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'अमर सिंह और शिवपाल के खिलाफ कुछ नहीं सुन सकता'
उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी में जारी घमासान के बीच पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव अपने भाई शिवपाल सिंह यादव और अमर सिंह के साथ खड़े दिखाई दिए.
मुलायस सिंह सोमवार को लखनऊ स्थित सपा प्रदेश कार्यालय में पार्टी के विधायकों, सांसदों और पदाधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे. अपने संबोधन में उन्होंने बार बार शिवपाल की तारीफ की और उनके काम गिनाए.
मुलायम का कहना था कि शिवपाल ज़मीन से जुड़े नेता हैं.
उन्होंने कहा कि पार्टी बनाने के लिए ''हमने पुलिस की लाठियां खाई हैं और जेल गए हैं, जो अभी उछल रहे है, वो एक लाठी भी नहीं झेल पाएंगे.''
उन्होंने कहा कि पद मिलने के बाद से कुछ लोगों का दिमाग खराब हो गया है और कुछ नेताओं ने चापलूसी को धंधा बना लिया है.
सपा प्रमुख ने कहा कि जो व्यक्ति अपनी आलोचना नहीं सह सकता, वो नेता नहीं बन सकता है.
उन्होंने कहा, ''नौजवानों को जितना सम्मान मैंने दिया, किसी और ने नहीं दिया है. कोई ये न समझें कि नौजवान मेरे साथ नहीं हैं.''
मुलायम सिंह ने अपने भाषण में अमर सिंह का भी बचाव किया और कहा कि अमर सिंह ने उन्हें जेल जाने से बचाया. उनका कहना था, 'अमर सिंह मेरे भाई जैसे हैं और शिवपाल के काम को भुलाया नहीं जा सकता है.'
इससे पहले बैठक में अखिलेश और शिवपाल ने अपनी बात रखी थी.
इस बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि अगर पार्टी प्रमुख चाहें तो वो मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा देने को तैयार हैं.
बैठक में यह बात करते हुए वो रो पड़े.
उन्होंने कहा कि वो कोई पार्टी नहीं बनाएंगे और न ही पार्टी छोड़कर कहीं नहीं जा रहे हैं.
उन्होंने कहा कि वो चाहते हैं कि प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण का अधिकार मुझे मिले.
वहीं पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव के भाई शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि उन्होंने साइकिल से घूम-घूमकर पार्टी को मजबूत किया है.
शिवपाल यादव ने आह्वान किया कि मुलायम सिंह यादव अगले चुनावों में सपा का नेतृत्व करें.
उन्होंने कहा कि आज समाजवादी पार्टी जहां पहुंची है, वहां तक पहुंचाने में उनका भी योगदान है.
उन्होंने कहा कि वो कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिले थे. इस दौरान उन्होंने कहा था कि वो नई पार्टी बनाएंगे और किसी भी दल से गठबंधन कर चुनाव लड़ेंगे.
उन्होंने कहा कि उनके विभाग के काम की तारीफ तो विपक्षी दल भी करते हैं. लेकिन क्या मुख्यमंत्री के विभागों के कामों की समीक्षा भी नहीं होती है.
उन्होंने अपने भाषण में पार्टी के सांसद अमर सिंह के योगदान को याद किया और कहा कि आज जो अखिलेश की जयकार कर रहे हैं वो अमर सिंह के पैरों के धूल के बाराबर भी नही हैं.
पार्टी मुख्यालय के बाहर हो रही इस बैठक से पहले अखिलेश यादव और शिवपाल सिंह यादव के समर्थकों के बीच मारपीट हुई.
बैठक को देखते हुए वहां बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है.
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