नीतीश ने कहा, सब ठीक है पर ऐसा लग नहीं रहा- पाँच बड़ी ख़बरें

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बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए के भीतर बीजेपी और जेडीयू में सीटों के बँटवारे पर प्रशांत किशोर के बयान से विवाद पैदा हो गया है.
हालांकि, मंगलवार को इस मामले में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि सब कुछ ठीक है. लेकिन बीजेपी नेता और उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और प्रशांत किशोर के बीच जैसे वार और पलटवार हो रहे हैं उससे ऐसे संकेत नहीं मिल रहे हैं कि सब कुछ ठीक है.
जेडीयू उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने कहा था कि 2020 में होने वाले विधानसभा चुनाव में बीजेपी से जेडीयू को ज़्यादा सीटें चाहिए.
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प्रशांत किशोर ने मंगलवार को अपने ट्वीट में उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी पर निशाना साधा.
अपने ट्वीट में प्रशांत ने कहा है, "बिहार में नीतीश कुमार का नेतृत्व और जेडीयू की सबसे बड़े दल की भूमिका बिहार की जनता ने तय किया है, किसी दूसरी पार्टी के नेता या शीर्ष नेतृत्व ने नहीं. 2015 में हार के बाद भी परिस्थितिवश उपमुख्यमंत्री बनने वाले सुशील मोदी से राजनीतिक मर्यादा और विचारधारा पर व्याख्यान सुनना सुखद अनुभव है."
इससे पहले सोमवार को सुशील मोदी ने कहा था, "2020 का विधानसभा चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा जाना तय है. सीटों के तालमेल का निर्णय दोनों दलों का शीर्ष नेतृत्व समय पर करेगा. कोई समस्या नहीं है."
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सुशील मोदी ने प्रशांत किशोर को निशाने पर लेते हुए कहा था कि वो किसी विचारधारा के नहीं बल्कि चुनावी डेटा जुटाने और नारे गढ़ने वाली कंपनी चलाते हुए राजनीति में आ गए.
सुशील मोदी ने कहा, "वो गठबंधन धर्म के ख़िलाफ़ बयानबाजी कर विरोधी गठबंधन को फ़ायदा पहुंचाने में लगे हैं." एक लाभकारी धंधे में लगा व्यक्ति पहले अपनी सेवाओं के लिए बाज़ार तैयार करने में लगता है, देशहित की चिंता बाद में करता है."
इससे पहले बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने भी प्रशांत किशोर के ट्वीट को ग़ैर-ज़रूरी क़रार दिया था.

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कश्मीर में SMS सेवा बहाल, कुछ जगह नेट
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, बीती रात से भारत प्रशासित कश्मीर के सरकारी अस्पतालों में ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवा शुरू हो गई है.
इसके साथ ही सभी मोबाइल फ़ोनों पर एसएमएस भेजे जाने की सुविधा भी शुरू हो गई है.
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने इस बारे में पहले ही सूचना दी थी.
जम्मू-कश्मीर के प्रमुख सचिव ने बताया था कि मंगलवार रात से सभी सरकारी अस्पतालों और स्कूलों में ब्रॉडबैंड सेवा भी शुरू हो जाएगी.
5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 निष्प्रभावी बनाए जाने के बाद से यहां संचार सेवाओं पर पाबंदी थी.

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55 सिखों पर FIR, योगी से अमरिंदर ने की बात
यूपी के पीलीभीत में धारा 144 लागू होने के बीच नगर कीर्तन निकालने पर सिख समुदाय के 55 लोगों के ख़िलाफ़ केस दर्ज हुआ था. अब इस मामले ने तूल पकड़ ली है.
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस बारे में बात की और मामले पर फिर से विचार करने को कहा है.
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अमरिंदर ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है.
इस बीच दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि यूपी के पुलिस अधिकारियों ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि इस मामले में किसी को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, ना ही कोई कार्रवाई की जाएगी. सिरसा ने दावा किया कि नगर कीर्तन के लिए एसडीएम से परमिशन ली गई थी.
प्रशासन का कहना है कि CAA-NRC के विरोध के मद्देनजर निषेधाज्ञा लागू होने के कारण इसकी अनुमति नहीं दी थी इसीलिए पाँच नामजद और 50 अज्ञात पर केस दर्ज हुआ था.

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मंत्री नहीं बनाए जाने से महाराष्ट्र की गठबंधन सरकार में नाराज़गी
महाराष्ट्र मंत्रिमंडल के विस्तार के एक दिन बाद, कांग्रेस खेमे से असंतोष के सुर सुनाई देने लगे हैं.
पुणे के भोर क्षेत्र से तीन बार कांग्रेस के विधायक संग्राम थोप्टे को मंत्रिमंडल में जगह न मिलने पर उनके समर्थक भड़क गए और उन्होंने मंगलवार को पुणे में पार्टी कार्यालय पर हमला कर दिया.
पुलिस ने बताया कि थोप्टे के समर्थकों ने कांग्रेस भवन पर हमला किया और उसमें तोड़फोड़ की.
उन्होंने थोप्टे को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं करने पर पार्टी नेतृत्व के ख़िलाफ़ नारेबाजी की. थोप्टे पूर्व मंत्री अनंतराव थोप्टे के बेटे हैं.
शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस की विकास अघाड़ी सरकार में मंत्री नहीं बनाए जाने के बाद कांग्रेस के राजनीतिक परिवारों के समर्थकों के बीच नाराज़गी फैल गई है.
पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार शिंदे की बेटी और सोलापुर से तीन बार की विधायक प्रणीति, पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण को भी मंत्रिमंडल विस्तार में शामिल नहीं किया गया है.
सोमवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में कुल 36 मंत्रियों को शामिल किया गया था.
मंत्रिमंडल में अब 43 सदस्य हो गए हैं. कांग्रेस से अशोक चव्हाण, विजय वडेट्टीवार और सुनील केदार जैसे वरिष्ठ 10 नेताओं को नई सरकार में जगह मिली है.
मंत्री न बनाए जाने से नाराज हुए एनसीपी विधायक प्रकाश सोलंके ने इस्तीफ़ा देने का ऐलान कर दिया था.
सूबे के उप-मुख्यमंत्री अजित पवार हरकत में आए और उन्होंने प्रकाश सोलंके से संपर्क साधा.
अजित पवार से मुलाक़ात के बाद प्रकाश सोलंके की नाराज़गी दूर हो गई है. कहा जा रहा है कि अब वो इस्तीफ़ा नहीं देंगे. प्रकाश सोलंके चार बार विधायक रह चुके हैं.

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तीन दिनों बाद प्रदूषण से मिली कुछ राहत
तीन दिनों बाद दिल्ली में मंगलवार को प्रदूषण से लोगों को मामूली राहत मिली. पूर्वी हवा के गति पकड़ते ही प्रदूषण में कमी आई लेकिन रात में प्रदूषण फिर ख़तरनाक स्तर पर पहुंच गया. सीपीसीबी टास्क फोर्स ने भी प्रदूषण के बिगड़ते हालात के बाद मीटिंग की और लोगों को इस समय कम से कम बाहर रहने की सलाह दी.
सीपीसीबी के एयर बुलेटिन के अनुसार मंगलवार को दिल्ली का एयर क्वॉलिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 387 रहा.
इसके अलावा फ़रीदाबाद का एक्यूआई 342, ग़ाजियाबाद का 389, ग्रेटर नोएडा का 354, गुड़गांव का 341 और नोएडा का 375 रहा.
सफर के पूर्वानुमान के अनुसार पहली जनवरी को भी तेज हवा की वजह से प्रदूषण के स्तर में कमी आएगी. दो जनवरी से हवा कुछ और साफ़ हो सकती है.
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