लद्दाख सीमा पर चीन के 17 हज़ार सैनिक, भारत के भी टी90 टैंक तैनात- प्रेस रिव्यू 

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लद्दाख में भारत और चीन के बीच विवाद अब भी पूरी तरह सुलझा नहीं है. बीते रविवार को दोनों पक्षों के बीच कमांडर स्तर की बातचीत भी हुई लेकिन सीमा पर विवाद पूरी तरह थमा नहीं है. 

दैनिक हिंदुस्तान की खबर के मुताबिक, लद्दाख सीमा पर चीन ने जहां 17 हज़ार सैनिक तैनात कर रखे हैं वहीं अब भारत ने भी मोर्चे पर टी-90 टैंक खड़े कर दिए हैं. इसके अलावा सैनिक बल की भी तैनाती की गई है.

अख़बार के अनुसार चीन ने दौलत बेग ओल्डी और देपसांग में 17 हज़ार सैनिक तैनात किये हैं.

अख़बार ने सरकारी सूत्रों के हवाले से लिखा है कि भारत की ओर से काराकोरम दर्रे के पास पेट्रोलिंग प्वाइंट-1 से देपसांग मैदान तक तैनाती की गई है. जहां अप्रैल-मई में चीन के सैनिक थे. सूत्रों का कहना है कि चीन की तैनाती से पीपी10 से पीपी13 तक गश्त नहीं हो पा रही है.

एम्स में ट्रायल के लिए आए पांच में से एक व्यक्ति में पहले से ही विकसित एंटीबॉडी 

इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक़, जितने लोगों ने एम्स ट्रायल के लिए इच्छा ज़ाहिर की थी उनमें से क़रीब 20 फ़ीसदी लोग ऐसे हैं जिनमें पहले से ही कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ एंटीबॉडी विकसित मिली है. इसके कारण इन लोगों को ट्रायल के लिए अनफिट घोषित कर दिया गया है.

एम्स में भारत के पहले कोविड वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल लिए लोगों को वॉलेंटियर करने को कहा गया था. जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा भी लिया था लेकिन अब विकसित एंटीबॉडी के कारण 20 फ़ीसदी लोगों को अनफिट बता दिया गया है.  

अयोध्या में भूमि पूजन कार्यक्रम से जुड़ी रस्में शुरू 

अयोध्या में 5 मई को भूमि पूजन होना है लेकिन उससे जुड़ी दूसरी रस्में शुरू हो गई हैं. 

21 पुजारियों ने इन रीति-रिवाज़ों को मुख्य दिन से पहले शुरू कर दिया है.

हिंदुस्तान टाइम्स की ख़बर के मुताबिक़, राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदि्त्यनाथ ने सोमवार को ख़ुद अयोध्या जाकर हर छोटी-बड़ी चीज़ का जायज़ा लिया. 

रामजन्मभूमि स्थल जहां भूमि पूजन होना है वहां भी उन्होंने तैयारी का निरीक्षण किया. उसके अलावा मुख्यमंत्री अयोध्या के हनुमानगढ़ी मंदिर भी पहुंचे जहां प्रधानमंत्री मोदी भूमि पूजन से पहले जाएंगे.

कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए कम से कम संख्या में लोगों को आने का न्योता दिया गया है. अयोध्या में लोगों से अपील की गई है कि वे अपने घरों में ही रहें.

29 फ़ीसदी प्रवासी मज़दूर वापस लौटे, क़रीब 45 फ़ीसदी के आने की योजना  

अमर उजाला की ख़बर के मुताबिक, कोरोना महामारी और लॉकडाउन में गांवों को लौट गए मज़दूर वापस आने की ओर हैं. 

सोमवार को जारी एक सर्वे के हवाले से अख़बार ने लिखा है कि क़रीब 29 फ़ीसदी मज़दूर अब तक शहरों में वापसी कर चुके हैं और लगभग 45 फीसदी आने की तैयारी में हैं.

अख़बार लिखता है कि कोरोना वायरस महामारी और लॉकडाउन की चपेट झेल रहे क़रीब छह फ़ीसदी मज़दूरों को अपना मकान बेचना पड़ा और लगभग पंद्रह फ़ीसदी को जीवन चलाने के लिए मवेशियों का सौदा करना पड़ा.   

शोपिया में चरमपंथियों ने सेना के जवान को किया अगवा

जनसत्ता अख़बार के मुताबिक़, जम्मू -कश्मीर के शोपियां में चरमपंथियों ने एक जवान को अग़वा कर लिया है. सेना के चिनार कोर के हवाले से अख़बार लिखता है कि चरमपंथियों ने जवान की कार को फूंक डाला और उसे अगवा कर लिया.

यह घटना जवान के घर पर हुई. सेना ने जवान के लिए तलाश अभियान शुरू कर दिया है.

सैन्य अधिकारियों के हवाले से अख़बार लिखता है कि कुलगाम के रमभामा इलाक़े में उनकी जली हुई कार मिली. आतंकी उन्हें उनकी कार में ही ले गए थे. कुलगाम में उन्होंने कार छोड़ दी और जवान को अपने साथ लेते गए. जवान की तलाश में सर्च जारी है. 

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