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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भतीजी का पर्स छीना, पिता सुरक्षा को लेकर चिंतित
दिल्ली में शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भतीजी दमयंती मोदी का पर्स झपट लिया गया.
दमयंती मोदी के पर्स में 56,000 रुपये नकद और पैन कार्ड और मतदाता पहचान पत्र जैसे दस्तावेज़ भी थे. पुलिस का कहना है कि वह मामले की जांच कर रही है और संदिग्धों को तलाश किया जा रहा है.
इससे पहले दमयंती मोदी के पिता और नरेंद्र मोदी के भाई प्रह्लाद मोदी के साथ भी दिल्ली में चोरी की घटना हो चुकी है.
दमयंती मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाई प्रह्लाद मोदी की बेटी हैं. वह पति विकास मोदी और दो बेटियों के साथ सूरत में रहती हैं. दमयंती गृहिणी हैं और उनके पति कारोबारी हैं.
प्रह्लाद मोदी ने इस घटना के बाद अपनी और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है.
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स्कूटी पर सवार लोगों ने छीना पर्स
दमयंती मोदी अपने पति और बेटियों के साथ अमृतसर से दिल्ली लौटी थीं. उन्हें शनिवार शाम चार बजे गुजरात रवाना होता था.
बीच में उन्होंने आराम के लिए सिविल लाइन्स इलाक़े की गुजराती समाज भवन में कमरा बुक करवाया था. जिस समय वे अपना सामान उतार रहे थे, उसी समय स्कूटी पर सवार दो अज्ञात लोगों ने उनका पर्स छीन लिया.
सिविल लाइन्स के एसीपी अशोक त्यागी ने बीबीसी को बताया कि शिकायत मिली है और पुलिस मामले की जांच कर रही है.
दिल्ली में चेन और पर्स स्नैचिंग की काफ़ी घटनाएं होती हैं. 2018 के आंकड़ों के अनुसार, हर दिन देश की राजधानी में झपटमारी की 18 घटनाएं होती हैं.
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सुरक्षा को लेकर चिंतित प्रह्लाद मोदी
बीबीसी गुजराती के सहयोगी भार्गव पारीख ने दमयंती के पिता प्रह्लाद मोदी से बात की और घटना के बारे में जानना चाहा.
उन्होंने कहा, "दिल्ली में कानून व्यवस्था जैसी चीज़ नहीं है. चोर खुले में घूम रहे हैं. आम आदमी की कोई सुनवाई नहीं है. कोई दिल्ली में किसी की नहीं सुनता."
उन्होंने कहा, "पहले जब मैं खुद दिल्ली आया ता तो मेरा 30 हज़ार का मोबाइल फ़ोन गुम हो गया था. मैंने दिल्ली यूनिवर्सिटी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई थी. उस केस में अब तक कुछ नहीं हुआ. मेरी बेटी के 56,000 भी मिलना मुश्किल है क्योंकि कानून व्यवस्था ख़राब हो गई है."
प्रह्लाद मोदी ने बीबीसी गुजराती के साथ बाचतीत में अपनी और परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि वह ख़ुद भी असुरक्षित महसूस करते हैं.
उन्होंने कहा, "सरकार ने मुझे और मेरे परिवार को सुरक्षा दी थी मगर 26 मई, 2019 को किसी कारण वापस से ले ली गई. मैं राशन दुकानदारों के संघ का अध्यक्ष हूं. मुझे अक्सर देश के विभिन्न इलाक़ों की यात्रा करनी पड़ती है."
प्रह्लाद मोदी ने दावा किया कि उन्हें कई धमकियां मिल रही हैं. वह कहते, "मैं सरकार के ख़िलाफ भी आवाज़ उठाता हूं. जब मुझे पहले सुरक्षा दी गई थी तो मैं सुरक्षित महसूस करता था. अब मैं असुरक्षित हूं."
बेटी के साथ दिल्ली में हुई घटना पर प्रह्लाद मोदी कहते हैं, "मेरी बेटी और दामाद दिल्ली में हैं. मेरी जब उनसे बात हुई थी तब तक उन्हें पुलिस से कोई ख़ास मदद नहीं मिली थी."
प्रह्लाद मोदी का कहना है कि सुरक्षा के कारण वह अपने परिवार को सामने नहीं लाते थे मगर अब उन्हें दोहतियों की भी चिंता होने लगी है.
प्रह्लाद कहते हैं, "मुझे अपने 30 हज़ार के फ़ोन और बेटी के 56 हज़ार रुपयों के बारे में भूलना होगा."
उन्होंने बीबीसी को बताया कि वह दिवाली पर छुट्टियों पर जाने वाले थे मगर अब सुरक्षा के कारण उन्हें फिर से विचार करना होगा.
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