सोमवार, 23 फ़रवरी, 2009 को 17:54 GMT तक के समाचार
ज़ी समूह के इंडियन क्रिकेट लीग (आईसीएल) और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के बीच चल रहे विवाद का कोई हल नहीं निकल पाया है.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने इस विवाद को सुलझाने की पहल की थी और बैठक बुलाई थी. जोहानेसबर्ग में हुई बैठक का कोई नतीजा नहीं निकल पाया.
आईसीसी ने एक बयान जारी करके कहा है कि अब आईसीएल का आवेदन आईसीसी की बोर्ड की बैठक में जाएगा, जो अप्रैल में होगी.
इस बैठक में अनाधिकृत क्रिकेट के रूप में आईसीएल को मान्यता देने के आवेदन पर विचार-विमर्श होगा. आईसीएल के मुद्दे पर बीसीसीआई ने शुरू से ही कड़ा रुख़ अपनाया हुआ है.
और तो और आईसीएल के मुक़ाबले में बीसीसीआई ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की भी शुरुआत की.
पाबंदी
बीसीसीआई ने आईसीएल में खेल रहे खिलाड़ियों पर पाबंदी लगा रखी है और अन्य देशों पर भी इसके लिए दबाव बनाया है. सोमवार को जोहानेसबर्ग में हुई बैठक तीन घंटे चली.
इस बैठक में आईसीसी के अध्यक्ष डेविड मॉर्गन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी हारून लॉरगेट, बीसीसीआई के महासचिव एन श्रीनिवासन, एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा और आईसीएल के बिजनेस प्रमुख हिमांशु मोदी शामिल हुए.
बैठक के बाद आईसीसी के अध्यक्ष डेविड मॉर्गन ने कहा, "मैं सभी पक्षों का आभार व्यक्त करता हूँ कि वे अच्छी मंशा से बैठक में आए थे. बैठक मित्रतापूर्ण माहौल में हुई. लेकिन दुर्भाग्य से कोई सहमति नहीं हो पाई."
उन्होंने बताया कि अब अप्रैल में आईसीसी बोर्ड की बैठक में आईसीएल के आवेदन पर विचार होगा.