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कपड़ों पर सवाल, कुत्ते पर बहस: कृति सेनन का राखी विज्ञापन विवाद क्या है जिस पर राहुल गांधी भी बोले?
रक्षाबंधन से पहले एक ज्वेलरी ब्रांड का विज्ञापन सोशल मीडिया पर विवाद की वजह बन गया है.
विज्ञापन में अभिनेत्री कृति सेनन नज़र आ रही हैं. कुछ लोगों को उनके कपड़े पसंद नहीं आए, तो कुछ को यह बात खटकी कि उन्होंने अपने कुत्ते को राखी बांधी.
इस बहस में अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत की प्रतिक्रिया से मामले ने तूल पकड़ लिया.
उन्होंने विज्ञापन को जानबूझकर असहज करने वाला बताया.
दूसरी तरफ़ कृति सेनन ने जवाब दिया है कि "संस्कृति दिल में होती है, नेकलाइन में नहीं."
अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कृति सेनन का समर्थन किया है और कहा है कि महिलाओं को उनकी आज़ादी का इस्तेमाल करने के लिए ट्रोल करना बंद करें.
विज्ञापन में आख़िर है क्या?
क़रीब 35 सेकंड का ये विज्ञापन ज्वेलरी ब्रांड जीवा का है, जो 17 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया पर आया था.
इसमें कृति सेनन रक्षाबंधन मनाती दिखती हैं. उन्होंने सफ़ेद रंग का लहंगा और साथ में डीप-नेक ब्रालेट स्टाइल का ब्लाउज़ पहना है.
विज्ञापन में वो अपने भाई को राखी बांधती हैं और अपने पालतू कुत्ते को भी.
आपत्ति किस बात पर
सबसे बड़ी शिकायत कपड़ों को लेकर थी. कई यूज़र्स ने कहा कि त्योहार पर ऐसा पहनावा ठीक नहीं है.
एक यूज़र ने लिखा, "एक पवित्र त्योहार का मज़ाक उड़ाने की जानबूझकर कोशिश, अभिनेत्री कृति सेनन भी उतनी ही दोषी हैं."
एक और यूज़र ने लिखा, "ऐसे बेवकूफ़ी भरे विज्ञापन विरोध और ध्यान दिलाने के बावजूद बार-बार आते रहते हैं."
कुछ लोगों ने ये भी कहा कि विज्ञापन में तिलक और आरती जैसी चीज़ें नहीं दिखाई गईं.
कुत्ते को राखी बांधने वाले सीन पर भी सवाल उठे. कुछ लोगों ने ब्रांड के बहिष्कार की मांग तक कर दी.
दूसरा पक्ष भी सामने आया
लेकिन बहुत से लोग कृति सेनन के साथ भी खड़े नज़र आए. राहुल गांधी ने अभिनेत्री कृति सेनन का समर्थन करते हुए इंस्टाग्राम पर उनकी स्टोरी को शेयर किया है.
राहुल गांधी ने कहा है कि "एक महिला क्या पहनती है, क्या करती है और कहाँ जाती है - यह उसकी पसंद है. महिलाओं को उनकी आज़ादी का इस्तेमाल करने के लिए ट्रोल करना बंद करें."
लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कृति सेनन का समर्थन करते हुए अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में हैशटैग 'स्मैश द पेट्रियाकी' (पितृसत्ता को तोड़ो) का भी इस्तेमाल किया.
एक यूज़र ने लिखा, "क्या हम महिलाओं के कपड़ों पर पहरा देना बंद कर सकते हैं और यह दिखावा छोड़ सकते हैं कि हर बार मामला परंपरा का है?"
एक और यूज़र ने लिखा, ''समझ नहीं आता कृति के कपड़े नैतिकता का मुद्दा कैसे बन गए, ये एक विज्ञापन है, सबको थोड़ी सांस लेनी चाहिए.''
कंगना रनौत ने क्या कहा
इसी बहस के बीच कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर अपने लंबे विचार लिखे. उन्होंने न कृति सेनन का नाम लिया, न ब्रांड का, लेकिन इशारा साफ़ था.
उन्होंने लिखा, "महिला होने के लिए ये शानदार समय है, हमारी अलमारियां तरह-तरह के कपड़ों से भरी होती हैं, आज की महिला ग्लोबल महिला है, कॉकटेल ड्रेस से लेकर लहंगा-चोली तक, जींस से लेकर साड़ी तक, बिकिनी से लेकर सलवार-कमीज़ तक. हमारे पास इतने सारे विकल्प हैं, तो फिर आप अपने भाई को राखी बिकिनी या अंडरगारमेंट्स में क्यों बांधेंगी? आपके बाक़ी स्टाइलिंग विकल्प कहां गए?"
इसी पोस्ट में उन्होंने विज्ञापन को "जानबूझकर असहज" करने वाला बताया.
कृति सेनन ने विज्ञापन की सफ़ाई में क्या कहा?
कृति सेनन ने इस पूरे विवाद पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के ज़रिए जवाब दिया. उन्होंने कहा कि किसी महिला की संस्कृति के प्रति निष्ठा उसके कपड़ों से नहीं आंकी जानी चाहिए.
उन्होंने लिखा, "त्योहार की असली फ़ीलिंग आपके कपड़ों में नहीं, बल्कि उन परंपराओं में होती है जिन्हें आप दिल से मानते हैं. रक्षाबंधन सुरक्षा और प्यार का रिश्ता है. मेरी बहन और मैं एक-दूसरे को राखी बांधते हैं. हम एक-दूसरे की रक्षा करने का वादा करते हैं, एक-दूसरे की अच्छी सेहत, खुशी और लंबी उम्र की प्रार्थना करते हैं."
कुत्ते वाले सीन पर उन्होंने कहा, "हमारे लिए यह प्यार और प्रार्थना हमारे कुत्ते तक भी जाती है, क्योंकि वे भी हमारे परिवार का हिस्सा हैं."
उन्होंने लिखा, "आख़िर हम महिलाओं को ये बताना कब बंद करेंगे कि उन्हें क्या पहनना चाहिए? समय के साथ पारंपरिक फ़ैशन भी बदला है. लेकिन आज भी किसी महिला की संस्कृति के प्रति सम्मान को सिर्फ़ उसके कपड़ों से क्यों मापा जाता है? कल्चर और ट्रेडिशन उसके दिल में होते हैं, उसकी नेकलाइन में नहीं."
पहले कब-कब विज्ञापनों पर हुए विवाद
भारत में त्योहारों से जुड़े विज्ञापनों पर विवाद कोई नई बात नहीं है. पिछले कुछ सालों में कई बड़े ब्रांड इसी तरह के दबाव में अपने विज्ञापन वापस ले चुके हैं.
तनिष्क, 2020: ज्वेलरी ब्रांड तनिष्क ने अपने एकत्वम कैंपेन का 43 सेकंड का विज्ञापन 13 अक्तूबर 2020 को हटा लिया था. इसमें एक मुस्लिम परिवार अपनी हिंदू बहू की गोद भराई करता दिखता है. एक्स पर हैशटैग बॉयकॉट तनिष्क ट्रेंड हुआ और आरोप लगे कि विज्ञापन कथित "लव जिहाद" को बढ़ावा देता है.
सर्फ़ एक्सेल, 2019: होली के विज्ञापन में एक लड़की अपने मुस्लिम दोस्त को रंगों से बचाकर मस्जिद तक पहुंचाती है और नमाज़ के बाद दोनों साथ होली खेलने का वादा करते हैं. इस पर हैशटैग बॉयकॉट सर्फ़ एक्सेल ट्रेंड हुआ और विज्ञापन को हिंदू-विरोधी कहा गया. हालांकि यह विज्ञापन वापस नहीं लिया गया.
फ़ैबइंडिया, 2021: कपड़ा ब्रांड फ़ैबइंडिया ने जश्न-ए-रिवाज़ नाम का फ़ेस्टिव कलेक्शन लॉन्च किया. उर्दू नाम पर आपत्ति उठी और हैशटैग दिवाली इज़ नॉट जश्न ए रिवाज़ ट्रेंड हुआ.
डाबर 2021: करवा चौथ के विज्ञापन में दो महिलाएं एक-दूसरे के लिए व्रत रखती दिखीं. मध्य प्रदेश के तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने 25 अक्तूबर 2021 को इस पर कार्रवाई की चेतावनी दी. अगले दिन कंपनी ने विज्ञापन हटा लिया और कहा, "हम अनजाने में लोगों की भावनाएं आहत करने के लिए बिना शर्त माफ़ी मांगते हैं''.
इन सभी मामलों में एक बात समान रही, विवाद सोशल मीडिया से शुरू हुआ, नेताओं की बयानबाज़ी हुई और कई मौक़ों पर ब्रांड ने विज्ञापन वापस ले लिया. कृति सेनन के मामले में फ़िलहाल ब्रांड चुप है और विज्ञापन को लेकर बहस जारी है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
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