You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
एफ़-15 मार गिराए जाने के बाद अमेरिकी पायलट ने ईरान में कैसे बिताए 48 घंटे
- Author, मैक्स मात्ज़ा
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
- प्रकाशित
- पढ़ने का समय: 5 मिनट
'एक समय मैंने ऊपर देखा, लेकिन वहां कोई पैराशूट नहीं था. वो मेरी ज़िंदगी का सबसे डरावना पल था.'
यह कहना है अमेरिकी वायुसेना के उन पायलट का, जिनका विमान ईरान के ऊपर मार गिराया गया था. पैराशूट ख़राब हो गया था और वो तेजी से नीचे गिर रहे थे.
इसके बाद उन्हें बचाने के लिए एक बेहद ख़तरनाक अभियान चलाया गया.
अमेरिकी के जिस पायलट ने सीबीएस न्यूज़ के कार्यक्रम '60 मिनट्स' को यह इंटरव्यू दिया. उसमें उनका असली नाम नहीं बताया गया.
यह कार्यक्रम रविवार को प्रसारित हुआ. अप्रैल में ईरान के ऊपर किए गए अमरीकी हमले में शामिल किसी पायलट ने पहली बार बताया कि उन्हें किन हालात से गुज़रना पड़ा था.
'ये कोई चमत्कार ही है'
सीबीएस के कार्यक्रम में पायलट की पहचान 'ब्रावो' नाम से कराई गई. इंटरव्यू में जो बातें बताई गईं वो रोंगटे खड़े कर देने वाली थीं.
विमान क्षतिग्रस्त होने के बाद उसमें सवार दोनों अमेरिकी वायुसैनिकों ने छलांग लगा दी थी. इसके बाद दोनों एक-दूसरे से अलग हो गए. अमेरिकी स्पेशल फ़ोर्स के बचाव के लिए पहुंचने तक उन्हें ईरानी सैनिकों से बचते हुए छिपना पड़ा.
बिना पैराशूट के नीचे गिरने को कैसे परिभाषित करेंगे, इस पर ब्रावो ने कहा, "इसे बिना किसी सहारे के नीचे गिरना कहना सही होगा."
उन्होंने कहा, "मेरा ध्यान इस बात पर नहीं था कि मैं कितनी तेज़ी से नीचे गिर रहा हूं. इसके बजाय मेरा पूरा ध्यान अपने सामने खड़ी मुश्किलों को दूर करने पर था. मैं पैराशूट को खोलने या उसके हिस्सों को खींचकर ढीला करने के लिए जो कर सकता था, कर रहा था."
ब्रावो ने अपने बचने को "चमत्कार" बताया. हालांकि, उनकी पीठ, कंधे और बांह की हड्डी टूट गई थी. जब वह ज़मीन से टकराए, तब उनकी रफ़्तार 70 से 100 मील प्रति घंटे यानी 113 से 161 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच थी.
मार गिराए गए विमान में सवार दूसरे अमेरिकी वायुसैनिक की पहचान 'अल्फ़ा' नाम से कराई गई. उन्होंने सीबीएस को इंटरव्यू देने से इनकार कर दिया.
चोटों के बावजूद पहाड़ी की चोटी तक पहुंचे
सीबीएस के मुताबिक़, दो सीटों वाले एफ-15ई विमान को कंधे से दागी गई मिसाइल से मार गिराया गया था. विमान की क़ीमत तीन करोड़ डॉलर यानी 2.2 करोड़ पाउंड थी, जबकि मिसाइल की क़ीमत क़रीब एक लाख डॉलर थी. सीबीएस अमेरिका में बीबीसी का पार्टनर नेटवर्क है.
ब्रावो ने बताया कि चोटों के बावजूद वह पैदल चले और चढ़ाई करते हुए एक ऊंची पहाड़ी की चोटी तक पहुंचे. पूरे रास्ते उन्हें डर था कि ईरानी सैनिक उन्हें पकड़ सकते हैं.
उस स्थिति में खुद को समझाते हुए उन्होंने खुद से कहा, "हिम्मत मत हारना, वरना ईरानी सैनिक तुम्हें पकड़ लेंगे और तुम ईरानी टीवी पर दिखोगे."
अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बताया कि अल्फ़ा को छह घंटे के भीतर बचा लिया गया था. इस अभियान के दौरान भीषण गोलीबारी हुई थी.
हेगसेथ ने कहा, "अंदर जाते समय भी लगातार गोलीबारी हुई और बाहर निकलते समय भी. लेकिन वे अल्फ़ा को बचाकर ले आए."
ब्रावो को दुश्मन के इलाक़े में 48 घंटे बिताने के बाद बचाया गया.
अमेरिका का दावा, उन्हें कई हेलिकॉप्टर खुद नष्ट करने पड़े
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के एडमिरल ब्रैड कूपर ने बताया कि अभियान के दौरान एक समय ईरान के भीतर 90 से ज़्यादा अमेरिकी सैनिक मौजूद थे. उन्होंने कहा कि 46 साल में यह पहली बार था, जब अमेरिकी सैनिक ईरान के भीतर अभियान चला रहे थे.
लेकिन सैनिकों को वहां से निकालने के लिए पहुंचे विमान और हेलिकॉप्टर रेगिस्तान की रेत में फंस गए. उन्हें नष्ट करना पड़ा. इसके बाद स्पेशल फ़ोर्स के सैनिकों को बचाव के लिए दूसरी टीम के आने का इंतज़ार करना पड़ा.
सीबीएस की रिपोर्ट के मुताबिक़, नष्ट किए गए दो अमेरिकी विमानों में से हर एक की क़ीमत क़रीब 10 करोड़ डॉलर थी. इसके अलावा कई 'लिटिल बर्ड' हेलिकॉप्टरों को भी नष्ट करना पड़ा, ताकि उनकी तकनीक ईरान के हाथ न लगे.
यह अभियान ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध शुरू होने के क़रीब पांच हफ़्ते बाद चलाया गया था. यह युद्ध अमेरिका और इसराइल ने शुरू किया था.
युद्ध अब सातवें महीने में पहुंच चुका है. नवंबर में अमेरिकी कांग्रेस के मध्यावधि चुनाव होने हैं और उनके प्रचार का समय नज़दीक आ रहा है. इस बीच, यह युद्ध अमेरिकी लोगों के बीच लगातार अलोकप्रिय होता जा रहा है.
लोगों की इस नाराज़गी की एक बड़ी वजह दुनिया भर में ऊर्जा की क़ीमतों में तेज़ बढ़ोतरी और इसका दूसरी चीज़ों पर पड़ने वाला असर है.
पिछले हफ़्ते अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि युद्ध कम से कम तीन नवंबर को चुनाव के दिन तक जारी रहेगा.
हमने इस लेख का अनुवाद करने में एआई की मदद ली है, जिसे मूल रूप से अंग्रेज़ी में लिखा गया था. बीबीसी के एक पत्रकार ने प्रकाशन से पहले इस अनुवाद की जांच की. हम एआई का उपयोग कैसे कर रहे हैं, इसके बारे में और जानें.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
BBC World Service के नए ऐप को डाउनलोड करें
BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट... सब एक जगह
कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.