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मोदी: आसियान देशों के एक हज़ार युवाओं के लिए आईआईटी में पोस्ट-डॉक्टोरल फ़ेलोशिप
प्रधानमंत्री नरेंद मोदी ने कहा है कि भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को थाईलैंड से जोड़ना उनकी प्राथमिकता है.
थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में शनिवार को भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि वो पूर्वोत्तर भारत को एक द्वार की तरह विकसित कर रहे हैं.
बैंकॉक के निमिबुत्र स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम में भारतीय मूल के हज़ारों लोग मौजूद थे.
मोदी वहां भारत-आसियान समिट में भाग लेने के लिए गए हैं.
मोदी का कहना था, ''नॉर्थ ईस्ट इंडिया को हम साउथ ईस्ट एशिया के गेटवे के तौर पर डेवेलप कर रहे हैं. भारत का ये हिस्सा हमारी एक्ट ईस्ट पॉलिसी और थाइलैंड की एक्ट वेस्ट पॉलिसी, दोनों को ताक़त देगा.''
मोदी ने कहा कि एक बार भारत-म्यांमार-थाईलैंड हाईवे यानि ट्राइलेटरल हाईवे शुरु हो जाएगा तो नॉर्थ ईस्ट इंडिया और थाईलैंड के बीच संपर्क बिना किसी रोक टोक होना तय है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे इस पूरे क्षेत्र में व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा.
भारत और थाईलैंड के क़रीबी संबंधों को उजागर करते हुए मोदी ने कहा कि आज स्थिति ये है कि दोनों देशों के किसी भी दो जगहों के बीच औसतन दो से चार घंटे लगते हैं. उन्होंने कहा कि ये तो ऐसा ही है जैसे आप भारत में ही दो जगहों के बीच हवाई यात्रा कर रहे हों.
प्रधानमंत्री ने एक ख़ास घोषणा करते हुए कहा, ''हाल में हमारी सरकार ने भारत और आसियान देशों के बीच रिसर्च एंड डेवलपमेंट के क्षेत्र में एक अहम फ़ैसला लिया है. हमने तय किया है कि आसियान देशों के एक हज़ार युवाओं के लिए आईआईटी में पोस्ट-डॉक्टोरल फ़ेलोशिप दी जाएगी.''
मोदी ने कहा एयर, समुद्र और रोड कनेक्टिविटी, तीनों के ज़रिए भारत और थाईलैंड बहुत तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं.
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