देश के 7% वयस्क वायरस के संपर्क में आए: सीरो सर्वे - प्रेस रिव्यू

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इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रीसर्च (आईसीएमआर) ने दूसरे सीरो सर्वे के अनुसार अगस्त के दूसरे सप्ताह के आख़िर तक हो सकता है कि भारत की सात फ़ीसदी वयस्क आबादी कोरोना वायरस के संपर्क में आ चुकी हो.
द हिंदू अख़बार में छपी एक ख़बर के अनुसार देश का पहला सीरो सर्वे 21 राज्यों के 70 जिलों में हुआ था दूसरे सीरो सर्वे के लिए पहले इन्हीं गांवों और क्लस्टरों से सैंपल लिए गए थे.
वैज्ञानिकों का कहना है कि उनकी स्टडी के अनुसार इस सैंपल में से 0.73 फीसदी यानी 64 लाख वयस्क कोरोना संक्रमित हो सकते हैं. पहले सीरो सर्वे के मुक़ाबले ये आंकड़े में 10 गुना अधिक है.
आईसीएमआर के प्रबंध निदेशक डॉक्टर बलराम भार्गव ने मंगलवार को सर्वे के नतीजे जारी करते वक्त इस संबंध में कोई डेटा जारी नहीं किया है. हालांकि कुल आबादी का सात फीसदी का मतलब करीब 6.2 करोड़ होगा.
पहले सीरो सर्वे में एक पॉज़िटिव कोराना मामले के मुक़ाबले देश में 82 से 139 संक्रमण के थे जबकि अगस्त के मध्य तक ये आंकड़ा कम हो कर 26-32 तक रह गया है. डॉक्टर बलराम भार्गव के अनुसार इस कमी का कारण कोरोना की टेस्टिंग बढ़ाना है.
सारो सर्वे में शरीर से ख़ून के सैंपल लेकर एक ख़ास तरीके के एंटीबॉडी के लिए उसकी जांच की जाती है. ये एंटीबॉडी संक्रमण के दो सप्ताह के भीतर ख़ून में दिखते हैं.

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'सुशांत सिंह राजपूत को नहीं दिया गया ज़हर'
एम्स अस्पताल के मेडिकल बोर्ड ने इस आशंका से इनकार किया है कि अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत को ज़हर देकर उनकी हत्या की गई.
द टाइम्स ऑफ़ इंडिया अख़बार ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि सुशांत की मौत के मामले में एम्स अस्पताल के मेडिकल बोर्ड ने सीबीआई को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप दी है जिसमें सुशांत की मौत के सही कारण का उल्लेख किया गया है.
इस बोर्ड के चेयरमैन, डॉक्टर सुधीर गुप्ता ने अख़बार से बातचीत में कहा कि "फ़ॉरेंसिक टीम द्वारा की गई जाँच के नतीजों को किसी से भी शेयर नहीं किया जा सकता क्योंकि मामला अभी विचाराधीन है. जाँच कर रही एजेंसी सीबीआई को यह रिपोर्ट सौंप दी गई है."
34 वर्षीय सुशांत सिंह राजपूत 14 जून 2020 को मुंबई स्थित अपने घर में मृत पाये गए थे.
मुंबई पुलिस अपनी जाँच में और मुंबई का कूपर अस्पताल पोस्ट-मार्टम रिपोर्ट में ये कह चुका है कि सुशांत ने आत्महत्या की. हालांकि, सुशांत सिंह राजपूत के परिवार और कई लोगों को यह शक़ है कि अभिनेता की हत्या की गई.
सुशांत के परिवार ने यह मानते हुए कि उनकी हत्या की गई, बिहार में एक एफ़आईआर दर्ज करवाई थी, जहाँ सुशांत के पिता रहते हैं. इसके बाद ही बिहार पुलिस के अनुरोध पर यह केस सीबीआई को दिया गया था.
सीबीआई के अनुरोध पर ही एम्स अस्पताल ने इस मेडिकल बोर्ड का गठन किया था जिसने मुंबई जाकर सुशांत के फ़्लैट की जाँच की. साथ ही कूपर अस्पताल के उन डॉक्टरों का भी इंटरव्यू लिया जिन्होंने सुशांत का पोस्ट-मार्टम किया था.
सूत्रों के अनुसार, मेडिकल बोर्ड को निष्कर्ष तक पहुँचने में क़रीब एक महीने का वक्त लगा.

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भारत-चीन सीमा विवाद: एकतरफ़ा एलएसी को भारत स्वीकार नहीं करता
भारत ने मंगलवार को कहा कि साल 1959 में एकतरफ़ा बनाई गई वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को भारत ने कभी स्वीकार नहीं किया और भारत के इस रुख से चीन अच्छी तरह वाकिफ़ है.
हिन्दुस्तान टाइम्स अख़बार की एक रिपोर्ट पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने यह टिप्पणी दी है.
अख़बार ने लिखा है कि "यह रेखा बनने के 61 वर्ष बाद, पहली बार चीनी पक्ष ने स्पष्ट रूप से एलएसी पर अपना नज़रिया इतना खुलकर सामने रखा है."
सोमवार को चीन के विदेश मंत्री ने एक बयान में कहा था कि वो 1959 में चीनी सरकार द्वारा प्रस्तावित एलएसी का ही पालन करता है.
इस बयान में विदेश मंत्री ने कहा, "पहली बात तो यह कि भारत-चीन सीमा (एलएसी) बहुत ही स्पष्ट है. 1950 के दशक में चीन ने इसकी घोषणा की थी और भारत समेत अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इसके बारे में स्पष्ट है."
लेकिन भारत ने चीन के इस बयान पर कहा कि चीन और भारत के बीच कुछ अन्य समझौते भी हैं जिनकी वजह से उसकी और प्रतिबद्धताएँ भी हैं.
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, "1993, 1996 और 2005 में हुए कई द्विपक्षीय समझौतों के तहत भारत और चीन 'एलएसी के संरेखण' की एक आम समझ तक पहुँचने के लिए एलएसी के स्पष्टीकरण और पुष्टि के लिए प्रतिबद्ध हैं. इसलिए चीनी पक्ष का अब यह कहना कि इन समझौतों में चीन द्वारा की गई गंभीर प्रतिबद्धताओं के विपरीत, केवल एक ही एलएसी है, ठीक नहीं.''
उन्होंने कहा, ''भारत लगातार यह कोशिश करता रहा है कि एलएसी की स्थिति स्पष्ट हो. लेकिन चीन ने इस प्रक्रिया में ख़ास दिलचस्पी ही नहीं ली. साल 2002-2003 यह प्रक्रिया रुकी हुई है."
अख़बार की रिपोर्ट के अनुसार, जानकारों की यह राय है कि "ये बयान स्पष्ट करते हैं कि एलएसी पर चीन और भारत के नज़रिये में कितना बड़ा अंतर है."
हालांकि, भारत और चीन के बीच सैन्य और राजनयिक माध्यमों से बातचीत जारी है और गलवान घाटी में हुए टकराव के बाद दोनों देशों के बीच पैदा हुए तनाव को कम करने की कोशिशें की जा रही हैं.
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