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अंतरधार्मिक प्रेम में अंकित सक्सेना की हत्या केस में तीन को मिली उम्र क़ैद, अंकित की माँ फ़ैसले पर क्या बोलीं- प्रेस रिव्यू
दिल्ली के अंकित सक्सेना मर्डर केस में अब तीन दोषियों को उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई गई है.
साल 2018 में 23 साल के फ़ोटोग्राफर अंकित सक्सेना की अंतरधार्मिक प्रेम करने पर हत्या कर दी गई थी.
द हिंदू अख़बार ने इसी पर विस्तार से रिपोर्ट की है.
द हिंदू के मुताबिक़, कोर्ट ने कहा है कि दोषियों को मौत की सज़ा नहीं सुनाई गई है क्योंकि दोषी अकबर अली, शहनाज़ बेगम और मोहम्मद सलीम के सुधरने की गुंजाइश हैं.
अकबर, शहनाज़ और सलीम ने एक फ़रवरी 2018 को दिल्ली के रघुबीर नगर में अंकित सक्सेना की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी थी.
अभियोजन पक्ष ने दोषियों के लिए मौत की सज़ा की मांग की थी.
अदालत ने क्या कहा
द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक़, एडिशनल सेशन जज सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि मौत की सज़ा सिर्फ़ 'अति जघन्य' मामलों में दी जा सकती है.
अदालत ने कहा, ''हत्या को अंजाम देते वक़्त तीनों दोषियों का अतीत में कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था. न ही ये लोग किसी तरह का आपराधिक झुकाव, ड्रग या किसी दूसरी तरह की लत के रिकॉर्ड वाले थे. इस घटना से पहले ये लोग अपने परिवार के साथ समाज में रह रहे थे.''
अदालत ने ये भी कहा कि ये तीनों लोग बीते छह सालों से न्यायिक हिरासत में थे.
जज शर्मा ने कहा, ''गंभीर परिस्थितियों, उम्र, लिंग, सामाजिक पृष्ठभूमि, पिछला रिकॉर्ड और हिरासत में गुज़रे वक़्त के साथ-साथ पारिवारिक ज़िम्मेदारियों को देखा जाता है. अदालत की राय है कि इस मामले में मौत की सज़ा नहीं दी जानी चाहिए.''
अदालत ने उम्र क़ैद के साथ हर दोषी से अंकित सक्सेना की मां को 50-50 हज़ार रुपये देने के लिए भी कहा है.
अंकित सक्सेना की मां फैसले पर क्या बोलीं
द हिंदू अख़बार ने अंकित सक्सेना के परिवार से बात की है.
कमलेश सक्सेना ने अपने बेटे अंकित को छह साल पहले खोया था. अब जब अदालत का फ़ैसला आया है तब उन्होंने कहा, ''उन्हें मेरे बेटे से दिक़्क़त थी तो मुझसे बात करनी चाहिए थी. उन लोगों ने मुझसे बात क्यों नहीं की, उन लोगों ने मेरे बेटे को क्यों मारा?''
अंकित की प्रेमिका मुस्लिम लड़की थी और उसके परिवार वाले इस रिश्ते के ख़िलाफ़ थे.
पुलिस के मुताबिक़, मां-बाप से बहस करने के बाद लड़की घर से बाहर निकली और गेट को बाहर से बंद कर दिया. कहा जाता है कि लड़की ने अंकित को फ़ोन करके मिलने के लिए कहा.
पुलिस ने बताया- जब लड़की के मां-बाप किसी तरह से घर से बाहर निकले तो उन्होंने सोचा कि लड़की अंकित के पास होगी. फिर ये लोग अंकित के घर की तरफ़ निकल पड़े. तभी इन लोगों को अंकित बाइक पर दिखा.
पुलिस के मुताबिक़ लड़की के पिता ने अंकित की गर्दन पर चाकू से वार किया. फिर बाक़ी लोगों ने भी अंकित पर हमला बोला.
पुलिस के मुताबिक़, जब अंकित की मां ने अपने बेटे को बचाने की कोशिश की तो उनको भी पीटा गया. घटना के वक़्त अंकित के पिता घर पर नहीं थे.
अंकित की मां अपने बेटे को ऑटो रिक्शा में अस्पताल ले गईं.
कमलेश सक्सेना ने द हिन्दू से कहा, ''मुझे उसके अंतिम शब्द अब भी याद हैं. वो लोग जब अंकित को मार रहे थे तब वो कह रहा था कि मुझे नहीं पता कि वो (लड़की) कहाँ है.''
कमलेश सक्सेना की ज़िंदगी में दुख यहीं नहीं रुके.
साल 2021 में जब कोरोना आया था, तब अंकित के पिता की मौत हो गई थी.
जून 2018 में बेटे अंकित को याद करते हुए पिता यशपाल सक्सेना ने इफ़्तार पार्टी का आयोजन किया था.
अब कमलेश का ख़र्च विधवा पेंशन के तहत मिलने वाले 2500 रुपये से चल रहा है.
कमलेश कहती हैं, ''बीते छह सालों में मैंने कोई फ़र्क़ नहीं पाया है. समाज में बहुत नफरत है. अकेले रहना डराता है.''
अंकित और उनकी दोस्त का परिवार आस पड़ोस में रहता था. कमलेश कहती हैं, उस लड़की का परिवार हमारे परिवार की तरह था, मैं कभी सोच भी नहीं सकती थी कि वो ऐसा कुछ करेंगे.
कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की पहली बैठक
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक़, लोकसभा चुनाव 2024 के मद्देनजर कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की पहली बैठक में 60 नामों पर सहमति बन गई है.
इस बैठक में केरल के वायनाड से राहुल गांधी को टिकट दिए जाने को मंज़ूरी दी गई है.
हालांकि पार्टी नेताओं ने कहा है कि अंतिम निर्णय राहुल गांधी को लेना है.
अख़बार से सूत्रों ने बताया है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी की मौजूदगी वाली बैठक में तय किया गया है कि पूर्व सीएम भूपेश बघेल को राजनंदगांव सीट से टिकट दी जाएगी. वहीं ज्योत्सना महंत को छत्तीसगढ़ के कोरबा से टिकट देने की बात कही गई है.
सूत्रों ने अख़बार से कहा कि इन नामों का एलान एक से दो दिन में कर दिया जाएगा.
ये भी पता चला है कि इस बैठक में चांदनी चौक, नॉर्थ वेस्ट और नॉर्थ ईस्ट दिल्ली से किसी उम्मीदवार के नाम पर सहमति नहीं बनी है.
जिन 10 राज्यों के उम्मीदवारों के नाम तक किए गए हैं, उनमें केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, दिल्ली और छत्तीसगढ़ शामिल हैं.
केरल कांग्रेस के नेताओं ने कहा है कि शशि थरूर जैसे कई सांसदों को फिर से टिकट दिया जाएगा.
बेंगलुरु कैफे में धमाका: क्या नई जानकारी पता चली
हिंदुस्तान टाइम्स की ख़बर के मुताबिक़, एक मार्च को बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे में हुए ब्लास्ट में सीसीटीवी फुटेज की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए कर रही है.
इस फुटेज की जांच से पता चलता है कि धमाके के संदिग्ध ने कैफे में आईईडी रखने के बाद शायद कपड़े बदले थे और कर्नाटक के तुमाकुरु के लिए बस पकड़ी थी.
बताया गया है कि बम रखने वाले ने कैफे तक पहुंचने के लिए कई बसें बदली थीं.
एक अधिकारी ने पहचान छिपाए रखने की शर्त के साथ कहा, ''नए वीडियो में संदिग्ध बैग के साथ दिख रहा है. उसने फुल शर्ट पहनी हुई है. टोपी और मास्क लगाया हुआ है. जब संदिग्ध को बस में कैमरे का अहसास हुआ तो वो ऐसी जगह बढ़ा जहां से कैमरे की नज़र से बचा जा सके.''
इस कैफे में हुए धमाके में नौ लोग घायल हुए थे.
धमाका करने वाले संदिग्ध की जानकारी देने वाले को एनआईए ने 10 लाख रुपये की राशि देने का एलान किया है.
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