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रफ़ाल लड़ाकू विमान में 30 हज़ार फ़ीट ऊंचाई पर ईंधन भरने की तस्वीरें - आज की बड़ी ख़बरें
भारतीय वायुसेना ने ट्विटर पर रफ़ाल फ़ाइटर जेट की तस्वीरें शेयर की हैं जिसमें क़रीब 30 हज़ार फ़ीट की ऊंचाई पर ईंधन भरा जा रहा है.
यह ईंधर फ्रांसीसी एयर फ़ोर्स के टैंकर से भरा जा रहा है. इन फ़ाइटर जेट का निर्माण फ्रांस की डैसो एविएशन कंपनी की ओर से किया गया है. लड़ाकू विमानों की पहली खेप में पांच विमानों ने सोमवार को दक्षिण पश्चिम फ्रांस के मिरिग्नेक से उड़ान भरी है और फ़िलहाल संयुक्त अरब अमीरात के अल दाफ्रा एयर बेस पहुंच गए हैं.
यहां से उड़ान भरने के बाद ये विमान भारत के अंबाला एयर बेस पर बुधवार को लैंड करेंगे. इन विमानों को भारतीय वायुसेना के पायलट ला रहे हैं.
उल्लेखनीय है कि इसी रफ़ाल सौदे को लेकर विपक्ष मोदी सरकार पर कई सवाल उठा चुका है.
चीन ने कहा- दोनों देशों के सैनिक पीछे हटे
"लद्दाख में भारत और चीन की सीमा पर दोनों देशों के सैनिक ज़्यादातर जगहों पर पीछे हट गए हैं."
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने मंगलवार को ये जानकारी देते हुए बताया कि दोनों देशों के बीच कमांडर स्तर के अधिकारियों की बातचीत के पांचवें राउंड की तैयारियां चल रही हैं ताकि बचे हुए मुद्दों को सुलझाया जा सके.
चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा, "दोनों पक्षों के बीच सैनिक और कूटनीतिक स्तर की बातचीत के बाद ज़्यादातर जगहों पर सैनिकों को पीछे हटाने का काम पूरा कर लिया गया है." इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में वांग वेनबिन ने चीन के सरकारी अख़बार ग्लोबल टाइम्स के एक सवाल के जवाब में कहा, "हालात सामान्य होने की दिशा में बढ़ रहे हैं."
वांग वेनबिन ने कहा, "दोनों देशों के बीच कमांडर स्तर की बातचीत के चार राउंड्स हो चुके हैं. सीमा से जुड़ी बातचीत और समन्वय पर तीन मीटिंग्स भी हुई हैं."
हालांकि इससे पहले शनिवार को भारतीय मीडिया में सूत्रों के हवाले से ऐसी ख़बरें आई थीं कि पट्रोलिंग पॉइंट 15, गोगरा इलाक़े और गलवान घाटी में भारत और चीन ने सैनिकों को पीछे हटाने काम पूरा कर लिया गया है. पैंगोंग त्सो झील से जुड़े फिंगर एरिया में सैनिकों को अभी तक पीछे नहीं हटाया गया है.
मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री को 12 साल की जेल
मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री नजीब रज़ाक को अरबों डॉलर के भ्रष्टाचार के एक मामले में दोषी पाया गया है. इस मामले में उन्हें 12 साल जेल की सजा सुनाई गई है.
ये मामला वन-एम-डी-बी (1MDB) नाम के एक सरकारी फंड से जुड़ा है जिसमें नजीब को अपने प्रभाव के दुरूपयोग का दोषी ठहराया गया.
पूर्व प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ ऐसे कम-से-कम तीन मुक़दमे चल रहे हैं जिनमें ये पहला मामला है जिसमें फ़ैसला आया है.
मलेशिया में दो साल पहले एक ऐतिहासिक चुनाव में मतदाताओं ने नजीब रज़ाक को सत्ता से बाहर कर दिया.
नजीब रज़ाक अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से इनकार करते हैं.
लेकिन अभियोजन पक्ष का आरोप है कि इस सरकारी फ़ंड से कम-से-कम एक अरब डॉलर उनके खातों में ट्रांसफ़र किए गए.
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