डेमियन विलियम्स: 'खालिस्तानी नेता के ख़िलाफ़ साजिश' केस में अभियोग दायर करने वाले अमेरिकी अटॉर्नी

    • Author, दिलनवाज़ पाशा
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता
  • प्रकाशित

अमेरिका में एक सिख अलगाववादी नेता की हत्या की साज़िश रचने के आरोप में भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता के ख़िलाफ़ मुक़दमा शुरू हुआ है.

भारतीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक़ निशाने पर ‘सिख फॉर जस्टिस’ के संस्थापक गुरपतवंत सिंह पन्नू थे. ये संगठन भारत में प्रतिबंधित है और पन्नू भारत में घोषित 'आतंकवादी' हैं.

इस मुक़दमे ने भारत और अमेरिका के राजयनिक संबंधों को भी संवेदनशील कर दिया है.

रिपोर्टों के मुताबिक़ अमेरिका ने भारत को इस 'साज़िश' से अवगत कराया था और अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की थी. वहीं भारत का कहना है कि इस घटना की जांच के लिए समिति गठित कर दी गई है.

भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता के ख़िलाफ़ अमेरिकी अदालत में ये अभियोग अमेरिकी अभियोजक डेमियन विलियम्स ने दायर किया है.

42 वर्षीय डेमियन विलियम्स अमेरिका के संघीय अभियोजक हैं और ये मुक़दमा न्यूयॉर्क के डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में दायर किया गया है. विलियम्स को न्यूयॉर्क के साउथ डिस्ट्रिक्ट इलाक़े का सबसे ताक़तवर क़ानूनी अधिकारी माना जाता है.

अभियोग में एक भारतीय अधिकारी का भी ज़िक्र है जिसने कथित रूप से निखिल गुप्ता को गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की ‘सुपारी दी थी.’

हालांकि भारतीय अधिकारी का नाम अभियोग में नहीं है और भारत का कहना है कि इस 'मुक़दमे में किसी भारतीय अधिकारी को अभियुक्त नहीं बनाया गया है.'

सफ़ेदपोश लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई से मिली चर्चा

ये अभियोग दायर करने वाले अभियोजक डेमियन विलियम्स न्यूयॉर्क में चर्चित नाम हैं और कई हाई प्रोफ़ाइल अभियोग दायर कर चुके हैं.

डेमियन विलियम्स को साल 2021 में डिस्ट्रिक्ट ऑफ़ न्यूयॉर्क के लिए अटॉर्नी यानी अभियोजक नियुक्त किया गया था.

वो ‘सफ़ेदपोश’ लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाइयों से चर्चित हुए.

हाल ही में विलियम्स ने क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज एफ़टीएक्स के संस्थापक सैम बैंकमैन फ़्रॉयड के ख़िलाफ़ जांच की. ये जांच अमेरिका में मीडिया की सुर्ख़ियों में रही और विलियम्स की भी ख़ूब चर्चा हुई.

सैम पर सात आरोप तय किए गए थे. अभियोजन सभी सातों अपराधों में अभियुक्त का दोष साबित करने में कामयाब रहा. इसके लिए विलियम्स की ख़ूब तारीफ़ हुई.

इस मुक़दमे में कामयाबी हासिल करने के बाद विलियम्स ने कहा था, “जब मैं अमेरिका का अटॉर्नी बना था, तब मैंने वादा किया था कि हम अपने वित्तीय बाज़ार से भ्रष्टाचार को हटाने के लिए अथक प्रयास करेंगे. अथक प्रयास ऐसे ही होते हैं. ये केस बिजली की रफ़्तार से आगे बढ़ा. ये कोई संयोग नहीं था, हमने ऐसा तय किया था.”

“ये मुक़दमा हर उस ठग के लिए ये चेतावनी भी है कि वो क़ानून की पहुंच से दूर नहीं है. अगर वो समझते हैं कि उनके अपराध इतने जटिल हैं कि हम पकड़ नहीं पाएंगे, या वो इतने ताक़तवर हैं कि हम उन पर मुक़दमा नहीं चला पाएंगे, या वो ये समझते हैं कि वो इतने चालाक हैं कि पकड़े जाने पर भी बाहर निकलने का रास्ता निकाल लेंगे, तो वो ग़लत हैं.”

डेमियन विलियम्स ने हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी और येल लॉ स्कूल से पढ़ाई की है. उन्होंने हॉर्वर्ड से अर्थशास्त्र में स्नातक किया है. उन्होंने कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में मास्टर डिग्री हासिल की है.

क्रिप्टेकरैंसी क्षेत्र में सैम बैंकमैन के अलावा उन्होंने कई और लोगों पर कार्रवाइयां की.

उन्होंने एलेक्स मैशिंस्की पर भी कार्रवाई की. एलेक्स अब दिवालिया हो चुके क्रिप्टो प्लेटफॉर्म सेलेसिस के संस्थापक हैं. येल में छात्र रहते हुए वो द येल लॉ जर्नल के संपादक भी रहे.

विलियम्स को न्यूयॉर्क के साउथ डिस्ट्रिक्ट का सबसे ताक़तवर क़ानूनी अधिकारी माना जाता है. वो साउथ डिस्ट्रिक्ट की क़ानूनी टीम के 233 साल के इतिहास में इसका नेतृत्व करने वाले पहले काले व्यक्ति हैं.

450 लोगों की टीम के लीडर

विलियम्स का परिवार जमैका से 1970 के दशक में अमेरिका आया था. वो अटलांटा में पले-बढ़े. उनके माता पिता छात्र रहते हुए वॉशिंगटन की हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में मिले थे. उनके पिता मेडिसिन और मां नर्सिंग की पढ़ाई कर रहीं थीं.

अमेरिका के न्याय विभाग की वेबसाइट पर प्रकाशित जानकारी में विलियम्स के बारे में लिखा गया है, “अमेरिका के अटॉर्नी के रूप में, विलियम्स सभी संघीय अपराधों की जांच और अभियोजन और उन सभी नागरिक मामलों की मुक़दमों की निगरानी करते हैं जिनमें अमेरिका का हित है. वह लगभग 450 वकीलों, विशेष एजेंटों, पैरालीगल और अन्य सहायक पेशेवरों के कर्मचारियों की टीम का नेतृत्व करते हैं. विलियम्स अटॉर्नी जनरल की सलाहकार समिति (एजीएसी) के अध्यक्ष के रूप में भी काम करते हैं, जो अमेरिका के अटॉर्नी का एक चुनिंदा समूह है. यह समूह नीति, प्रक्रिया और प्रबंधन के मामलों पर अटॉर्नी जनरल को सलाह देता है.”

अमेरिकी पत्रिका न्यू रिपब्लिक मैग्ज़ीन के मुताबिक़ विलियम्स ने करियर की शुरुआत में ही राजनीतिक संबंध बनाए. उन्होंने 2004 में जॉन कैरी के चुनाव अभियान के दौरान फ़ील्ड ऑर्गेनाइज़र का काम किया. 2006 में हेरल्ड फ़ोर्ड जूनियर के अभियान के दौरान भी उन्होंने काम किया.

अभियोजक नियुक्त किए जाने के बाद विलियम्स ने न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए एक साक्षात्कार में कहा था, “मैं इस काम में आया क्योंकि मुझे गुंडे पसंद नहीं है. अगर आप कभी भी कुछ बुरा होते हुए देखते हैं तो आप उसे रोकने के लिए कुछ करने के लिए मजबूर हो जाते हैं.”

विलियम्स ने ये बात उस दौर को याद करते हुए कही थी जब क़रीब एक दशक पहले युवा अभियोजक के रूप में उन्होंने ड्रग तस्कर गैंग के ख़िलाफ़ काम किया था.

अभियोजक बनने के बाद उन्होंने साउथ डिस्ट्रिक्ट में संगठित अपराध और गैंगों में शामिल लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाइयों का भी ऐलान किया था.

न्यू यॉर्क टाइम्स के इंटरव्यू में विलियम्स ने कहा था, “मैं वास्तव में ये मानता हूं कि सुरक्षा एक नागरिक अधिकार है. सुरक्षित रहना और शांति में रहना एक आज़ादी है. मुझे लगता है कि सभी नागरिक अधिकारों की तरह, अगर आप सुरक्षा चाहते हैं तो आपको इसे लागू करना पड़ेगा.”

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