गुरुवार, 05 फ़रवरी, 2009 को 02:36 GMT तक के समाचार
भारत और श्रीलंका के बीच गुरुवार को कोलंबो में चौथा वनडे मैच खेला जाना है. भारत पहले ही पाँच वनडे की सिरीज़ 3-0 से जीत चुका है. संभावना है कि भारत इस मैच में अपने कुछ रिज़र्व खिलाड़ियों को मौका दे सकता है.
भारत लगातार आठ वनडे मैच जीत चुका है. यदि वह ये मैच जीत लेता है तो लगातार नौ वनडे जीतकर वह एक रिकॉर्ड कायम करेगा.
उधर श्रीलंका का प्रयास ये रहेगा कि वह इस वनडे को जीते और अपना खोया आत्मविश्वास वापस लाए. इसीलिए उसे अपने सबसे बेहतर खिलाड़ियों के साथ मैदान में उतरना होगा.
'नज़र रिकॉर्ड पर नहीं'
भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी कह चुके हैं, "हमारी नज़र रिकॉर्ड पर नहीं है. हम इस सिरीज़ में अब उन खिलाड़ियों को मौका देना चाहते हैं जिन्हें अब तक मौका नहीं मिला है. हम सिरीज़ 3-0 से जीत चुके हैं. हमारी प्राथमिकता है कि इस अवसर का इस्तेमाल हम नए खिलाड़ियों को मौका देकर करें."
भारत ने तीसरे वनडे में श्रीलंका को 147 रनों से हराया था और सिरीज जीती थी.
पर्यवेक्षकों के मुताबिक भारत की बल्लेबाज़ी श्रीलंकाई टीम के मुकाबले में काफ़ी बेहतर रही है और गेंदबाज़ों ने भी अनुशासन कायम रखते हुए अच्छा प्रदर्शन किया है.
'आत्मविश्वास वापस लाना ज़रूरी'
श्रीलंकाई कप्तान महेला जयवर्धने ने माना, "कई क्षेत्रों में हमें सुधार करने की ज़रूरत है. भारत जैसी मज़बूत विपक्षी टीम के ख़िलाफ़ खेलते हुए कुछ क्षेत्रों में हम ढीले रहे. हम चयनकर्ताओं से बात करेंगे."
उनका कहना था, "हमें अगले दो मैचों में अपनी सबसे बेहतरीन टीम चाहिए. ये इसलिए ज़रूरी है ताकि हम अपना आत्मविश्वास वापस ला पाएँ.."
जयवर्धने ने माना कि वे श्रीलंकाई गेंदबाज़ी से निराश हैं. तीसरे वनडे में जहाँ महारूफ़ ने सात ओवर में बिना विकेट लिए 68 रन दिए थे वहीं फ़र्नैंडो ने आठ ओवर में 63 रन देकर एक विकेट ली थी.
कुलसेखब, मेंडिस और मुरली भी कोई ख़ास प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं.