग 25 से 30 फुट है.
उन्होंने ये भी बताया कि इस सुरंग का मुहाना क़रीब ढाई से तीन फुट का है. यह सीमा से क़रीब 30 मीटर तक भारतीय इलाक़े में आकर खुलती है.
बीएसएफ़ के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सांबा क्षेत्र में सुरंग के बारे में इनपुट मिल रहे थे. इसके बाद ही विशेष टीमों को इसका पता लगाने के लिए निर्देश दिए गए थे. इसी पड़ताल में बुधवार सुबह सुरंग मिली. सुरंग के मुहाने को रेत की बोरियों से बंद किया गया था.
बीएसएफ़ ने सांबा सेक्टर के बोबियाँ के जिस इलाक़े में इस टनल का पता लगाया है, उसके ठीक सामने पाकिस्तान का शक्करगढ़ इलाक़ा पड़ता है. ऐसा माना जाता है कि शक्करगढ़ में चरमपंथी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और हिज़बुल मुजाहिदीन के कई लॉन्चिंग पैड हैं.
सुरक्षाबलों का कहना है कि सर्दी के मौसम में हर साल अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाक़ों से होते हुए दहशतगर्द जम्मू-कश्मीर में दाखिल होते हैं और सड़क मार्ग से कश्मीर घाटी पहुँचते हैं.
एनआईए की ओर से दाख़िल चार्जशीट के अनुसार पुलवामा हमले में भी चरपमंथी अंतरराष्ट्रीय सीमा के ज़रिए ही आए थे.
इससे पहले पिछले साल 22 नवंबर को भी इंटरनेशनल बॉर्डर से सटे सांबा सेक्टर में एक सुरंग मिली थी. यह इंटरनेशनल बॉर्डर से 160 मीटर अंदर तक थी और 25 मीटर गहरी थी. नवंबर में ही नगरोटा में बन टोल प्लाजा के पास चरमपंथियों से हुए एनकाउंटर के बाद इस सुरंग का पता चला था.
बीएसएफ का कहना है कि सीमा पर अब तक नौ सुरंगें मिल चुकी हैं. जम्मू पुलिस ने बॉर्डर ग्रिड के साथ-साथ हाइवे पर गश्त बढ़ा दी है. इसी के तहत जम्मू के सभी ज़िलों में 33 हाइवे पट्रोलिंग वाहनों को तैनात किया है जो आधुनिक उपकरणों और कैमरों से लैस हैं और इन सभी वाहनों को जम्मू के पुलिस कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है. यहां इन सभी वाहनों की रीयल टाइम पर निगरानी होती है. डीजीपी दिलबाग सिंह ने पाँच जनवरी से इसे शुरू किया था.
पुलिस के मुताबिक़ इन वाहनों में लगे कैमरे जम्मू में बैठे अधिकारियों तक किसी भी अनहोनी की तस्वीरें रीयल टाइम में भेज देंगे. इससे न केवल उस समय की स्थिति का सही आकलन किया जा सकेगा बल्कि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौक़े पर तैनात अपने अधिकारियों को समय-समय पर निर्देश भी दे सकते हैं. इन सभी वाहनों में टू-वे कम्युनिकेशन सिस्टम लगा है.
जम्मू के पुलिस कंट्रोल रूम में इन 33 वाहनों की 24 घंटे निगरानी के लिए एक सीसीटीवी रूम बनाया गया है. यहां दर्जनों अधिकारी और जवान इन वाहनों की फीड पर नज़र रखते हैं. पुलिस कंट्रोल रूम में बैठे यह अधिकारी और जवान किसी भी आपातकालीन स्थिति जैसे आतंकी हमलों, हाइवे क्राइम, जुलूसों/हंगामे या फिर हाइवे पर जाम की स्थिति पर नज़र रखेंगे.
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