निर्भया के दोषी आख़िरी वक़्त तक लगाए बैठे थे कोर्ट से उम्मीद - प्रेस रिव्यू

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निर्भया गैंगरेप मामले के दोषियों की देर रात तक हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चली सुनवाई का असर तिहाड़ जेल नंबर तीन में साफ़ दिखाई दिया. इसी जेल में निर्भया गैंगरेप मामले के दोषी बंद थे और उनका हर बार सवाल यही होता था कि कोर्ट से क्या जानकारी आई है.
इंडियन एक्सप्रेस ने जेल कर्मचारी के हवाले से लिखा है कि 15 गार्ड की टीम दोषियों पर नज़र रखे हुए थी और सुबह 5.30 बजे फांसी लगने से थोड़ा पहले तक उनके हर सवाल का जवाब दे रही थी.
मामले के दोषी विनय शर्मा, मुकेश सिंह, पवन गुप्ता और अक्षय सिंह ठाकुर को शुक्रवार की सुबह एक साथ तीन नंबर जेल कॉम्प्लेक्स में फांसी दी गई.
जेल कर्मचारी ने बताया, "वे उम्मीद कर रहे थे कि उनकी फांसी रोक दी जाएगी और वो लगातार पूछ रहे थे कि क्या कोर्ट से कोई आदेश आया."
जेल नंबर 3 में चारों दोषियों के आगे शुक्रवार सुबह पौने पांच बजे डीएम (पश्चिम) ने डेथ वॉरंट पढ़ा.
जेल कर्मचारी ने बताया, "गुरुवार को उन्होंने आख़िरी बार खाना खाया था. खाने में उन्होंने दाल, रोटी, सब्ज़ी और चावल लिया था. उन्होंने कोई ख़ास खाना नहीं मांगा था. सभी ने दोपहर का खाना खाया था लेकिन अक्षय और पवन ने रात का खाना नहीं खाया. अक्षय ने चाय पी थी. रात 2 बजे मुकेश, अक्षय और विनय ने लड्डू और नूडल्स की मांग की जो जेल प्रशासन ने उन्हें उपलब्ध कराया. वे न नहाए और न ही उन्होंने प्रार्थना की."
जेल कर्मचारियों का कहना है कि पवन ने फांसी से बचने के लिए अपना हाथ काट लिया था. इसकी वजह से उसकी सुरक्षा बढ़ा दी गई थी.
केंद्र सरकार ने अस्पतालों को तैयार रहने को कहा

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केंद्र सरकार ने सरकारी और निजी अस्पतालों और मेडिकल संस्थानों को निर्देश जारी किए हैं कि वो Covid-19 से निपटने के लिए अपने यहां बेड खाली छोड़ दें, आइसोलेशन फ़ैसिलिटी तैयार करें, पर्याप्त संख्या में वेंटिलेंटर और हाई-फ़्लो ऑक्सीजन मास्क का बंदोबस्त करें, और अतिरिक्त लोगों को तैयार रखें.
टाइम्स ऑफ़ इंडिया अख़बार में छपी ख़बर के अनुसार, कोरोना वायरस के मरीज़ बढ़ने के बाद यह क़दम उठाए जा रहे हैं और सरकार किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पहले से अपनी स्वास्थ्य प्रणाली को तैयार रखना चाहती है.
भारत में अभी तक यह वायरस तीसरे स्टेज पर नहीं पहुंचा है जहां यह वायरस कम्युनिटी में फैलता है लेकिन स्वास्थ्य तैयारियां उसी स्थिति को देखते हुए की जा रही हैं.

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एक अधिकारी ने अख़बार से कहा कि सरकार अधिक संख्या से निपटने और ज़रूरी चीज़ों को जुटाने के लिए तैयारियों पर ध्यान केंद्रित कर रही है.
अभी तक निजी और सरकारी अस्पतालों में 19,111 आइसोलेशन बेड तैयार रखे गए हैं. उसी तरह से वेंटिलेटर्स की संख्या 2.5 गुना बढ़ गई है और देशभर में 60 हज़ार क्वेरेंटाइन बेड बनाए गए हैं.
अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि वो किसी भी Covid-19 के संदिग्ध मरीज़ को वापस न भेजें और ऐसे मरीज़ जिनमें न्यूमोनिया के लक्षण हैं उनके बारे में तुरंत बताएं. उन मरीज़ों का Covid-19 की जांच भी तुरंत कराई जाए.
तेल के दाम फिर बढ़ा सकती है सरकार

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केंद्र सरकार अतिरिक्त राजस्व बढ़ाने के लिए एक बार फिर पेट्रोल और डीज़ल पर 2 रुपये प्रति लीटर तक टैक्स बढ़ा सकती है.
हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, कोरोना वायरस की रोकथाम की तैयारी और अर्थव्यवस्था के आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज के लिए सरकार यह क़दम उठा सकती है.
नाम न बताने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि 16 मार्च से भारत के कच्चे तेल का दाम 309 रुपये प्रति बैरल तक कम हो गया है लेकिन सरकारी तेल कंपनियों ने रोज़ाना के दाम में तब्दीली स्थगित कर दी थी.
हालांकि, अब ऐसे संकेत मिले हैं कि सरकार इसमें दख़ल देगी और एक्साइज़ ड्यूटी बढ़ाएगी.
मोदी सरकार ने 14 मार्च को एक्साइज़ ड्यूटी 3 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ा दिए हैं.
'दंगा पीड़ितों के पुनर्वास की कोशिशें और तेज़ करेंगे'

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केंद्र, दिल्ली सरकार और पूर्वी दिल्ली नगर निगम ने दिल्ली हाई कोर्ट से कहा है कि वो दिल्ली दंगों के पीड़ितों के पुनर्वास के लिए और कोशिशें करेगी.
टाइम्स ऑफ़ इंडिया के अनुसार, जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल और जस्टिस तलवंत सिंह की बेंच ने केंद्र और दिल्ली सरकार से कहा था कि उत्तर पूर्वी दिल्ली में चल रहे राहत शिविरों की सुरक्षा, साफ़-सफ़ाई की ज़िम्मेदारी उनकी है.
केंद्र सरकार के वकील अमित महाजन और दिल्ली सरकार के वकील राहुल मेहरा ने आश्वासन दिया कि वे दंगा पीड़ितों की स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने के साथ-साथ कैंपों में फ़ायर इंजन, एंबुलेंस, मोबाइल टॉयलेट और सलाहकार मुहैया कराएंगे.

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