http://www.bbcchindi.com

बुधवार, 11 फ़रवरी, 2009 को 11:19 GMT तक के समाचार

जयवर्धने ने कहा कप्तानी को अलविदा

श्रीलंका क्रिकेट टीम के कप्तान महेला जयवर्धने ने कप्तानी छोड़ने की घोषणा की है.

जयवर्धने पाकिस्तान में खेले जाने वाली टेस्ट मैचों की सिरीज़ के बाद अपनी ज़िम्मेदारियों से अलग होंगे. टेस्ट सिरीज़ की शुरूआत 22 फ़रवरी से हो रही है.

जयवर्धने वर्ष 2006 से कप्तान हैं. उन्होंने अपनी कप्तानी की इस अवधि में कुल 26 टेस्ट मैच खेले हैं जिसमें 15 मैचों में टीम को जीत दिलाई जबकि केवल सात में हार का सामना करना पड़ा.

लेकिन उनकी कप्तानी में वर्ष 2007 में श्रीलंका की टीम विश्व कप का फ़ाइनल मैच हार गई थी.

अपनी कप्तानी छोड़े की घोषणा पर उनका कहना था, "काफ़ी सोचने के बाद मैं इस नतीजे पर पहुँचा कि किसी दूसरे खिलाड़ी को कप्तानी की ज़िम्मेदारी सौंपने का समय आ गया है."

भारत से हार

ग़ौरतलब है कि पिछले महीने पाकिस्तान में खेली गई एक दिवसीय मैचों की सिरीज़ पर श्रीलंका ने कब्ज़ा जमा लिया था और श्रीलंका ने मेज़बान टीम से 2-1 से सिरीज़ जीता था.

लेकिन उनकी जीत के इस सफ़र को भारतीय टीम ने न सिर्फ़ रोक दिया बल्कि उन्हें अपमानजनक हार का सामना करना पड़ा.

श्रीलंका की ज़मीन पर हुई एकदिवसीय सिरीज़ में भारतीय टीम में मेज़बान टीम को 4-1 से हरा दिया.

वहीं एक टवेन्टी-टवेन्टी मैच में भी श्रीलंका को पराजय का सामना करना पड़ा. हालाँकि इस मैच की कप्तानी दिलशाद लितकरत्ने ने की थी और जयवर्धने को ख़राब फ़ार्म की वजह से टीम में जगह नहीं दी गई थी.

भारत से मिली हार के बाद महेला जयवर्धने की देश में कड़ी आलोचना हो रही है और उनके इस्तीफ़े का एलान उसी दबाब का हिस्सा माना जा रहा है.

कप्तानी के संभावित दावेदारों में दिलशाद तिलकरत्ने और कुमार संगकारा का नाम सबसे आगे है.

बेहतरीन बल्लेबाज़

जयवर्धने एक धुआंधार बल्लेबाज़ हैं और वर्ष 2006 में वे आईसीसी रैंकिंग में सबसे बेहतरीन कप्तान चुने गए थे.

आंकड़ों की बात करें तो वे श्रीलंका के सबसे कामयाब कप्तान हैं और उन्होंने टेस्ट मैचों में 62.5 प्रतिशत और वनडे एवं टवेन्टी-टवेन्टी मैचों में 57 प्रतिशत जीत दिलाई है.

इसी वजह से जयवर्धने का कहना था कि कप्तानी छोड़ने का फ़ैसला आसान नहीं था क्योंकि उन्हें अपने प्रदर्शन पर नाज़ रहा है.

जयवर्धने ने 100 टेस्ट और 299 वनडे मैच खेले हैं जिसमें उन्होंने 16 हज़ार से अधिक रन बटोरे हैं.

उन्होंने टेस्ट में कुल 24 शतक बनाए हैं जो श्रीलंका के लिए एक रिकॉर्ड है और दुनिया में छठा स्थान रखता है.