पाकिस्तान ने लिस्ट से हटा दिए चार हज़ार 'आतंकवादियों' के नाम-प्रेस रिव्यू

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पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की सरकार का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् (यूएनएससी) के बताए लगभग 4,000 'आतंकवादियों' को नहीं ढूंढ पा रही है.
यही वजह बताते हुए पाकिस्तान सरकार ने अपनी 'टेरर वॉच लिस्ट' से क़रीब 4,000 'आतंकवादियों' के नाम हटा दिए हैं.
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान ने सुरक्षा परिषद् की मॉनिटरिंग टीम से कहा कि उन्हें इन आतंकवादियों के बारे में 'पर्याप्त जानकारी' नहीं मिली थी इसलिए वो इनके ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई करने में असमर्थ रहा.
यूएनएससी ने अपनी सैंक्शन लिस्ट में पाकिस्तान के 130 आतंकियों का नाम शामिल किया था. लेकिन पाकिस्तान ने इनमें से लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफ़िज़ सईद समेत सिर्फ़ 19 आतंवादियों की मौजूदगी की बात स्वीकार की है.
संयुक्त राष्ट्र की 'ऐनालिटिकल सपोर्ट एंड सैंक्शन मॉनिटरिंग टीम' पाँच दिन के पाकिस्तान दौरे पर थी. पाकिस्तान ने इस टीम से कहा कि उन्हें आतंकवादियों के नामों की जो लिस्ट मिली है उनमें से कइयों की सही जन्मतिथि, राष्ट्रीयता, नेशनल आईडी नंबर, पासपोर्ट नंबर या सही पते का ज़िक्र नहीं है.
अपनी वॉच लिस्ट में से बाक़ी के 3,800 नाम हटाए जाने के बारे में भी पाकिस्तान ने यही दलील दी.
मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फ़ंडिंग की रोकथाम के अंतरराष्ट्रीय संगठन फ़ाइनैंशियल एक्शन टास्क फ़ोर्स (एफ़एटीएफ़) ने पाकिस्तान को जून 2020 तक ग्रे लिस्ट में बरक़रार रखने का फ़ैसला किया है.

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प्लाज़्मा थेरेपी लेने वाले मरीज़ की मौत
मुंबई के उस कोविड-19 संक्रमित मरीज़ की बुधवार रात मौत हो गई जिसे सबसे पहले प्लाज़्मा थेरेपी दी गई थी. अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार मरीज़ को इलाज के लिए देरी से अस्पताल लाया गया था.
53 वर्षीय मरीज़ को कोरोना संक्रमण के साथ-साथ न्यूमोनिया हो गया था इसलिए उनकी स्थिति और गंभीर हो गई थी.
नवभारत टाइम्स में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़ मरीज़ को 25 अप्रैल को मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती किया गया था.
जांच में उनके कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी. इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) से ट्रायल के लिए प्लाज़्मा थेरपी की अनुमति मिलने के बाद उन्हें प्लाज़्मा चढ़ाया गया था.
अस्पताल के सीईओ डॉक्टर वी. रविशंकर ने बताया कि मरीज़ को 200 एमएल. प्लाज़्मा चढ़ाया गया था. उन्हें और प्लाज़्मा की ज़रूरत थी लेकिन तबीयत बिगड़ने की वजह से ऐसा नहीं किया जा सका.
भारत में प्लाज़्मा थेरेपी अभी ट्रायल स्टेज पर है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल चेता चुके हैं कि ताया कि प्लाज़्मा थेरेपी को अगर सही तरीक़े और सही गाइडलाइन के साथ इस्तेमाल ना किया जाए तो इससे जान को ख़तरा भी हो सकता है.
उन्होंने कुछ दिनों पहले ही कहा था, "जब तक कोविड-19 के मरीज़ों पर इस थेरेपी का असर सिद्ध नहीं हो जाता, तब तक इसके बारे में कोई भी दावा करना सही नहीं है. इस बात के पर्याप्त सबूत नहीं है कि प्लाज़्मा थेरेपी को कोविड-19 के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. ये अप्रूवड नहीं है और उन तमाम थेरेपी में से एक है, जिसके असर का फ़िलहाल पता लगाया जा रहा है."
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चीन का निवेश भारत में लाने की योजना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड-19 संक्रमण की मार से सुस्त पड़ी अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कई योजनाएं लाने का संकेत दिया है.
अंग्रेज़ी अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक़ प्रधानमंत्री ने गुरुवार को गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण समेत कुछ वरिष्ठ मंत्रियों के साथ बैठक की.
उन्होंने यह संकेत दिया कि देश में निवेश को बढ़ावा देने की ज़ोर-शोर से कोशिश की जाएगी. ख़ासकर उन कंपनियों को भारत में निवेश करने के लिए आकर्षित किया जाएगा जो कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से चीन छोड़कर कहीं और अपने पांव जमाना चाहती हैं.
कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से दुनिया भर में कई ज़रूरी चीज़ों की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है और भारत इस प्रभाव को कम करने की कोशिश कर रहा है. अख़बार लिखता है कि बैठक में उन्होंने कोयला और माइनिंग समेत कई सेक्टरों में आर्थिक सुधार की गुंजाइशों के बारे में चर्चा की.
इस बैठक में और कोल ब्लॉक की और ज़्यादा नीलामी, नीलामी की प्रकिया में व्यापक भागीदारी, खनिज संसाधनों के उत्पादन में तेज़ी, खनन और परिवहन की लागत को कम करने, कॉर्बन फुटप्रिंट को घटाने और 'ईज़ ऑफ़ डूइंग बिजनस' में तेज़ी लाने जैसे मसलों पर भी विस्तार से बात हुई.
अर्थव्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए पीएम मोदी ने रक्षा उद्योग को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए जरूरी सुधारों पर भी चर्चा की. उन्होंने कहा कि भारत को आयात पर निर्भरता घटानी चाहिए और अपनी घरेलू क्षमता बढ़ाने के लिए 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा देना चाहिए ताकि देश में ही अत्याधुनिक रक्षा उपकरणों की डिजाइनिंग और उत्पादन संभव हो सके.

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पंजाब: महाराष्ट्र से लौटे 149 श्रद्धालु कोरोना पॉज़िटिव
पंजाब में गुरुवार को कोरोना वायरस संक्रमण के कुल 167 नए मामले दर्ज किए गए. राज्य के लिए एक दिन में आने वाले मामलों का यह सबसे बड़ा आँकड़ा है.
इन 167 लोगों में से 149 वो श्रद्धालु हैं जो हाल ही में महाराष्ट्र के नांदेड़ से लौटे थे. इन नए मामलों के साथ पंजाब में अब कोविड-19 संक्रमण के कुल 542 मामले हो गए हैं.
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के कोरोना पॉज़िटिव पाए जाने के बाद नांदेड़ प्रशासन ने वहां गुरुद्वारे में फंसे सभी लोगों का टेस्ट कराने का फ़ैसला किया.
नांदेड़ प्रशासन ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि पंजाब के लगभग सभी श्रद्धालु वापस लौट चुके हैं लेकिन हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई लोग अब भी वहां हैं.
इन सभी लोगों का टेस्ट कराया जाएगा. इसके अलावा पंजाब से लौटने वाले सभी ड्राइवरों का टेस्ट कराए जाने का फ़ैसला भी लिया गया है.नांदेड़ के कई गुरुद्वारों और सरायों में 4,000 से भी ज़्यादा लोग फंसे हुए थे.

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