संविधान जेब में लेकर घूमने वालों ने मुस्लिम महिलाओं को मुसीबत में जीने को मजबूर कर दिया: प्रधानमंत्री

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान बोलते हुए विपक्षी दलों, ख़ासकर कांग्रेस और राहुल गांधी पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा.

उन्होंने एनडीए शासन काल में लाए गए तीन तलाक़ क़ानून का ज़िक्र करते हुए कहा, "हमारा संविधान हमें भेदभाव करने की इजाज़त नहीं देता है. जो लोग संविधान को जेब में लेकर जीते हैं उन्हें पता नहीं है कि आपने मुस्लिम महिलाओं को कैसी मुसीबत में जीने को मजबूर कर दिया. हमने ट्रिपल तलाक़ का ख़ात्मा करके संविधान की भावनाओं के अनुरूप मुस्लिम बेटियों को हक़ देने का काम किया है."

उन्होंने अपने शासनकाल के दौरान लाई गई कई योजनाओं का भी ज़िक्र करते हुए दावा किया कि इस दौरान वंचित वर्ग और समाज के आख़िरी पायदान में बैठी महिलाओं को उनका हक़ मिला.

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कल सदन में चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने संविधान की किताब दिखाकर कहा कि 2024 के चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी लगातार दावे कर रही थी कि वो 400 से ज़्यादा सीटें जीतेगी और संविधान बदल देगी. लेकिन ऐसा नहीं हुआ

राहुल गांधी ने कहा, हमने नरेंद्र मोदी जी को मजबूर कर दिया कि वो संविधान के आगे सर झुकाएं.

उन्होंने कहा था, "ये पूरी कांग्रेस पार्टी के लिए गर्व का विषय था जब चुनाव नतीजों के बाद लोकसभा में आकर प्रधानमंत्री ने संविधान के सामने झुके."

राहुल के उसी बयान की ओर इशारा करते हुए मंगलवार को प्रधानमंत्री ने ये बात कही थी.

'अर्बन नक्सल की भाषा बोल रहे हैं कुछ लोग'

इसके अलावा उन्होंने कहा, "आजकल कुछ लोग अर्बन नक्सल की भाषा खुलेआम बोल रहे हैं. ये अर्बन नक्सल की भाषा बोलने वाले, इंडियन स्टेट के ख़िलाफ़ लड़ाई की घोषणा करने वाले, न संविधान को समझ सकते हैं और न देश की एकता को समझ सकते हैं."

पीएम मोदी जब यह भाषण दे रहे थे तो वो विपक्ष की तरफ से शोर भी हो रहा था और मोदी उसी तरफ देख रहे थे.

पीएम ने कहा सात दशक तक जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को संविधान के अधिकारों से वंचित रखा गया. अनुच्छेद 370 ख़त्म करने के बाद उन्हें यह अधिकार मिल रहा है.

कांग्रेस पार्टी पिछले साल हुए लोकसभा चुनाव के दौरान से ही संविधान के मुद्दे को उठा रही है और आरोप लगाती है कि मौजूदा केंद्र सरकार संविधान को ख़त्म करने की कोशिश कर रही है.

नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस का नाम लिए बगैर कहा कि, क्या एक ही समय में संसद में एससी या एसटी वर्ग के एक ही परिवार के तीन सांसद हुए हैं?"

मौजूदा समय में कांग्रेस के राहुल गांधी और प्रियंका गांधी लोकसभा सांसद हैं, जबकि सोनिया गांधी राज्यसभा की सांसद हैं.

हलांकि एससी वर्ग से एक ही परिवार के तीन सांसद एक ही समय में लोकसभा में चुनकर आ चुके हैं.

साल 2014 में राम विलास पासवान, उनके भाई रामचंद्र पासवान और उनके बेटे चिराग पासवान सांसद के रूप में चुनकर संसद में आए थे.

साथ ही 2019 में रामचंद्र पासवान, उनके भाई पशुपति पारस और भतीजे चिराग पासवान संसद में चुनकर आए थे.

पीएम मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण में गिनाई गई केंद्र सरकार की उपलब्धियों का ज़िक्र किया और दावा किया कि मौजूदा सरकार ने भ्रष्टाचार मुक्त शासन दिया है.

'बुखार चढ़ने पर लोग ज़्यादा बोलते हैं'

पीएम मोदी ने बिना किसी का नाम लेते हुए कहा, "भारत के एक पूर्व प्रधानमंत्री को मिस्टर क्लीन कहने का फ़ैशन चलता था. उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि हम 1 रुपया भेजते हैं तो जनता के पास 15 पैसे पहुंचते हैं."

पीएम मोदी ने अपने भाषण में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया और दावा किया कि उनकी सरकार ने 40 लाख करोड़ रुपये सीधे लोगों के खाते में पहुंचाया है.

इस दौरान विपक्ष की तरफ से उन्हें टोकने की कोशिश गई. विपक्ष की तरफ से हो रहे शोर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी नाराज़ नज़र आए और विपक्षी सांसदों को रोकने की कोशिश करते हुए दिखे.

इसी दौरान पीएम मोदी ने कहा, "जब लोगों को बुखार चढ़ जाता है तो वो ज़्यादा बोलते हैं. लोग हताशा और निराशा में भी ज़्यादा बोलते हैं."

उन्होंने सोनिया गांधी और राहुल गांधी की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर की गई टिप्पणी का ज़िक्र करते हुए कहा, " आप हमारी महिला राष्ट्पति जी, एक ग़रीब परिवार की बेटी का सम्मान नहीं कर सकते आपकी मर्ज़ी लेकिन क्या क्या कह कर अपमानित किया जा रहा है. मैं हताशा, निराशा समझ सकता हूं. लेकिन एक राष्ट्रपति के ख़िलाफ़ बयानबाज़ी की क्या वजह हो सकती है.

संसद के बाहर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने पत्रकारों से कहा, "प्रधानमंत्री जी के भाषण को सुनकर पता लग रहा है कि वो जनता से, जनता के मुद्दों से पूरी तरह से कट चुके हैं."

सोमवार को क्या बोले थे राहुल?

इससे पहले राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान कल कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चीन की कथित घुसपैठ से लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर के दौरे समेत कई मुद्दों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए थे.

उन्होंने कहा था कि भारतीय सेना ने लद्दाख में चीनी सेना की घुसपैठ के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दावों का खंडन किया है.

उन्होंने दावा किया था,कि "चीन भारत की 4000 वर्ग किलोमीटर जमीन पर बैठा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे खारिज कर दिया. वहीं सेना ने पीएम मोदी की बात से असहमति जताई है.''

इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, "आप जो बोल रहे हैं उसका सबूत आपको सदन में पेश करना होगा."

राहुल गांधी ने इस भाषण के दौरान कहा, "अगर हमारे देश में अच्छा प्रोडक्शन सिस्टम होता तो विदेश मंत्री को अमेरिका जाकर अमेरिकी राष्ट्रपति की ताजपोशी में हमारे प्रधानमंत्री को शामिल कराने के लिए अनुरोध नहीं करना पड़ता."

राहुल गांधी के इस बयान के साथ ही सदन में सत्ता पक्ष के सांसदों की तरफ से ज़ोरदार विरोध शुरु हो गया. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष बिना किसी प्रमाण के ऐसा बयान नहीं दे सकते.

रिजिजू ने कहा, "यह दो देशों के संबंधों से जुड़ा हुआ मुद्दा है. नेता प्रतिपक्ष को इस तरह की बयानबाज़ी नहीं करनी चाहिए, यहां गंभीर विषय पर चर्चा चल रही है."

जिस दौरान राहुल गांधी भाषण दे रहे थे, उस दौरान प्रधानमंत्री मोदी भी लोकसभा में मौजूद थे और उनके पीछे मौजूद सत्ता पक्ष के सांसदों ने राहुल गांधी के इस बयान का जमकर विरोध किया.

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी बाद में राहुल के बयान को झूठा बताया था

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित

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