नीरव मोदी ने कहा भारत भेजा गया तो कर लेंगे आत्महत्याः प्रेस रिव्यू

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टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने अपने पहले पन्ने पर यह ख़बर दी है कि लंदन की अदालत में एक बार फिर ज़मानत याचिका ख़ारिज किए जाने के दौरान भारत के हीरा कारोबारी नीरव मोदी ने कोर्ट में कहा कि अगर उन्हें भारत प्रत्यर्पित किया गया तो वे आत्महत्या कर लेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि भारत में उन्हें निष्पक्ष ट्रायल की उम्मीद नहीं है.
अख़बार ने लिखा कि नीरव मोदी ने कोर्ट को बताया कि जेल में उन्हें तीन बार पीटा गया.
नीरव के वकील हुगो कीथ क्यूसी ने कहा, "मंगलवार की सुबह नौ बजे के ठीक बाद जेल में ही बंद दो अन्य कैदी उसके सेल में आए. उन्होंने दरवाजा बंद करके उसे घूंसा मारा और ज़मीन पर गिराकर लातों से पीटा. इसके साथ ही उसे लूटने की भी कोशिश की."
कीथ ने डॉक्टर की नीरव के डिप्रेशन की कॉन्फिडेंशल रिपोर्ट के लीक हिस्से का ज़िक्र करते हुए ये बातें कहीं.
हालांकि इन सब दलीलों का कोर्ट पर कोई असर नहीं हुआ और उनकी ज़मानत याचिका ख़ारिज कर दी गई.
7 महीने से लंदन की वांड्सवर्थ जेल में बंद नीरव मोदी भारत में 2018 की शुरुआत में हुए पंजाब नेशनल बैंक घोटाले में अपनी पत्नी ऐमी, भाई निशाल और रिश्तेदार मेहुल चोकसी समेत मुख्य अभियुक्त हैं.

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विश्व भारती विश्वविद्यालय में CISF की स्थायी तैनाती का अनुरोध
इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एचआरडी) ने पश्चिम बंगाल के शांतिनिकेतन में विश्व भारती विश्वविद्यालय में केंद्रीय ओद्यौगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ़) के एक दस्ते की स्थायी तैनाती के लिए पत्र लिखा है.
अख़बार लिखता है कि एचआरडी मंत्रालय ने सीआईएसएफ़ के निदेशक राजेश रंजन को पिछले महीने इस संबंध में पत्र लिखा था. इसमें लिखा था कि सुरक्षा बल को भेजने का खर्च विश्विविद्यालय वहन करेगा.
ये पत्र विश्वविद्यालय के कुलपति बिद्युत चक्रवर्ती के आदेश पर दिया गया था.
अख़बार का दावा है कि ऐसा पहली बार है जब केंद्र सरकार ने अपने शैक्षणिक संस्थान में अर्धसैनिक बलों की तैनाती के लिए औपचारिक रूप से कहा हो. वर्तमान में किसी भी केंद्रीय विश्वविद्यालय में अर्धसैनिक बल या पुलिसकर्मी तक स्थायी रूप से कैंपस में तैनात नहीं किए गए हैं.
इससे पहले कुलपति बिद्युत चक्रवर्ती ने विश्वविद्यालय प्रशासन, विद्यार्थियों और कर्मचारियों के बीच टकराव की घटनाओं की जानकारी देते हुए सीआईएसएफ के लिए अनुरोध किया था. साथ ही लिखा था कि मौजूदा निजी सुरक्षाकर्मी तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के प्रति निष्ठा रखते हैं और विश्वविद्यालय के सुरक्षा अधिकारी के आदेश का पालन नहीं करते हैं.

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अयोध्या मामले पर न करें गैरज़रूरी बयानबाजी
इंडियन एक्सप्रेस की एक और ख़बर के मुताबिक अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंत्रियों को सलाह दी है कि इस मामले पर गैरज़रूरी बयानबाजी न करें.
बुधवार को अपने मंत्रिपरिषद के साथ बैठक में पीएम मोदी ने फ़ैसले के परिणाम पर देश में सौहार्द और सद्भाव का माहौल बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया.
साथ ही उन्होंने फ़ैसले को जीत या हार को नज़र से न देखने पर भी बल दिया.
17 नवंबर को मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई सेवानिवृत्त हो रहे हैं. लिहाजा यह उम्मीद जताई जा रही है कि अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला 17 नवंबर से पहले आ सकता है.

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रियल स्टेट के लिए 25 हज़ार करोड़ का फंड
हिंदुस्तान टाइम्स में ख़बर है कि अधूरी पड़ी आवासीय परियोजनाओं को पूरा करने के लिए सरकार ने 25 हज़ार करोड़ रुपये का एक वैकल्पिक निवेश फंड (एआईएफ़) देने की घोषणा की.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को ये जानकारी दी जो रियल स्टेट सेक्टर और घरों के पूरा होने का इंतज़ार कर रहे लोगों के लिए राहत भरी हो सकती है.
उन्होंने बताया कि मंत्रीपरिषद की बैठक में आवासीय परियोजनाओं के लिए 10 हज़ार करोड़ रुपये के फंड को मंज़ूरी दे दी गई है. देशभर में 1600 आवासीय परियोजनाएं और 4.58 लाख घर या फ्लैट्स अटके पड़े हैं. इस फंड से इन प्रोजेक्ट्स को फ़ायदा पहुंचेगा.
सरकार इस फंड में 10 हज़ार करोड़ रुपये का योगदान देगी और शेष 15 हज़ार करोड़ रुपये स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया और एलआईसी की तरफ़ से दिया जाएगा.
वित्त मंत्री ने बताया कि ये फंड चरणों में ज़ारी होगा. जो आवासीय परियोजनाएं एनपीए (नॉन परफॉर्मिंग असेट) में हैं या दिवालियापन के चलते अदालत में हैं उन्हें भी 25 हज़ार करोड़ रुपये के फंड से मदद मिलेगी.

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कुलगाम में जलाए गए स्कूल
जनसत्ता अख़बार में ख़बर है कि भारत प्रशासित कश्मीर के कुलगाम में चरमपंथियों ने बुधवार शाम को दो निजी स्कूलों की इमारत जला दी.
इस घटना के बाद फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने की कोशिश की.
चरमपंथी इन स्कूलों में शाम को छुट्टी हो जाने के बाद पहुंचे और वहां मौजूद कुछ लोगों को बाहर निकालकर आग लगा दी.
अधिकारियों के मुताबिक, चरमपंथियों ने दहशत फ़ैलाने के लिए ऐसा किया.
अब आग लगाने वाले चरमपंथियों की तलाश की जा रही है. सेना और सुरक्षा बलों ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है.
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