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कांग्रेस की तारा यादव के साथ हाथापाई का क्या है पूरा मामला?
- Author, सुशीला सिंह
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
- प्रकाशित
उत्तर प्रदेश के देवरिया स्थित कांग्रेस कार्यलय में महिला कार्यकर्ता तारा यादव के साथ हुई हाथापाई का वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस का कहना है कि तारा यादव ने बैठक में अराजकता फैलाने की कोशिश की, हालांकि तारा यादव कहती हैं उन्होंने सिर्फ़ मुंकुद भास्कर को टिकट दिए जाने के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई थी.
वहीं राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस मामले में ट्वीट कर कहा है,'' देवरिया में महिला कार्यकर्ता को पीटे जाने के मामले का संज्ञान लिया गया है. हमारी अध्यक्ष रेखा शर्मा ने यूपी के डीजीपी को लिखकर तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है साथ ही आयोग ने महिला और परिवार के लिए सुरक्षा की भी मांग की है''.
रेखा शर्मा ने ट्वीट किया है, ''बहुत दुख होता है कि कांग्रेस इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रही है और पीड़िता को ही दोषी ठहरा रही है. और ये पीड़ित का ही विक्टिमाइजेशन है.''
तारा यादव ने बीबीसी से बातचीत में अपना पक्ष रखते हुए कहा, ''मैं राष्ट्रीय प्रभारी सचिन नायक से कांग्रेस प्रत्याक्षी मुकुंद मणि भास्कर को ज़िला देवरिया से टिकट दिए जाने का विरोध जता रही थी. मैंने कहा कि वो बलात्कारी हैं और उनका टिकट कैंसिल होना चाहिए नहीं तो इससे पार्टी की छवि ख़राब होगी. हम लोग हाथरस मामले में सड़कों पर उतरे हुए हैं और ऐसे समय में ऐसे व्यक्ति को टिकट दे रहे हैं, तो ऐसे में हम जनता के सामने किस मुंह से टिकट मांगने जाएंगे. मैं ये बातें कर ही रही थी कि किसी ने मुझे पीछे से धक्का दिया और उसके बाद मेरे ऊपर पिटाई की बौछार हो गई. मैं ख़ुद नहीं समझ पाई कि मेरे साथ क्या हो रहा है. मैं घबरा गई और समझ नहीं पाई कि ऐसे भी लोग हमारी पार्टी में हैं. उनमें से कुछ बचाने वाले भी थे, अगर नहीं बचाया होता तो मैं मर ही जाती.''
अराजकता फैलाने का आरोप
लेकिन ज़िला कांग्रेस की उपाध्यक्ष ज़ुलेखा ख़ातून जो स्वंय इस बैठक में मौजूद थी, आरोप लगाती हैं कि तारा यादव ने बैठक में हद से ज़्यादा अराजकता फैलाई है. वो टिकट न मिलने से नाराज़ थीं.
ज़ुलेखा ख़ातून गुस्से से पूछती हैं कि वहां सौ लोग मौजूद थे क्या कोई उनसे छेड़छाड़ करेगा? ये झूठ-झूठ प्रिंट में लिखवाकर ज़िला पार्टी और कांग्रेस को बदनाम कर रही हैं.
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तारा यादव कहती हैं कि वो ज़्यादा बात नहीं कर सकती क्योंकि उनका मुंह अभी भी सूजा हुआ है. और गुल्कोज़ चढ़ाया जाना है लेकिन ये टिकट न मिलने वाली बात से नराज़गी का आरोप बिल्कुल गलत है.
वे कहतीं हैं,''टिकट मिलने की तो कोई बात ही नहीं है क्योंकि मैंने 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान टिकट मांगा था लेकिन नहीं मिला, क्या मैंने विरोध किया? मैं सिर्फ़ ये इसलिए कह रही हूं कि साफ़ छवि वाले व्यक्ति को टिकट दिया जाए और रही बात बलात्कार के आरोप वाली बात तो मैं इस पार्टी में चार साल से हूं. मुझे पहले इस बारे में पता नहीं था. लेकिन पार्टी के लोगों ने बताया और ये बात पूरे शहर को पता है.''
लेकिन ज़ुलेखा ख़ातून, तारा यादव की इस दलील को सिरे से ख़ारिज करते हुए कहती हैं, ''मुकुंद भास्कर को देवरिया से टिकट मिला था जिसके लिए एक बैठक बुलाई गई थी. चादर बिछी हुई थी और हम लोग बैठे हुए थे. वे हाथ में गुलदस्ता लेकर आईं और चप्पल पहन कर ही चादर पर आ गईं. पहले तो हमने ये देखा. और उसके बाद मुकुंद के पास गईं और बोली उठिए. तो उन्होंने जवाब में कहा कि क्या उठे, आप हमें ऐसे ही दे दीजिए क्योंकि उस समय मुन्ना जी बोल रहे थे. मुन्ना जी ने भी इशारा करके कहा हमें बोल लेने दीजिए लेकिन वे बोली नहीं. मुकुंद भास्कर उठ गए और गुलदस्ता लेने के लिए हाथ फैलाया तो तारा यादव ने वो उनके ऊपर फेंक दिया और थप्पड़ चला दिया. उनका हाथ लोगों ने पकड़ लिया और ठेल कर बाहर करने लगे. वे जा ही नहीं रही थीं और कहे जा रही थी कि हम तुमको छोड़ेंगे नहीं. मार कर जाएंगे.''
तारा यादव इस आरोप को बेबुनियाद बताती है कि और कहती हैं कि कोई फूलों से मारता है क्या? मैं गांधी, नेहरू और इंदिरा के सिंद्धातों पर चलने वाली महिला हूं. जिसको जो कहना कहे, मैं सिर्फ़ ये कहने गई थी किसी साफ़ सुथरी छवि वाले व्यक्ति को टिकट दिया जाए.
वे कहती हैं,''मैं जब आई तो मुकुंद भास्कर की प्रेस कांफ्रेंस बाहर हो रही थी और मैं अंदर अपनी बात रखने के लिए गई थी और मेरे हाथ में फूलों का गुलदस्ता था और जब मैं सचिन नायक से इस बारे में बात कर रही थी ,मुझे धक्का दिया गया और मारपीट शुरू कर दी गई.''
लेकिन जब ज़ुलेख़ा ख़ातून से वीडियो में दिखने वाली हाथापाई के बारे में पूछा तो उनका कहना था कि जब वो थप्पड़ मारेंगी तो लोग उन्हें पीछे तो करेंगे न कि ये आप क्या कर रही है. वो मान ही नहीं रही थी. ये मामला टिकट का है. ज़िले में टिकट बंटता है तो 10-20 लोग उम्मीदवार होते हैं. इन्होंने भी टिकट की उम्मीदवारी की थी. लेकिन टिकट इनको नहीं मिला और मुकुंद भास्कर को दिया गया. ये रात भर फ़ोन, वीडियो के ज़रिए उन्हें बलात्कारी बताती रही. मुकुंद भास्कर रेप मामले में अभियुक्त नहीं है, उन्हें कोर्ट से क्लीन चिट मिल गई है और उनके ऊपर अब कोई आरोप नहीं है. वो उनके भाई थे.
'विरोध का तरीका ठीक नहीं'
टिकट न मिलने पर विरोध का ये तरीका नहीं हो सकता क्योंकि यहां कार्यकर्ता 40-50 साल से कांग्रेस में काम कर रहे हैं तब भी टिकट नहीं मिल पाता है. वो तक़दीर की बात होती है और पार्टी जिसको टिकट देगी उसी को मिलेगा न.
वहीं कांग्रेस ने हाथरस घटना में यूपी सरकार के रवैये को अमानवीय और अनैतिक करार देते हुए #SpeakUpForWomenSafety कैंपेन चलाया हुआ है. जहां कहा गया है कि वे पीड़ित परिवार की मदद करने की बजाए अपराधियों की रक्षा करने में लगे है. इस कैंपेन पर राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा है कि देशभर में महिलाओं पर हो रहे अन्याय के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाएं-एक कदम बदलाव की ओर.
हालांकि तारा यादव मामले में कांग्रेस की तरफ से जांच समिति बना दी गई और तारा यादव का कहना है कि दो लोगों को निलंबित भी किया गया है लेकिन वरिष्ठ पत्रकार सुनीता एरॉन इस घटना को पार्टी के लिए एक बड़ा धक्का बताती है.
निंदनीय
सुनीता एरॉन कहती है किसी भी पार्टी के फोरम में एक महिला के ख़िलाफ़ मारपीट निंदनीय है.
उनके अनुसार,''इस पूरे मामले से कांग्रेस की छवि को इसलिए झटका लगा हैं क्योंकि एक तरफ तो वो हाथरस मामले को उठा रही हैं वहीं उन्हीं की पार्टी की एक महिला, किसी व्यक्ति के ख़िलाफ़ रेप की बात उठा रही है और उसकी बात सुनी नहीं जा रही है और उसके साथ मार पिटाई होती है. कांग्रेस पार्टी कोई एक साल पुरानी पार्टी नहीं है जिसे अपनी पार्टी के नियम और अनुशासन के बारे में ना पता हो लेकिन जिन व्यक्ति के बारे में तारा यादव सवाल उठा रही है वो जांच ही बता सकती है कि या पुलिस. मैं इस बारे में ज्यादा नहीं जानती. मुझे लगता है अगर रेप के आरोप है तो कांग्रेस इस पर विचार करेगी. और इस मामले की जांच भी हो रही है.
इधर तारा यादव का कहना है कि इस मामले में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और वरिष्ठ नेता जो भी फ़ैसला करेंगे वो उन्हें मंज़ूर होगा.
इस मामले पर कांग्रेस ने जांच टीम बनाई है और तारा देवी को अपना पक्ष रखने के लिए भी बुलाया है. तारा यादव कहती हैं कि इस मामले में दो लोगों को निलंबित किया गया है और मैं बिल्कुल संतुष्ट हूं और लोगों पर भी कार्रवाई होगी मुझे पूरा भरोसा है.
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