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चीनी कंपनी बनाएगी भारत को नेपाल से जोड़ने वाली सड़क: प्रेस रिव्यू
नेपाल की सेना ने भारत और नेपाल को जोड़ने वाला एक्सप्रेस वे बनाने का ठेका एक चीनी कंपनी को दे दिया है. इसके बाद नेपाल पर भारतीय कंपनी को दरकिनार करने का आरोप लगाया जा रहा है.
इकोनॉमिक्स टाइम्स में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, नेपाल की सेना ने बीते 11 नवंबर को काठमांडू-तराई-मधेश एक्सप्रेसवे बनाने का ठेका चीनी कंपनी ‘चाइना फर्स्ट हाइवे इंजीनियरिंग’ को दिया है.
ये फ़ैसला नेपाल में आम चुनाव शुरू होने से ठीक दस दिन पहले सामने आया है. इससे पहले इसी कंपनी के आवेदन को ख़ारिज कर दिया गया था.
लेकिन इसके बाद किसी तरह इस कंपनी को एक्सप्रेसवे का ठेका मिल गया. जबकि कंपनी के पास ये प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए आवश्यक तकनीकी विशेषज्ञता नहीं है.
इस मामले से अवगत लोगों ने अख़बार को ये जानकारी दी है. इसके बाद उन कंपनियों ने अदालत जाने का फ़ैसला किया है जिनके प्रस्ताव खारिज किए गए हैं.
भारत की एफ़कॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर ने भी इस प्रोजेक्ट के लिए आवेदन किया था. और इस मामले को नेपाली प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा के समक्ष ले जाया जा सकता है.
इस प्रोजेक्ट की बिडिंग प्रक्रिया में ज़रूरी पारदर्शिता नहीं बरते जाने और चीनी कंपनी को ठेका मिलने के बाद सवाल खड़े हुए हैं.
इस परियोजना का काम साल 2017 में शुरु हुआ था जिसे 2024 में पूरा होना है. अखबार के अनुसार चीनी कंपनी ने 18.786 अरब नेपाली रुपयों की बिड डाली थी. वहीं, भारतीय कंपनी ने 19.99 अरब रुपये की बिड डाली थी.
सत्येंद्र जैन को ख़ास सुविधाएं देने पर विवाद, तिहाड़ जेल निरीक्षक निलंबित
दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन को ख़ास सुविधाएं देने के मामले में तिहाड़ जेल निरीक्षक अजीत कुमार को निलंबित कर दिया गया है.
अंग्रेजी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, चीफ़ सेक्रेटरी नरेश कुमार ने सोमवार को इस आदेश पर हस्ताक्षर करके जेल निरीक्षक को निलंबित किया है.
इस आदेश में लिखा गया है कि जब तक ये निलंबन जारी रहता है तब तक अजीत कुमार का हेडक्वार्टर दिल्ली रहेगा और वह बिना इजाज़त के अपना मुख्यालय छोड़कर न जाएं.
सूत्रों के मुताबिक़, अजीत कुमार की ओर से कथित रूप से सत्येंद्र जैन को ख़ास सुविधाएं देने के साथ-साथ अनियमितताएं बरतने की वजह से ये आदेश जारी किया गया है.
बता दें कि सत्येंद्र जैन इससे पहले दिल्ली के गृह मंत्री थे जिनके विभाग के अंतर्गत कारावास भी आते थे.
प्रवर्तन निदेशालय ने जैन की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत को बताया है कि जैन ने जेल के अंदर अपनी शक्ति का दुरुपयोग करके ख़ास सुविधाएं हासिल कीं जिनमें ताजा कटे फलों से लेकर मसाज़ आदि शामिल है. इसके साथ ही उन्होंने अपनी सेल में अज्ञात लोगों के साथ बैठकें भी कीं.
प्रवर्तन निदेशालय सत्येंद्र जैन के ख़िलाफ़ मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले की जांच कर रहा है.
दुनिया की आबादी आज हो जाएगी आठ अरब
दुनिया की आबादी आज मंगलवार को आठ अरब के पार चली जाएगी.
हिंदी अख़बार अमर उजाला में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, साल 2030 तक पृथ्वी पर 850 करोड़, 2050 तक 970 करोड़ और 2100 तक 1040 करोड़ लोग हो सकते हैं.
ये जानकारी संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में सामने आई है.
इस रिपोर्ट में बताया गया है कि मानव की औसत उम्र भी आज 72.8 वर्ष हो चुकी है, यह 1990 के मुकाबले 2019 तक नौ साल बढ़ी है. और साल 2050 तक मनुष्य की औसत उम्र 77.2 वर्ष हो जाएगी. वहीं महिलाएं पुरुषों से औसतन 5.4 वर्ष अधिक जीती हैं. उनकी औसत उम्र 73.4 वर्ष और पुरुषों की 68.4 वर्ष आंकी गई है.
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मानव विकास में मील का पत्थर है. इस अभूतपूर्व वृद्धि के पीछे सार्वजनिक सेहत, पोषण, स्वच्छता और चिकित्सा में सुधार को अहम कारण माना जा रहा है.
वैश्विक जनसंख्या को 7 से 8 अरब तक बढ़ने में 12 साल लगे हैं, जबकि 2037 तक यह 9 अरब तक पहुंच जाएगी. इसके साथ ही वैश्विक जनसंख्या की समग्र वृद्धि दर धीमी हो रही है.
हालांकि, कई देशों में प्रजनन क्षमता में गिरावट आई है. जनसंख्या 1950 के बाद से सबसे धीमी दर से बढ़ रही है. वर्ष 2020 में एक प्रतिशत से भी कम हो गई है.
इसके साथ ही भारत चीन को पीछे छोड़कर साल 2023 तक सर्वाधिक आबादी वाला देश बन जाएगा. विश्व की आबादी 2080 के आसपास 1040 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है.
साल 2050 तक भारत, पाकिस्तान, कॉन्गो, मिस्र, इथियोपिया, नाइजीरिया, फिलीपींस और तंजानिया में विश्व की 50 प्रतिशत आबादी निवास कर रही होगी.
इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ मेट्रिक्स इवेल्यूएशन की रिपोर्ट के अनुसार 78 साल बाद भारत में टीएफआर 1.29 पर होगी, जो यूएन के आकलन 1.69 से कहीं कम है. भारत की आबादी साल साल 2100 में निर्धारित अनुमान से 43.3 करोड़ तक कम हो सकती है.
2010 से 2021 के दौरान 1.65 करोड़ पाकिस्तानियों ने अपना देश छोड़कर दूसरे देशों में प्रवास किया है. इसके बाद भारत से 35 लाख, बांग्लादेश से 29 लाख, नेपाल से 16 लाख और श्रीलंका से 10 लाख लोग दूसरे देश चले गए.
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