प्रशांत भूषण के ट्वीट्स पर सुप्रीम कोर्ट कर सकती है कार्रवाई: आज की बड़ी ख़बरें

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सुप्रीम कोर्ट बुधवार को एडवोकेट प्रशांत भूषण के कुछ कथित ट्वीट्स को लेकर उनके ख़िलाफ़ अदालत की अवमानना की कार्यवाही शुरू करने का फ़ैसला कर सकती है.

ये मामला सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान से लिया है.

बुधवार को जस्टिस अरुण मिश्रा की अगुवाई में सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच को ये फ़ैसला करना है कि प्रशांत भूषण के ख़िलाफ़ अदालत की अवमानना की कार्यवाही शुरू की जाए या नहीं.

हालांकि अभी ये स्पष्ट नहीं है कि शीर्ष अदालत ने उनके किस ट्वीट पर एतराज जताया है.

सुप्रीम कोर्ट कवर करने वाले पत्रकार सुचित्र मोहंती ने बताया कि प्रशांत भूषण के ख़िलाफ़ अदालत की अवमानना का एक पुराना मामला पहले से ही लंबित है जिसकी सुनवाई भी इसी हफ़्ते शुक्रवार को तय की गई है.

साल 2009 से चले आ रहे इस केस की सुनवाई भी जस्टिस अरुण मिश्रा ही करेंगे.

बिप्लब देब ने जाट और पंजाबी समुदाय से माफ़ी मांगी

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने जाट और पंजाबी समुदाय पर अपने बयानों पर हुए विवाद के बाद दोनों समुदायों से ट्विटर पर माफ़ी माँगी है.

बिप्लब देब ने इस बारे में एक-के-बाद एक कई ट्वीट किए हैं. इनमें एक ट्वीट में उन्होंने अपने उस बयान पर सफ़ाई देते हुए लिखा है,"अगरतला प्रेस क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम में मैंने अपने पंजाबी और जाट भाइयों के बारे मे कुछ लोगों की सोच का जिक्र किया था. मेरी धारणा किसी भी समाज को ठेस पहुंचाने की नहीं थी. मुझे पंजाबी और जाट दोनों ही समुदायों पर गर्व है. मैं खुद भी काफी समय तक इनके बीच रहा हूँ."

बिप्लब देब के जिस बयान को लेकर विवाद हुआ है उसमें उन्होंने हरियाणा के जाट और पंजाब के पंजाबी समुदाय पर की गई टिप्पणी के लिए माफ़ी मांगी है.

उन्होंने ट्वीट करके कहा है कि अगर उनकी बात से किसी समाज को ठेस पहुँची है, तो वे माफ़ी मांगते हैं.

अगरतला प्रेस क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम में बिप्लब कुमार ने कहा था कि जाटों के पास कम दिमाग़ होता है. कई जाट नेताओं ने बिप्लब देब के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई थी और माफ़ी मांगने को कहा था. कई जाट नेताओं ने इसके ख़िलाफ़ अदालत जाने की भी बात कही थी.

अगरतला के एक कार्यक्रम में बिप्लब कुमार देब ने कहा था, "अगर हम पंजाब के लोगों की बात करें तो हम कहते हैं, वह एक पंजाबी हैं, एक सरदार हैं! सरदार किसी से नहीं डरता. वे बहुत मज़बूत होते हैं लेकिन दिमाग़ कम होता है. कोई भी उन्हें ताक़त से नहीं बल्कि प्यार और स्नेह के साथ जीत सकता है."

जाटों के बारे में उन्होंने कहा था, "मैं आपको हरियाणा के जाटों के बारे में बताता हूँ. तो लोग जाटों के बारे में कैसे बात करते हैं. वे कहते हैं जाट कम बुद्धिमान हैं, लेकिन शारीरिक रूप से स्वस्थ हैं. अगर आप एक जाट को चुनौती देते हैं, तो वह अपनी बंदूक अपने घर से बाहर ले आएगा."

इसके बाद बिप्लब देव ने बंगालियों के बारे में भी अपनी राय दी. उन्होंने कहा कि बंगालियों को बहुत बुद्धिमान माना जाता है और यह भारत में उनकी पहचान है, जैसे हर समुदाय को एक निश्चित प्रकार और चरित्र के साथ जाना जाता है.

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