कश्मीरः सुरक्षाबलों की पूछताछ में बुलाए गए तीन लोगों की मौत, पुंछ में तनाव - प्रेस रिव्यू

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कश्मीर के पुंछ ज़िले में शुक्रवार को पूछताछ के लिए ले जाए गए आठ लोगों में से तीन की मौत के बाद अब इलाक़े में तनाव बढ़ गया है.
गुरुवार को पुंछ ज़िले में सेना के दो वाहनों पर घात लगाकर हमला हुआ जिसमें चार सैनिकों की मौत हो गई थी और दो लोग घायल हुए थे. इसी हमले के सिलसिले में पूछताछ के लिए शुक्रवार शाम को सुरक्षाबल आठ लोगों को अपने साथ लेकर गए थे.
द इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक ख़बर के अनुसार, इन आठ लोगों में से तीन लोगों की मौत टोपा पीर इलाक़े में रात को हो गई थी, जिसके बाद इलाक़े में तनाव है.
शनिवार रात जिनकी मौत हुई वो हैं- 48 साल के सफ़ीर अहमद और उन्हीं के गांव में रहने वाले उनके दो रिश्तेदार 28 साल के मोहम्मद शौकत और 25 साल के शबीर अहमद.
अख़बार लिखता है कि टोपा पीर इलाक़े में शनिवार को सफ़ीर अहमद की अंतिम क्रिया की गई जिसके बाद उनके भाई नूर अहमद ने कहा, "देश के लिए काम करने का हमें ये सिला मिला है."
नूर अहमद बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स में हेड कांस्टेबल हैं.
इन तीनों की अंतिम क्रिया पुंछ के बुफ़लियाज़ और राजौरी के डेरा की गली और थानामंडी इलाक़े में हुई जहां पहले से मोबाइल इंटरनेट पर पाबंदी लगा दी गई थी और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी.
जम्मू कश्मीर प्रशासन ने मौत के कारणों के बारे में कुछ नहीं कहा है लेकिन इस मामले में क़ानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है, साथ ही तीनों मृतकों के परिजनों के लिए मुआवज़े की घोषणा की है.
प्रदेश के सूचना और जनसंपर्क विभाग ने सोशल मीडिया पर कहा, "पुंछ के बुफ़लियाज़ में तीन लोगों की मौत की ख़बर है. इस मामले में मेडिको लीगल प्रक्रिया की गई है और अधिकारी क़ानूनी कार्रवाई कर रहे हैं. सरकार ने सभी मृतकों के परिजनों के लिए मुआवज़े की घोषणा की है, मृतकों के परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी भी दी जाएगी."

परिवारवालों ने लगाया ''टॉर्चर' का आरोप
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अख़बार लिखता है कि पांच और आम नागरिकों को राजौरी के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
नूर अहमद ने बताया है कि पुलिस के एक अधिकारी ने उन्हें फोन कर सफ़ीर की मौत के बारे में जानकारी दी थी.
वहीं मारे गए मोहम्मद शौकत के रिश्तेदार मोहम्मद इक़बाल कहते हैं, "पुलिस सवेरे 10 बजे शौकत को घर से ले कर गई थी, रात के दस बजे ख़बर मिलने के बाद जब हम बुफलियाज़ पहुंचे तो हमें उनका शव मिला."
कुछ गांववालों ने अख़बार को बताया है कि मृतकों के शरीर में टॉर्चर किए जाने के निशान थे. उन्होंने कहा कि जिन घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है उनके शरीर पर भी चोट के निशान हैं.
इसी से जुड़ी एक रिपोर्ट द हिंदू ने भी छापी है.
अख़बार लिखता है कि मृतक में से एक के रिश्तेदार ने कहा है कि तीनों को टॉर्चर किया गया और फिर परिवारों से कहा गया कि वो आर्मी कैंप में आकर शव ले जाएं.
अख़बार लिखता है कि इसका 29 सेकंड का एक क्लिप सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है जिसमें सेना के जवान तीनों के कपड़े उतार पर उन पर मिर्च पाउडर छिड़क रहे हैं.
अख़बार ने लिखा है कि मोहम्मद शौकत के कज़न जावेद अहमद कहते हैं कि वीडियो में दिखने वाले तीन लोगों में से एक उनके रिश्तेदार हैं जबकि दो अन्य टोपी पीर गांव से ही हैं.
सेना ने भी अपने सोशल मीडिया हैंडल पर कहा है कि इस इलाक़े में तीन आम नागरिकों की मौत की ख़बर मिली है, इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है.

तीखी प्रतिक्रिया
द इंडियन एक्सप्रेस में ही छपी एक और ख़बर में कहा गया है कि जम्म कश्मीर में इसे लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखी जा रही है.
पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने आरोप लगाया है कि तीन लोगों के शव उस जगह मिले, जहां एनकाउंटर हुआ था.
उन्होंने आरोप लगाया कि टोपा पीर गांव के 12 और लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
उन्होंने ये भी कहा कि राजौरी-पुंछ इलाक़े में आतंकवाद को कभी समर्थन नहीं मिला लेकिन बीते दो-तीन सालों में हम इस इलाक़े में आतंकवाद देख रहे हैं.
वहीं नेशनल कॉन्फ्रेंस के महासचिव अली मोहम्मद सागर ने श्रीनगर में एक विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया.
उन्होंने कहा, "मैं यहां के लोगों की तरफ से सरकार से गुज़ारिश करना चाहता हूं कि इसे लेकर वो पूरी जांच करें कि आम नागरिकों की मौत क्यों हो रही है."
खड़गे की चुनी टीम राहुल गांधी के लिए परेशानी का सबब बन सकती है?

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शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुए पार्टी में बड़ा बदलाव किया है.
जनसत्ता में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने 12 महासचिवों और 12 प्रभारियों को नियुक्त किया है.
उनकी टीम में यूपी से प्रिंयंका गांधी को हटाया गया है जबकि उनकी जगह अविनाश पांडे को लाया गया है. युवा नेता सचिन पायलट को छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाया है, वहीं रणदीप सुरजेवाला को कर्नाटक, मुकुल वासनिक को गुजरात की ज़िम्मेदारी दी गई है.
अख़बार लिखता है कि हैरानी की बात ये है कि इनमें से अधिकतर नेता अगड़ी जातियों से हैं जबकि केवल एक ओबीसी नेता हैं.
अख़बार लिखता है कि हाल में राहुल गांधी ओबीसी और पिछड़े वर्गों को लेकर पीएम पर तंज कसते दिखे हैं. वो कहते रहे हैं कि बीजेपी ओबीसी वर्ग के लोगों के अधिक मौक़े नहीं दे रही.
राहुल गांधी ने संसद में भी ये सवाल किया था कि मोदी की अधिकारियों वाली टीम में ओबीसी समाज से कितने लोग हैं.
अख़बार का कहना है कि इस टीम के गठन में मल्लिकार्जुन खड़गे की सोच का असर दिखता है जो कि राहुल गांधी की सोच से अलग है. जिस तरह कांग्रेस में ही इस वर्ग का प्रतिनिधित्व कम मिलता दिखता है, इससे राहुल के लिए राह मुश्किल हो सकती है.
चंद्रबाबू नायडू की 'एक मुलाक़ात' से वाईएसआर नेता नाराज़ क्यों?

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चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने तेलुगूदेशम पार्टी (टीडीपी) के एन चंद्रबाबू नायडू से शनिवार को मुलाक़ात की है जिसके बाद आंध्र प्रदेश की राजनीतिक गलियारों में पारा चढ़ने लगा है.
अख़बार द इकोनॉमिक टाइम्स में छपी इस ख़बर के अनुसार विजयवाड़ा में हुई इस मुलाक़ात को प्रशांत किशोर ने "औपचारिक मुलाक़ात" कहा है.
उन्होंने कहा, "मैंने चंद्रबाबू नायडू से कहा था कि मैं उनसे आकर मुलाक़ात करूंगा. ये एक औपचारिक मुलाक़ात थी जो पहले ही हो जानी चाहिए थी."
अख़बार के अनुसार उन्हें दोपहर के क़रीब तीन बजे टीडीपी के महासचिव लोकेश और तीन और लोगों के साथ विजयवाड़ा के गन्नावरम हवाई अड्डे पर देखा गया था.
इसके बाद वाईएसआर पार्टी के नेता और प्रदेश के सिंचाई मंत्री ए रामबाबू ने इस मुलाक़ात पर तंज कसते हुए लिखा, "जब इमारत बनाने का सामान ही ख़राब हो तो मिस्त्री भला क्या कर लेगा?"
उद्योग मंत्री जी अमरनाथ ने भी टीडीपी पर तंज कसा कि जिस पर पार्टी ने गंभीर आरोप लगाए उसी के साथ अब वो बात कर रहे हैं.
वहीं हाउसिंग मंत्री जोगी रमेश ने कहा कि प्रशांत किशोर और पवन कल्याण को शामिल करने से टीडीपी को कोई शानदार नतीजे नहीं मिलेंगे. उन्होंने कहा, "प्रदेश की जनता ने साल 2019 में चंद्रबाबू नाडू के बाहर का रास्ता दिखा दिया था, अब वो टीडीपी और पवन कल्याण की जनसेना को भी उखाड़ फेंकेंगे."
2019 में प्रशांत किशोर वाईएसआर कांग्रेस के साथ काम कर रहे थे. इस दौरान हुए लोकसभा चुनावों में पार्टी ने 25 में से 22 सीटें और विधानसभा चुनावों में 175 में से 151 सीटें हासिल की थीं.
एक होंगे जदयू और आरजेडी- बीजेपी नेता के दावे को लालू ने किया खारिज

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बिहार से भाजपा नेता गिरिराज सिंह ने जनता दल यूनाइटेड नेता लालू प्रसाद से बातचीत के बाद कई बड़े दावे किए हैं.
अख़बार दैनिक जागरण लिखता है कि उन्होंने कहा है कि लालू प्रसाद ने उनके कानों में ऐसी कई बातें फुसफुसाई हैं जिसके बारे में वो सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कह सकते.
हालांकि उन्होंने दावा किया कि जल्दी ही जदयू और नीतीश कुमार की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का विलय होने जा रहा है, इसलिए सीट बंटवारे का सवाल ही नहीं उठता.
अख़बार लिखता है कि हाल में दिल्ली से वापिस लौटते हुए गिरिराज सिंह और लालू प्रसाद एक ही विमान में सवार हुए थे. जहां लालू इंडिया गठबंधन की बैठक से लौट रहे थे, गिरिराज सिंह संसद सत्र में भाग लेने के बाद वापस आ रहा था.
पटना पहुंचने के बाद गिरिराज ने कहा कि लालू प्रसाद ने उनसे कहा है कि अब तेजस्वी यादव को बिहार का मुख्यमंत्री बनाने का समय आ गया है.
हालांकि गिरिराज के बयानों को लालू प्रसाद यादव ने ये कहते हुए सिरे से खारिज कर दिया कि गिरिराज सुर्खियों में आने के लिए अपमानजनक बयान देना पसंद करते हैं.
उन्होंने कहा कि उन्होंने अजीब बात कहीं क्योंकि ऐसा नहीं होता तो उन पर किसी ने भी ध्यान नहीं दिया होता.
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