100 साल की बच्ची हैं ज़ोहरा जी- अमिताभ बच्चन

 शुक्रवार, 27 अप्रैल, 2012 को 11:33 IST तक के समाचार
ज़ोहरा सहगल

27 अप्रैल को ज़ोहरा सहगल 100 साल की हो गईं.

इस साल भारतीय सिनेमा के 100 साल पूरे हो रहे हैं और 27 अप्रैल को भारतीय थिएटर और फिल्मों से जुड़ी जानी मानी हस्ती ज़ोहरा सहगल भी 100 साल की हो गईं.

इस मौके पर ज़ोहरा सहगल से करीब से जुड़े और उनके साथ काम कर चुके अभिनेता अमिताभ बच्चन उन्हें बधाई देते हुए ज़ोहरा सहगल को '100 साल की बच्ची' करार देते हैं.

ज़ोहरा सहगल ने फिल्म चीनी कम में अमिताभ बच्चन की मां की भूमिका निभाई है. अमिताभ कहते हैं, "एक प्यारी छोटी सी बच्ची की तरह हैं वो. इस उम्र में भी उनकी असीमित ऊर्जा देखते ही बनती है. मैंने उन्हें कभी भी निराश या किसी दुविधा में नहीं देखा. वो हमेशा हंसती, खिलखिलाती रहती हैं."

अमिताभ बताते हैं कि 'चीनी कम' के सेट पर ज़ोहरा हमेशा सबको बड़े प्यार से पुरानी कहानियां सुनाया करती थीं.

अमिताभ बच्चन की ज़ोहरा सहगल को शुभकामना

सुनिए क्या कहते हैं सुपरस्टार अमिताभ बच्चन 100 साल पूरे कर चुकी मशहूर थिएटर और फिल्म कलाकार ज़ोहरा सहगल के बारे में. सुनिए ज़ोहरा सहगल के ज़िंदादिल व्यक्तित्व पर अमिताभ की राय.

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"एक प्यारी छोटी सी बच्ची की तरह हैं ज़ोहरा जी. इस उम्र में भी उनकी असीमित ऊर्जा देखते ही बनती है. मैंने उन्हें कभी भी निराश या किसी दुविधा में नहीं देखा. वो हमेशा हंसती, खिलखिलाती रहती हैं."

अमिताभ बच्चन, अभिनेता

ज़ोहरा सहगल के साथ अपने करीबी संबंधों का ज़िक्र करते हुए अमिताभ बताते हैं, "ज़ोहरा जी, पृथ्वीराज कपूर के पृथ्वी थिएटर से जुड़ी थीं और पृथ्वीराज कपूर का मेरे पिता से बहुत करीबी रिश्ता था. जब भी पृथ्वीराज जी अपने नाटक के सिलसिले में इलाहाबाद आते, तो वहां हम सबकी ज़ोहरा जी से ज़रूर मुलाकात होती."

ज़ोहरा जी अब मीडिया से ज़्यादा बात नहीं करतीं. लेकिन कुछ समय पहले पत्रकारों से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा था कि लंबी उम्र का राज़ है लगातार सक्रिय रहना.

ज़ोहरा सहगल ने कहा था, "अगर आप निष्क्रिय होकर घर पर बैठ गए तो समझ लीजिए आप खत्म हो गए." उन्होंने बताया कि वो जितना संभव हो व्यायाम करती हैं और इस उम्र में भी अपनी आवाज़ को दुरुस्त बनाए रखने के लिए कविता पाठ करती हैं. उन्होंने ये भी बताया कि वो अपने खान-पान का बेहद ध्यान रखती हैं और वक्त पर सोती हैं और जागती हैं.

ज़ोहरा की आखिरी हिंदी फिल्म 2007 में संजय लीला भंसाली की सावरिया थी. वो चीनी कम, वीर-ज़ारा, कभी खुशी कभी ग़म और हम दिल दे चुके सनम जैसी कामयाब फिल्मों में भी काम कर चुकी हैं.

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