वाराणसी: पांच साल के बच्चे के साथ हिंसा के आरोप में शिक्षिका समेत तीन पर एफ़आईआर

पुलिस थाना

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इमेज कैप्शन, प्ले स्कूल में पढ़ रहे बच्चे के साथ हुई घटना के बाद वाराणसी के लालपुर, पांडेयपुर पुलिस थाने में केस दर्ज कर लिया है
    • Author, प्रेरणा
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता
    • ........से, लखनऊ
  • प्रकाशित
  • पढ़ने का समय: 6 मिनट

चेतावनी: इस कहानी के कुछ ब्योरे आपको विचलित कर सकते हैं.

24 जुलाई की दोपहर क़रीब एक बजे जब एक बच्चा स्कूल से घर लौटा तो उसने अपनी मां से कहा कि उसके प्राइवेट पार्ट में दर्द हो रहा है. उसकी मां ने जब बच्चे के प्राइवेट पार्ट को देखा तो वहां जलने जैसे निशान दिखाई दिए थे.

बच्चे के पिता ने फ़ोन पर बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से बातचीत की. उन्होंने आरोप लगाया, "उनके पाँच वर्षीय बेटे ने उन्हें बताया कि उसकी स्कूल टीचर ने गर्म चाकू से उसके प्राइवेट पार्ट को जला दिया."

बच्चे के पिता की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज हो गई है. इस शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 24 जुलाई को बच्चे ने अपनी शिक्षिका से बाथरूम जाने की अनुमति माँगी, लेकिन उसे इसकी इजाज़त नहीं दी गई. इसके बाद बच्चे ने पैंट में ही पेशाब कर दिया.

इस मामले में बीबीसी ने भी फ़ोन के ज़रिए स्कूल प्रबंधन का पक्ष भी जानने की कोशिश की, लेकिन ख़बर लिखे जाने तक कोई जवाब नहीं मिला है.

बच्चे के पिता ने बीबीसी के साथ एक वीडियो भी साझा किया है. इस वीडियो में बच्चा घर में रखे एक चाकू की ओर इशारा करते हुए अपनी माँ को घटना के बारे में बताता है.

उन्होंने बच्चे की कुछ तस्वीरें भी साझा की हैं, जिनमें उसके प्राइवेट पार्ट पर घाव दिखाई पड़ते हैं. हालाँकि, बीबीसी इन तस्वीरों और वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका है.

बच्चे के पिता ने बीबीसी के साथ मेडिकल रिपोर्ट के कुछ पन्ने साझा किए हैं. इनमें दर्ज है कि बच्चे की जांच बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में हुई और मामले में प्लास्टिक सर्जरी समेत विशेषज्ञ विभागों से राय ली गई.

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मेडिकल रिकॉर्ड में प्राइवेट पार्ट में ब्लिस्टर्स यानी फफोलों का ज़िक्र है. हालाँकि, अभी आधिकारिक तौर पर मेडिकल रिपोर्ट जारी नहीं की गई है.

बच्चे के पिता का यह भी कहना है कि वे चाहते हैं कि यह मामला पॉक्सो (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) के तहत दर्ज हो.

बच्चे के पिता की शिकायत के आधार पर 25 जुलाई को वाराणसी के लालपुर-पांडेयपुर थाने में स्कूल की शिक्षिका, प्रिंसिपल और स्कूल प्रबंधक के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई है.

एक वीडियो में कुछ वकीलों के बीच खड़े पीड़ित बच्चे के पिता मीडिया से बातचीत करते हुए भावुक दिखाई देते हैं.

वीडियो में वह आरोप लगाते हैं, "मेरा बच्चा स्कूल से आया तो उसका प्राइवेट पार्ट जला हुआ मिला. उसने बताया कि उसकी टीचर ने उसके साथ ऐसा किया. हमने स्कूल की मैडम को फ़ोन किया, लेकिन उन्होंने फ़ोन नहीं उठाया."

देखते ही देखते मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया और कई लोगों ने इस पर प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी.

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है.

सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर उन्होंने लिखा, "ये एक बेहद गंभीर मामला है जिसका दर्दनाक और ख़ौफ़नाक असर उस बच्चे पर जीवनभर हो सकता है. शिक्षकों में इतनी समझ तो होनी चाहिए कि उन्हें बच्चों से हमदर्दी और इंसानियत से पेश आना चाहिए. इस पर तत्काल कार्रवाई हो."

बच्चे के पिता ने क्या कहा?

बच्चे के पिता एक वीडियो में स्थानीय मीडियाकर्मियों से बात करते हुए भावुक नज़र आते हैं.

उन्होंने बीबीसी से कहा, 24 जुलाई की दोपहर क़रीब एक बजे जब बच्चा स्कूल से घर लौटा तो उसने अपनी माँ से कहा कि उसके प्राइवेट पार्ट में दर्द हो रहा है.

"उसकी माँ ने जब बच्चे के प्राइवेट पार्ट को देखा तो वहां जलने जैसे निशान दिखाई दिए. उन्होंने उसी समय चोट की तस्वीर खींची और स्कूल से संपर्क करने की कोशिश की."

पिता का आरोप है कि शुरुआत में स्कूल की ओर से उनकी कॉल का जवाब नहीं दिया गया. बाद में स्कूल प्रशासन ने किसी भी तरह की घटना से इनकार किया और परिवार को स्कूल आकर बात करने के लिए कहा.

पिता के मुताबिक़, "शाम को जब वह घर लौटे तो बच्चे के प्राइवेट पार्ट में सूजन बढ़ चुकी थी. तब बच्चे से दोबारा पूछा कि उसके साथ क्या हुआ."

उनके अनुसार, "बच्चे ने बताया कि उसकी क्लास टीचर ने चाकू को गर्म करके उसके प्राइवेट पार्ट पर लगाया."

पिता का कहना है कि उन्होंने बच्चे का यह बयान वीडियो में रिकॉर्ड भी किया है. उनका आरोप है कि "बच्चा अब भी हर बार वही बात दोहराता है."

अगले दिन पीड़ित परिवार स्कूल पहुंचा.

पिता का आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं दिया और न ही स्कूल प्रबंधन से बात कराने की व्यवस्था की. जिसके बाद उन्होंने पुलिस में एफ़आईआर दर्ज कराई.

पिता के मुताबिक़, बच्चे का पहले पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया. बाद में पुलिस की ओर से उसे ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहाँ कई डॉक्टरों ने जाँच की.

पिता का आरोप है कि "डॉक्टरों ने चोट को जलने का निशान बताया." हालाँकि, इसकी आधिकारिक मेडिकल रिपोर्ट अभी नहीं आई है.

पिता का आरोप है कि मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है. हालाँकि, उनका कहना है कि पुलिस अधिकारियों ने उन्हें निष्पक्ष जाँच और कार्रवाई का भरोसा दिया है.

दर्ज हुई एफ़आईआर

बच्चे के पिता की शिकायत के आधार पर 25 जुलाई को वाराणसी के लालपुर-पांडेयपुर पुलिस थाने में शिक्षिका, प्रिंसिपल और स्कूल प्रबंधक के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई है.

इन तीनों के ख़िलाफ़ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 115(2), 118(1) और 351(2) के तहत मामला दर्ज़ किया गया है.

इनमें धारा 115(2) स्वेच्छा से चोट पहुँचाने से जुड़ी है. धारा 118(1) किसी ख़तरनाक हथियार या साधन से गंभीर चोट पहुँचाने या उसकी कोशिश से संबंधित है, जबकि धारा 351(2) आपराधिक धमकी से जुड़ा प्रावधान है.

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 24 जुलाई को बच्चे ने अपनी शिक्षिका से बाथरूम जाने की अनुमति माँगी, लेकिन उसे इसकी इजाज़त नहीं दी गई. इसके बाद बच्चे ने पैंट में ही पेशाब कर दिया.

एफ़आईआर के अनुसार, इस बात से नाराज़ होकर शिक्षिका बच्चे को पास के एक कमरे में ले गईं, जहाँ उन्होंने गैस पर चाकू गर्म किया और उसे बच्चे के प्राइवेट पार्ट से सटा दिया.

एफ़आईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि इसके बाद शिक्षिका ने बच्चे के साथ मारपीट की और उसे धमकी दी कि अगर उसने दोबारा ऐसी ग़लती की तो उसके साथ इससे भी बुरा व्यवहार किया जाएगा.

पुलिस का क्या कहना है?

एसीपी पुलिस कमिश्नरेट अपूर्व पांडेय

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इमेज कैप्शन, एसीपी पुलिस कमिश्नरेट अपूर्व पांडेय

मामले की जांच इंस्पेक्टर कमलेश कुमार यादव को सौंपी गई है.

एक वीडियो बयान में एसीपी पुलिस कमिश्नरेट अपूर्व पांडेय ने कहा है कि पुलिस ने सूचना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एफ़आईआर दर्ज कर ली है और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई भी शुरू की गई है. मेडिकल रिपोर्ट मिलते ही आगे की कार्रवाई भी की जाएगी.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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