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कोरोना महामारी से पीड़ित लोग हो रहे हैं डिप्रेशन के शिकार
- Author, सुशीला सिंह
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
- प्रकाशित
भारत के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय का कहना है कि कोरोना महामारी के दौरान इस बीमारी से पीड़ित 30 फ़ीसद लोग अवसाद या डिप्रेशन का शिकार हुए हैं.
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना महामारी की वजह से तनाव के बढ़ते मामलों को देखते हुए दिशानिर्देश जारी किए हैं. दिशानिर्देश कई शोध रिपोर्ट के आधार पर तैयार किए गए हैं.
कोरोना वायरस महामारी ने दुनिया भर में लोगों की मानसिक स्थिति पर गहरा असर डाला है.
इस बीमारी ने स्वास्थ्य सेवाओं पर ज़बरदस्त दबाव तो डाला ही है साथ ही मेंटल हेल्थ केयर व्यवस्था के सामने गंभीर चुनौतियां पेश की हैं.
स्वास्थ्य मंत्रालय और मेंटल हेल्थ इंस्ट्टीयूट ऑफ़ न्यूरोसाइंस की गाइडलाइन्स ने कोविड महामारी में मानसिक रूप से प्रभावित होने वाले लोगों के तीन समूहों का ज़िक्र किया है .
पहले समूह में वो लोग है जों कोरोना-19 से पीड़ित हुए हैं. इसके मुताबिक़ जो मरीज़ कोविड-19 से संक्रमित हुए थे उन्हें मानसिक दिक्क़तें आ सकती हैं. कोविड से पीड़ित होने वालों में 30 फ़ीसद लोगों में अवसाद या डिप्रेशन और 96 प्रतिशत में पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसआर्डर (PTSD) जैसी समस्या देखी जा रही है, और ये समस्या बढ़ भी सकती है.
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