इस साल का सूर्य ग्रहण कब है और इसे कैसे देख सकते हैं?

आंशिक सूर्य ग्रहण

इमेज स्रोत, Nasa/Bill Ingalls (2021)

इमेज कैप्शन, आंशिक सूर्य ग्रहण के दौरान सूरज एक चमकीली अर्ध-चंद्राकार आकृति जैसा दिखता है
    • Author, डेज़ी स्टीफेंस
    • पदनाम, बीबीसी वर्ल्ड सर्विस
  • प्रकाशित
  • पढ़ने का समय: 6 मिनट

अगले बुधवार यानी 12 अगस्त को दुनिया के कुछ हिस्सों में सूर्य ग्रहण दिखाई देगा. कुछ क्षेत्रों में यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, जबकि कुछ जगहों पर आंशिक ग्रहण दिखाई देगा.

अगर आप इसे सीधे न भी देख पाएं, तब भी दुनिया भर से इसकी शानदार तस्वीरें देखने के लिए तैयार रहिए.

यह खगोलीय घटना तब होती है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच से गुजरता है और सूर्य की आंशिक या पूरी रोशनी को पृथ्वी तक पहुंचने से रोक देता है.

सूर्य ग्रहण कई प्रकार के होते हैं. आपको कौन-सा ग्रहण दिखाई देगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप दुनिया में कहां हैं और उस समय चंद्रमा पृथ्वी से कितनी दूरी पर है.

सूर्य ग्रहण कब लगता है?

सूर्यग्रहण

इमेज स्रोत, Space Frontiers/Hulton Archive/Getty Images (left); Rebecca Harding/Getty Images (right)

इमेज कैप्शन, पूर्ण सूर्य ग्रहण (बाईं ओर) में कभी-कभी सूर्य का सबसे बाहरी वायुमंडल दिखाई देता है, जबकि वलयाकार सूर्य ग्रहण (दाईं ओर) में सूर्य की चमकदार डिस्क देखी जा सकती है

पूर्ण सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी एक सीध में आ जाते हैं और चंद्रमा सूर्य की पूरी गोलाकार सतह को ढक देता है.

इससे आसमान में वैसा अंधेरा हो जाता है जैसा सुबह होने से पहले या शाम ढलते समय होता है.

यह दृश्य तभी दिखाई देता है जब आप चंद्रमा की गहरी छाया वाले हिस्से, जिसे 'अंब्रा' कहा जाता है, के दायरे में हों.

कभी-कभी ग्रहण लगे सूर्य के चारों ओर एक चमकीला घेरा दिखाई देता है. यह सूर्य का सबसे बाहरी वायुमंडल होता है, जिसे 'कोरोना' कहा जाता है. सामान्य तौर पर सूर्य की तेज चमक के कारण यह दिखाई नहीं देता.

अगर आप चंद्रमा की बाहरी छाया, जिसे 'पेनंब्रा' कहा जाता है, के भीतर हैं तो आपको आंशिक सूर्य ग्रहण दिखाई देगा.

इसमें चंद्रमा सूर्य के केवल एक हिस्से को ढकता है और सूर्य अर्धचंद्राकार जैसा दिखाई देने लगता है.

पूर्ण सूर्य ग्रहण

वलयाकार सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा सूर्य के सामने होता है, लेकिन वह पृथ्वी से इतनी दूर होता है कि सूर्य को पूरी तरह नहीं ढक पाता.

चंद्रमा की कक्षा अंडाकार होती है, यानी वह पूरी तरह गोल नहीं है. जब चंद्रमा पृथ्वी से अपनी सबसे अधिक दूरी के पास होते हुए सूर्य के सामने आता है, तो वह हमें तुलनात्कमक रूप से छोटा दिखाई देता है.

इस तरह के ग्रहण में चंद्रमा के चारों ओर सूर्य की चमकीली गोलाकार किनारी दिखाई देती रहती है.

ये सभी प्रकार के सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण से अलग होते हैं.

चंद्र ग्रहण में पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है.

अगला सूर्य ग्रहण कब और कहां दिखाई देगा?

सूर्य ग्रहण
इमेज कैप्शन, ग्लोब में दिखाया गया है कि अगस्त 2026 के ग्रहण के दौरान किन इलाक़ों में सूरज का 100%, 90%, 75%, 50%, 30% और 10% हिस्सा दिखाई देगा. एक लाल तीर पूरब की ओर बढ़ते हुए पूर्ण ग्रहण के रास्ते को दिखाता है

अगला सूर्य ग्रहण बुधवार, 12 अगस्त 2026 को होगा.

यह उत्तरी रूस, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन और पुर्तगाल के कुछ हिस्सों में पूर्ण सूर्य ग्रहण के रूप में दिखाई देगा.

नासा के अनुसार, पूर्ण ग्रहण (जब सूर्य पूरी तरह ढक जाता है) का चरण उत्तरी रूस के एक छोटे और दूरदराज़ इलाक़े में दोपहर के समय दिखाई देगा.

इसके बाद यह पृथ्वी पर पूर्व दिशा की ओर बढ़ते हुए स्थानीय समय के अनुसार, देर शाम स्पेन पहुंचेगा, ठीक सूर्यास्त से पहले.

यह पूर्ण ग्रहण बहुत कम समय का होगा और इसकी अवधि ढाई मिनट से भी कम रहेगी.

अमेरिका के उत्तरी हिस्सों, कनाडा, उत्तर-पश्चिमी अफ़्रीका और यूरोप के कई क्षेत्रों में आंशिक सूर्य ग्रहण दिखाई देगा. कुछ जगहों पर सूर्य का 90 प्रतिशत या उससे अधिक हिस्सा ढक जाएगा.

अफ़्रीका और मुख्यभूमि यूरोप के कुछ हिस्सों में यह और भी ख़ास होगा, क्योंकि वहां सूर्यास्त के समय ग्रहण दिखाई देगा.

यानी सूर्य डूबते समय भी आंशिक रूप से ग्रहण में रहेगा.

सूर्य ग्रहण को कैसे देखें?

पिनहोल प्रोजेक्टर बनाने के लिए आप छलनी या कार्ड के एक टुकड़े का इस्तेमाल कर सकते हैं जिसमें छोटा सा छेद हो।

इमेज स्रोत, Steve Russell/Toronto Star/Getty Images

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यह बहुत ज़रूरी है कि आप सूर्य ग्रहण को सीधे देखने की कोशिश न करें, चाहे आपने धूप का चश्मा ही क्यों न पहना हो.

साधारण सनग्लास आपकी आंखों को पर्याप्त सुरक्षा नहीं देते. ऐसा करने से आंख की रेटिना को स्थायी नुकसान हो सकता है.

सूर्य को केवल विशेष चश्मे पहनकर ही देखें. ये साधारण सनग्लास की तुलना में हजारों गुना अधिक गहरे होते हैं.

ऐसे चश्मे चुनें जो ISO 12312-2 अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुरूप हों.

नासा के अनुसार, कैमरे के लेंस, दूरबीन, बाइनॉक्युलर या किसी अन्य ऑप्टिकल उपकरण से सूर्य को न देखें, भले ही आपने ग्रहण चश्मा पहना हो.

सूर्य की केंद्रित किरणें फिल्टर को भेद सकती हैं और आंखों को नुकसान पहुंचा सकती हैं.

आप सूर्य की छाया या प्रक्षेपित तस्वीर से भी ग्रहण देख सकते हैं.

इसके लिए दो गत्तों का इस्तेमाल किया जा सकता है. सूर्य की ओर पीठ करके खड़े हों और दोनों गत्तों को अपने कंधों के ऊपर इस तरह पकड़ें कि एक गत्ता दूसरे के पीछे हो और सामने वाला गत्ता पीछे वाले पर छाया डाल रहा हो.

अगर सामने वाले गत्ते में एक छोटा छेद कर दें, तो सूर्य की किरणें उस छेद से होकर पीछे वाले गत्ते पर एक छोटे गोल प्रकाश के रूप में दिखाई देंगी.

सामने वाले गत्ते की जगह आप छलनी जैसी ऐसी चीज का भी इस्तेमाल कर सकते हैं जिसमें पहले से छोटे-छोटे छेद हों.

फिर आप देख पाएंगे कि ग्रहण के दौरान चंद्रमा धीरे-धीरे उस गोल रोशनी के हिस्से को ढकता जा रहा है.

और अगर मौसम खराब हो या आप किसी वजह से ग्रहण न देख पाएं, तो इसे इंटरनेट पर लाइव भी देखा जा सकेगा.

नासा समेत कई संस्थान इसका लाइव प्रसारण करेंगे.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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