भारत-फ़्रांस में स्कोर्पीन पनडुब्बी और लड़ाकू विमान इंजन बनाने का समझौता अभी नहीं हुआ- प्रेस रिव्यू

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भारत और फ़्रांस के बीच स्कोर्पीन पनडुब्बी और लड़ाकू जेट विमान का इंजन बनाने को लेकर अभी अंतिम समझौता नहीं हुआ है.

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों के बीच पेरिस में वार्ता के बाद जारी साझा बयान में तीन पनडुब्बियां ख़रीदने और लड़ाकू विमान के इंजन के साझा विकास को लेकर कोई संदर्भ नहीं हैं.

अख़बार ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि भारत और फ़्रांस के अधिकारी स्कोर्पीन पनडुब्बियों की ख़रीद और जेट इंजन के साझा विकास को लेकर समझौते को अंतिम रूप नहीं दे सके हैं.

एक सूत्र ने अख़बार को बताया, “वार्ताकारों ने दोनों सौदों को समय पर पूरा करने की कोशिश की ताकि इनसे जुड़ी लाइनें दस्तावेज़ में शामिल कर ली जातीं, लेकिन दोनों नेताओं के बीच वार्ता से पहले ये पूरा नहीं हो सका. नरेंद्र मोदी और मैक्रों के बीच वार्ता से पहले इन सौदों को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका.”

सरकारी सूत्रों के मुताबिक़ विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर साझा बयान का ड्राफ्ट संस्करण ग़लती से अपलोड हो गया था. इसमें पनडुब्बी समझौते और जेट विमान इंजन के साझा विकास समझौते का ज़िक्र था.

जो दस्तावेज़ पहले वेबसाइट पर अपलोड किया गया था, उसमें पनडुब्बी समझौते और जेट इंजन विकास समझौते से जुड़ी जानकारियां थीं. हालांकि दोनों नेताओं की वार्ता के बाद जारी साझा बयान से ये संदर्भ हटा लिए गए थे.

सूत्रों ने अख़बार को बताया है कि सौदों को अंतिम रूप ना दिए जाने की वजह से ऐसा हुआ है.

अध्यादेश का कांग्रेस करेगी विरोध, विपक्ष की बैठक में शामिल होगी आप

कांग्रेस ने रविवार को ये स्पष्ट कर दिया कि वो संसद में दिल्ली अध्यादेश का विरोध करेगी.

द टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ आम आदमी पार्टी 17-18 जुलाई को बैंगलुरु में हो रही विपक्षी दलों की बैठक में शामिल होगी.

आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के फ़ैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि वो बेंगलुरु में होने जा रही विपक्षी दलों की बैठक में शामिल होगी.

संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई को शुरू होगा और सरकार अध्यादेश की जगह संसद में विधेयक ला सकती है.

कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा है कि पार्टी का पक्ष बिलकुल स्पष्ट है, हम संघवाद पर चोट करने वाले हर प्रयास का विरोध करेंगे.

कांग्रेस के इस बयान के कुछ देर बाद ही आम आदमी पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति ने बैठक की और कांग्रेस के फ़ैसले का स्वागत करते हुए कहा कि पार्टी ने विपक्षी दलों की बैठक में शामिल होने का फ़ैसला लिया है.

कुछ दिन पहले ही दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने स्पष्ट कर दिया था कि कांग्रेस के आर्डिनेंस का विरोध करने पर ही वो विपक्ष की बैठक में शामिल होंगे.

अलोकप्रीय उम्मीदवारों को टिकट नहीं मिलेगाः शिवराज सिंह चौहान

द हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि अलोकप्रिय उम्मीदवारों को टिकट नहीं दिए जाएंगे.

अख़बार से बात करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि उम्मीदवारों की सूची में बदलाव करके वो स्थानीय स्तर पर सरकार विरोधी लहर का सामना कर लेंगे.

शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि उनका चुनाव अभियान कल्याणकारी योजनाओं और विकास पर केंद्रित रहेगा.

लगभग 18 सालों से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “हर चुनाव एक चुनौती होता है, और हर बार स्थानीय स्तर पर कुछ ना कुछ सरकार विरोध होता ही है, इसका समाधान ये है कि जिन लोगों के ख़िलाफ़ बहुत ज्यादा जनभावना है, उन्हें हटा दिया जाए. उम्मीदवारों को ऐसी ही नहीं हटा दिया जाएगा बल्कि समीक्षा के बाद ऐसा होगा.”

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि वो अपने काम के ज़रिये किसी भी स्तर के विरोध का सामना कर लेंगे.

शिवराज सिंह चौहान ने अख़बार के साथ बातचीत में अपनी सरकार की कई योजनाओं का ज़िक्र करते हुए कहा कि लाडली लक्ष्मी जैसी योजनाएं कामयाब रही हैं.

मध्य प्रदेश में इसी साल चुनाव होने हैं. भारतीय जनता पार्टी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार को विपक्षी कांग्रेस चुनौती दे रही है.

1.40 लाख करोड़ पार कर उच्चस्तर पर पहुंचा क्रेडिट कार्ड से ख़र्च

द टेलीग्राफ़ की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में मई में लोगों ने क्रेडिट कार्डों का इस्तेमाल कर 1.40 लाख करोड़ से अधिक रुपये ख़र्च किए.

आरबीआई के डाटा के मुताबिक़ ये आंकड़ा अब तक का सर्वोच्च रहा है.

क्रेडिट कार्डों पर कुल ख़र्च या कुल बकाया राशि में हर महीने 5 फ़ीसदी की बढ़ोतरी हो रही है. इसी के साथ इस्तेमाल किए जा रहे कार्डों की संख्या में भी जनवरी के बाद से 50 लाख का इज़ाफ़ा हुआ है. इस समय देश में 8.74 करोड़ क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल किए जा रहे हैं.

नए क्रेडिट कार्डों में से बीस लाख का इस्तेमाल इस वित्तीय वर्ष के पहले दो महीनों में ही कर लिया गया.

वित्तीय वर्ष 2022-23 में क्रेडिट कार्ड ख़र्च 1.1 सले 1.2 लाख करोड़ रुपये के बीच था. लेकिन इस साल इसमें बढ़ोतरी हो रही है. यानी लोग क्रेडिट कार्डों के ज़रिये अधिक ख़र्च कर रहे हैं.

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