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कोरोना वायरस: टेस्ट को लेकर केजरीवाल पर उठ रहे कई सवाल, मामले डराने वाले- प्रेस रिव्यू
दिल्ली कोरोना वायरस के संक्रमण की चपेट में बुरी तरह से आ गई है. संक्रमण के मामले जिस क़दर तेज़ी से बढ़ रहे हैं वो डराने वाले हैं.
पिछले हफ़्ते दिल्ली में टेस्ट के जितने सैंपल लिए गए उनमें से हर चौथा सैंपल पॉजिटिव निकला. इस रिपोर्ट को इंडियन एक्सप्रेस ने पहले पन्ने पर प्रमुखता से प्रकाशित किया है.
दिल्ली में कोरोना टेस्टिंग का जो औसत है, उसके हिसाब से उत्तर-पूर्वी दिल्ली और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में कम टेस्ट हुए हैं. लेकिन संक्रमण की दर 38 फ़ीसदी से ज़्यादा रही.
गुरुवार को भारत के स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने एक समीक्षा बैठक की थी. इस बैठक में भी दिल्ली की स्थिति पर चिंता जताई गई.
दिल्ली में संक्रमितों की कुल संख्या अब 23,500 से ज़्यादा हो गई है और इनमें से 10,228 यानी 43.34 फ़ीसदी मामले पिछले 10 दिनों में आए हैं. एक तरफ़ दिल्ली में कोरोना वायरस का संक्रमण तेज़ी से बढ़ रहा है तो दूसरी तरफ़ टेस्टिंग की सुविधा कम होती जा रही है.
दिल्ली सरकार ने नियमों के उल्लंघन के मामले में कई टेस्टिंग लैब पर पाबंदी लगा दी. गुरुवार को दिल्ली सरकार ने आठ टेस्टिंग लैब पर पाबंदी लगाई.
हिन्दुस्तान टाइम्स ने इस ख़बर को पहले पन्ने पर छापा है. ख़बर के अनुसार दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि ये लैब प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर रहे थे.
गुरुवार को सत्येंद्र जैन ने पत्रकारों से कहा, ''कुछ लैब रिपोर्ट बहुत देर से दे रहे थे. अगर किसी लैब में कोरोना वायरस का टेस्ट किया जा रहा है तो उसे रिपोर्ट 24 घंटे में देने हैं. इस वक़्त रिपोर्ट देने में आप पाँच से छह दिनों का वक़्त नहीं ले सकते हैं. इसी आधार पर मरीज़ों को अस्पताल में भर्ती किया जाता है. रिपोर्ट ही नहीं आएगी तो मरीज़ों को भर्ती कैसे किया जाएगा.''
अब इन सभी आठ लैबों के ख़िलाफ़ जाँच हो रही है कि यहां इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के मानदंडों का उल्लंघन किया गया. इन लैब्स में हर दिन चार हज़ार टेस्ट किए जाते थे.
इकनॉमिक टाइम्स में दूसरे पन्ने पर छपी एक ख़बर के अनुसार स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा है कि दिल्ली सरकार टेस्टिंग प्रक्रिया में तेज़ी लाए. उन्होंने कहा कि दिल्ली में संक्रमण तेज़ी से बढ़ रहा है, लेकिन कुछ इलाक़ों में टेस्टिंग बहुत ही कम है.
दिल्ली में औसत टेस्टिंग प्रति दस लाख आबादी पर 2018 है, जबकि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 517 और दक्षिण पूर्वी दिल्ली में महज़ 506 है. इकनॉमिक टाइम्स से हर्षवर्धन ने कहा कि दिल्ली में संक्रमण का बढ़ना और कम टेस्टिंग बहुत ही चिंताजनक है.
दिल्ली-एनसीआर के लिए एक ही पास- सुप्रीम कोर्ट
लॉकडाउन के बीच यूपी और हरियाण से बॉर्डर बंद होने से राहत मिल सकती है.
इस ख़बर को नवभारत टाइम्स ने लीड के तौर पर प्रकाशित किया है.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि दिल्ली, हरियाणा और यूपी की सरकारें आपस में बैठक करें.
कोर्ट ने कहा कि तीनों राज्य लोगों की आवाजाही को लेकर एक हफ़्ते में कॉमन पॉलिसी और पोर्टल बनाएं.
अदालत ने कहा कि पूरे दिल्ली-एनसीआर के लिए एक ही पास होना चाहिए, जिसकी हरियाणा, यूपी और दिल्ली तीनों राज्यों में मान्यता हो.
सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी कि यूपी और हरियाणा प्रशासन ने जो बॉर्डर सील करने का आदेश दिया है उसे असंवैधानिक क़रार दिया जाए.
विदेशी तब्लीग़ियों पर प्रतिबंध
सरकार ने भारत आकर वीज़ा शर्तो का उल्लंघन करने वाले 2,550 विदेशी तब्लीग़ियों को प्रतिबंधित कर दिया है. दैनिक जागरण ने इस ख़बर को प्रमुखता से पहले पन्ने पर छापा है.
गृह मंत्रालय के आदेश के अनुसार इन तब्लीग़ियों को अगले 10 साल तक भारत आने का वीज़ा जारी नहीं किया जाएगा. यानी वे भारत नहीं आ सकेंगे.
ख़बर के मुताबिक़ कोरोना वायरस के कारण लागू पहले चरण के लॉकडाउन के दौरान निर्देशों का उल्लंघन करते हुए निज़ामुद्दीन के मरकज में मजहबी आयोजन में हजारों की संख्या में तब्लीग़ी एकत्र हुए थे.
इनमें से कई तब्लीग़ियों पर संक्रमित होने के बावजूद देश के विभिन्न हिस्सों में घूमने का भी आरोप है.
दैनिक जागरण ने लिखा है कि गृह मंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार विदेश से आए तब्लीगी जमात के सदस्यों के ख़िलाफ़ कार्रवाई भारत के वीज़ा नियमों के उल्लंघन के कारण की गई है. इसका कोरोना संकट से कोई संबंध नहीं है.
इन विदेशी तब्लीग़ियों ने भारत आने के लिए पर्यटन वीज़ा की कैटेगरी में अप्लाई किया था. इस वीज़ा की स्पष्ट शर्त है कि उन्हें भारत में घूमने-फिरने के अलावा अन्य किसी भी व्यावसायिक या धार्मिक गतिविधि में शामिल होने की अनुमति नहीं है.
एक दूसरों के सैन्य अड्डों का इस्तेमाल कर सकेंगे भारत और ऑस्ट्रेलिया
अमर उजाला ने अपनी बॉटम ख़बर, भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम स्कॉट मॉरिसन की बीच हुई बातचीत को बनाया है.
अख़बार ने लिखा है कि हिंद प्रशांत क्षेत्र में चीन के ख़िलाफ़ मोर्चाबंदी करते हुए रक्षा सहयोग बढ़ाने और एक दूसरे के सैन्य अड्डों के इस्तेमाल के लिए भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच क़रार हुए हैं.
अख़बार ने लिखा है कि दोनों नेताओं को बीच हुए वर्चुअल शिखर सम्मेलन में कुल सात समझौते हुए हैं.
इस दौरान पीएम मोदी और मॉरिसन ने कोराना महामारी पर भी बात की.
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