महाराष्ट्र-हरियाणा विधानसभा चुनाव की मतगणना आठ बजे से शुरू

    • Author, टीम बीबीसी हिंदी
    • पदनाम, नई दिल्ली
  • प्रकाशित
  • पढ़ने का समय: 6 मिनट

महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव के परिणाम थोड़ी ही देर में आने लगेंगे.

आठ बजे से मतगणना शुरू होगी. इसके कुछ ही देर बाद रुझान आने लगेंगे और दोपहर तक दोनों राज्यों में किसकी सरकारें बनेंगी यह तस्वीरें साफ़ हो जाएगी.

महाराष्ट्र में भी बीते विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार कम मतदान हुआ. इस बार वोट प्रतिशत 60.5 फ़ीसदी रही जबकि पिछले विधानसभा चुनाव में 63.08 फ़ीसदी वोट पड़े थे.

महाराष्ट्र विधानसभा की वर्तमान स्थिति

288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा में सत्तारूढ़ बीजेपी-शिवसेना गठबंधन के पास 185 सीटें हैं. इनमें बीजेपी के 122 तो शिवसेना के 63 विधायक हैं.

इसके अलावा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के पास 41 और कांग्रेस के पास 42 वर्तमान विधायक हैं.

21 अक्टूबर को हुए विधानसभा चुनाव में शिवसेना ने जहां 126 सीटों पर वहीं बीजेपी ने (कमल के निशाने पर उतरने वाले कुछ सहयोगी दलों के उम्मीदवार समेत) 164 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं.

दूसरी तरफ़, कांग्रेस ने 147 जबकि उसकी सहयोगी एनसीपी ने 121 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं.

ठाकरे और पवार परिवार की तीसरी पीढ़ी पर नज़र

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2019 में राज्य की दो सबसे ताक़तवर राजनीतिक परिवारों की तीसरी पीढ़ी चुनावी मैदान में है. ये हैं पवार और ठाकरे.

इन्हें जहां महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे कद्दावर परिवारों में देखा जाता है वहीं अक्सर यहां की राजनीति इन्हीं दोनों परिवारों के ईर्द-गिर्द घूमती दिखती है.

शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे के पोते और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे वर्ली सीट से चुनाव मैदान में उतरे हैं. आदित्य ठाकरे परिवार के पहले ऐसे सदस्य हैं जो चुनावी मैदान में उतरे हैं.

दूसरी ओर पवार परिवार से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख और कद्दावर नेता शरद पवार के पोते रोहित पवार करजात-जमखेद से चुनावी मैदान में उतरे हैं.

कई कद्दावर प्रत्याशियों के भाग्य का फ़ैसला

महाराष्ट्र में इन दो बहुचर्चित प्रत्याशियों के अलावा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस नागपुर दक्षिण पश्चिम सीट से मैदान में हैं. पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के नेता अशोक चव्हाण नांदेड़ ज़िले की भोकार तो पृथ्वीराज चव्हाण सतारा की कराद दक्षिण सीट से चुनाव लड़े हैं.

इनके अलावा बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल राज्य के एक बड़े मराठा चेहरा हैं जो कोथरूड विधानसभा सीट से प्रत्याशी हैं. वे पश्चिम महाराष्ट्र से हैं जहां मराठाओं का दबदबा है.

पवार परिवार से शरद पवार के भतीजे अजित पवार पारंपरिक सीट बारामती से मैदान में हैं. तो ज़मीनी राजनीति पर पकड़ रखने वाले शिवसेना के एकनाथ शिंदे कोपरी पचखापड़ी सीट से मैदान में हैं.

आरे कॉलोनी में पेड़ों की कटाई को लेकर शिवसेना-बीजेपी सरकार पर निशाना साधने वाले एनसीपी के प्रत्याशी नवाब मलिक अणुशक्ति नगर से चुनावी अखाड़े में हैं.

इनके अलावा बीजेपी के दिवंगत नेता गोपीनाथ मुंडे की बेटी पंकजा मुंडे और भतीजे धनंजय मुंडे आपस में भिड़ रहे हैं. बीड की परली विधानसभा सीट पर हुई इस लड़ाई के नतीजे पर पूरे महाराष्ट्र की नज़र है.

चुनाव परिणाम का क्या होगा असर?

बीजेपी-शिवसेना गठबंधन अगर महाराष्ट्र की सत्ता में वापसी करती है तो दिल्ली और झारखंड में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव पर बीजेपी को इसका लाभ मिल सकता है.

हाल के चुनावों में एग्ज़िट पोल के नतीजे क़रीब-क़रीब सही रहे हैं और ऐसा होने की स्थिति में महाराष्ट्र में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन की जीत होती है तो इसमें यह देखना सबसे अहम होगा कि क्या विधानसभा में बीजेपी की सीटें बढ़ीं या कम हुईं. साथ ही शिवसेना छोटे भाई की भूमिका में ही बनी रहती है या उसमें भी कुछ फेरबदल होता है.

मई में हुए लोकसभा चुनाव के बाद देश में पहली बार कोई नया जनादेश आएगा. इस बीच केंद्र सरकार ने 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने का बड़ा फ़ैसला लिया है. लिहाजा चुनाव के नतीज़े से यह भी साफ़ हो जाएगा कि बीजेपी और मज़बूत हुई या विपक्ष में नई जान आ गयी है.

288 सदस्यीय विधानसभा में स्पष्ट बहुमत के लिए 145 सीटें चाहिए और बीजेपी के पास 142 मौजूदा विधायक हैं लिहाजा इस बात पर भी सब की नज़र होगी कि क्या महाराष्ट्र में बीजेपी स्पष्ट बहुमत के आंकड़े को पार करती है या नहीं.

हरियाणा

हरियाणा विधानसभा की 90 सीटों पर 21 अक्टूबर को ही मतदान हुए थे. यहां भी आठ बजे से मतगणना शुरू होगी.

मनोहर लाल खट्टर के मुख्यमंत्री बनने के पहले कांग्रेस के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा लगातार दो बार मुख्यमंत्री रहे.

लेकिन 2014 में हुए चुनाव में कांग्रेस को केलव 15 सीटें मिलीं और वो 19 सीटें पाने वाली आईएनएलडी से भी पीछे तीसरे नंबर की पार्टी बन गई.

मौजूदा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के सामने अपनी सीटें बढ़ाने और सत्ता हासिल करने की चुनौती है तो बीजेपी और अधिक अंतर से विधानसभा में फिर से पहुंचने की उम्मीद पाले हुए है.

लेकिन पिछले चुनाव में दूसरे नंबर पार्टी रही आईएनएलडी की स्थिति इस बार कमज़ोर हुई है क्योंकि चौटाला परिवार में राजनीतिक दरार के चलते दुष्यंत चौटाला ने अलग रास्ता अख़्तियार करते हुए जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) का गठन किया है.

इस चुनावों में जिन प्रमुख उम्मीदवारों के जीत हार पर नज़र रहेगी उनमें मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा शामिल हैं.

किन नेताओं पर रहेगी नज़र

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पहली बार करनाल से चुनाव लड़े थे और जीत दर्ज की थी. इस बार भी वो यहीं से चुनाव लड़ रहे हैं और उनके सामने हैं कांग्रेस के त्रिलोचन सिंह जिनका मुक़ाबला पिछली बार भी खट्टर से था लेकिन हार गए थे.

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा रोहतक ज़िले के गढ़ीसांपला किलोई से चुनावी मैदान में हैं. बीजेपी ने आईएनएलडी छोड़कर पार्टी में शामिल हुए सतीश नामदल को उनके सामने खड़ा किया है.

हालांकि ये इलाक़ा हुड्डा का गढ़ रहा है. इस बार भी वो कांग्रेस के मुख्यमंत्री चेहरा हैं. 2019 के आम चुनावों में क़रारी हार के बाद इस बार विधानसभा चुनाव उनके राजनीतिक भविष्य को तय करने वाला माना जा रहा है.

कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला कैथल से चुनावी मैदान में हैं. वो यहां से पिछली बार चुनाव जीतकर विधायक बने थे. बीजेपी ने उनके सामने कभी आईएनएलडी में रहे लीला राम गुज्जर को उतारा है.

कुलदीप विश्नोई कांग्रेस के टिकट पर हिसार के आदमपुर विधानसभा क्षेत्र से मैदान में हैं. यहां बीजेपी ने टिक टॉक स्टार सोनाली फोगाट को चुनावी मैदान में उतारा है. हालांकि ये चुनावी क्षेत्र कुलदीप बिश्नोई का गढ़ रहा है.

उनके पिता चौधरी भजन लाल ने 2007 में हरियाणा जनहित कांग्रेस (भजन लाल) बनाई और 2011 में भजन लाल की मौत के बाद कुलदीप बिश्नोई ने बीजेपी से गठबंधन किया, लेकिन 2014 में विधानसभा चुनावों से पहले ये गठबंधन टूट गया. 2016 में उन्होंने अपनी पार्टी को कांग्रेस में मिला दिया.

कॉमनवेल्थ खेलों में स्वर्ण पदक जीत चुकीं बबीता फोगाट चरखी दादरी से बीजेपी की उम्मीदवार हैं. माना जा रहा है कि उनको बड़ी चुनौती निर्दलीय उम्मीदवार सोमवीर सांगवान से मिलेगी.

चुनावों से ठीक पहले बीजेपी में शामिल हुए ओलंपिक पदक विजेता योगेश्वर दत्त बड़ौदा से अपनी किस्मत आज़मा रहे हैं.

जेजेपी के दुष्यंत चौटाला ऊचाना कलां से चुनावी मैदान में हैं. भाजपा की मौजूदा विधायक प्रेम लता के साथ उनका कड़ा मुकाबला है.

इंडिन हॉकी टीम के पूर्व कप्तान संदीप सिंह कुरुक्षेत्र के पास पेहोवा से बीजेपी के टिकट पर मैदान में हैं. इनके सामने हैं कांग्रेस के उम्मीदवार मंदीप छट्ठा.

आइएनएलडी के प्रमुख नेता अभय चौटाला एलीनाबाद से चुनाव लड़ रहे हैं. ये सीट पिछली बार भी उनके पास ही थी.

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