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अभिजीत बनर्जी बोले, 'थक चुका हूं, सोना चाहता हूं'- प्रेस रिव्यू
नोबेल विजेता अभिजीत बनर्जी मंगलवार को कोलकाता पहुंचे. कोलकाता पहुंचने पर उनसे टेलिग्राफ़ अख़बार ने बात की.
अभिजीत का कोलकाता में क्या प्लान है? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ''घर जाकर सोऊंगा और जहां तक संभव हो सके कम बात करूंगा."
नोबल पुरस्कार मिलने के बाद से ही अभिजीत बनर्जी भारत में चर्चा के केंद्र में रहे हैं. लेकिन अपने घर जाकर वो कुछ घंटे अब शांति से बिताना चाहते हैं.
मंगलवार शाम कोलकाता एयरपोर्ट पर उन्होंने कहा कि घर वापस आकर उन्हें बहुत ही अच्छा लग रहा है.
अभिजीत ने बताया कि वो तीन महीने पहले घर आए थे. उन्होंने कहा, "तब मुझे एयरपोर्ट पर कोई लेने नहीं आया था. मैं अकेला था. वो बेहतर था."
उन्होंने कहा कि "मैं थक चुका हूं और सोना चाहता हूं."
अभिजीत बनर्जी जब शाम सात बजे के बाद कोलकाता एयरपोर्ट पर उतरे तो लोगों की भीड़ उनका पहले से इंतज़ार कर रही थी.
मेयर फ़िरहाद हकीम, मंत्री ब्रात्य बसु और एयरपोर्ट डायरेक्टर कौशिक भट्टाचार्य उनका स्वागत करने पहुंचे थे. हकीम ने बनर्जी को फूलों का गुलदस्ता भेंट किया.
लोगों में बनर्जी के साथ सेल्फी लेने की होड़ मच गई. इसके बाद पुलिस का काफिला अभिजीत बनर्जी को उनके घर छोड़कर आया.
कमलेश तिवारी हत्याकांड में दो संदिग्ध गिरफ़्तार
अखिल भारत हिंदू महासभा के अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या से जुड़े दो संदिग्धों की गुजरात से गिरफ़्तारी की गई है.
इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा है कि अशफाक़ हुसैन (34 वर्षीय) और मोइनुद्दीन ख़ुर्शीद पठान (27 वर्षीय) नाम के दो व्यक्तियों को गुजरात एटीएस ने कल शाम गुजरात-राजस्थान की सीमा से गिरफ़्तार किया.
अखबार ने लिखा है कि गुजरात एटीएस के डीआईजी हिमांशु शुक्ला ने बताया कि दोनों अभियुक्तों ने अपना अपराध कुबूल कर लिया है. उन्होंने कहा, ''दोनों अभियुक्तों को यूपी पुलिस को सौंप दिया जाएगा क्योंकि यह मामला लखनऊ पुलिस के पास ही दर्ज है. दोनों ने हमारे सामने यह स्वीकार किया है कि उन्होंने बीते शुक्रवार को कमलेश तिवारी की हत्या की थी.''
वहीं उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने बताया है कि गुजरात पुलिस ने उन्हें इस गिरफ़्तारी की सूचना दे दी है. इन दो लोगों के अलावा गुजरात से तीन और लोगों को भी इस मामले में गिरफ़्तार किया गया है.
इन लोगों के नाम राशिद पठान, फ़ैज़ान शेख़ और मोहसिन शेख़ हैं.
राज्यपाल को दिल की बात बोलने का भी अधिकार नहींः सत्यपाल मलिक
जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि देश में राज्यपाल की स्थिति बहुत ही कमज़ोर है क्योंकि उन्हें संवाददाता सम्मेलन आयोजित करने या अपने दिल की बात कहने तक का कोई अधिकार नहीं है.
जनसत्ता में यह ख़बर प्रमुखता से प्रकाशित की गई है. सत्यपाल मलिक ने अपने उस बयान को दोहराया कि देश में धनी लोगों का एक तबका सड़े हुए आलू की तरह है क्योंकि वे दान नहीं करते हैं और शिक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने में मदद के लिए आगे नहीं आते है.
मलिक ने कटरा में माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय के सातवें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा, ''राज्यपाल एक कमज़ोर इकाई है, उन्हें संवाददाता सम्मेलन आयोजित करने या अपने दिल की बात कहने का अधिकार नहीं होता है. मैं लगभग तीन दिन तक आशंकित रहता हूं कि दिल्ली में मेरे शब्दों ने किसी को नाराज़ तो नहीं किया है.''
नवजोत कौर सिद्धू ने छोड़ी कांग्रेस
पूर्व कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू ने कांग्रेस पार्टी से नाता तोड़ दिया है.
टाइम्स ऑफ़ इंडिया में प्रकाशित समाचार के अनुसार नवजोत कौर ने कहा कि वह कांग्रेस छोड़ चुकी हैं और अब वह किसी भी राजनीतिक पार्टी के साथ नहीं हैं. उन्होंने कहा कि वह अब सिर्फ़ समाजसेवी हैं और उनका लक्ष्य अपने क्षेत्र का विकास करना है.
इसके साथ ही नवजोत कौर सिद्धू ने कांग्रेस के भीतर मौजूद समस्याओं का ज़िक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस के लोगों की वजह से ही पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच टकराव हुआ.
इसी साल नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब में राज्य मंत्री के पद से इस्तीफ़ा दे दिया था, वो अभी भी कांग्रेस में बने हुए हैं.
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